Homeराजनीतिहिंसा, नशा, अपसंस्कारों से मनुष्यता को बचाना जरूरी: जैन

हिंसा, नशा, अपसंस्कारों से मनुष्यता को बचाना जरूरी: जैन


नई दिल्ली, 18 जनवरी 2021प्रख्यात समाजसेवी एवं उद्योगपति श्री कन्हैयालाल जैन ने कहा कि हिंसा, नशा, विकृत संस्कारों पर पर काबू पाकर ही हम मनुष्यता को बचा सकते हैं। मनुष्य जब अहंकारी हो जाता है तो उसके भाव, वाणी व काया के जरिये हिंसा पैदा होती है, जो कि खतरनाक है। इससे बचना और मनुष्यता को बचाना बहुत जरूरी है। इस कार्य में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा-दिल्ली को सक्रिय भूमिका निभानी है। श्री जैन मुख्य अतिथि के रूप में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा-दिल्ली के शपथ ग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए बोल रहे थे।जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा दिल्ली के नवसत्र 2020-22 हेतु नवमनोनीत अध्यक्ष श्री जोधराज बैद, पदाधिकारीगण एवं कार्यकारिणी सदस्यगण का शपथग्रहण समारोह अणुव्रत भवन के सभागार में समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ। निवर्तमान अध्यक्ष श्री तेजकरण सुराणा ने श्री जोधराज बैद को अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। समाजसेवी एवं उद्योगपति श्री कन्हैयालाल पटावरी ने पदाधिकारियों और कार्यसमिति सदस्यों को अध्यक्ष श्री जोधराज बैद ने शपथ दिलाई। समारोह में श्री के. एल. जैन, श्री के. सी. जैन, मुख्य न्यासी-अ.भा. अणुव्रत न्यास, महासभा उपाध्यक्ष श्री सुखराज सेठिया, महासभा दिल्ली प्रभारी श्री के. के. जैन, न्यासी श्री जसराज मालू, दिल्ली सभा के निवर्तमान अध्यक्ष श्री तेजकरण सुराणा, अणुव्रत भवन व्यवस्थापक न्यासी श्री शान्ति जैन, श्री अशोक संचेती, दिल्ली महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती निर्मला कोठारी, अणुव्रत समिति अध्यक्ष डॉ पी. सी. जैन, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के अध्यक्ष डॉ. कांति श्यामसुखा, तेयुप अध्यक्ष श्री प्रवीण डुंगरवाल, भारतीय जैन संगठन-दिल्ली के अध्यक्ष श्री प्रदीप संचेती एवं ओसवाल समाज अध्यक्ष श्री बाबूलाल दुगड़ ने अपने विचार रखंे।जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष श्री सुरेश गोयल ने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण के नेतृत्व में समूचे राष्ट्र में अहिंसा की स्थापना के अनूठे प्रयोग हो रहे हैं। उन्होंने भाव की शुद्धि को ही अहिंसा बताया। पूर्व इनकम टैक्स कमिश्नर  एवं अणुव्रत न्यास के प्रबंध न्यासी श्री के. सी. जैन ने कैसे भगवान महावीर ने मन को शुद्ध रखने के उपाय बताए हैं, इस पर प्रकाश डाला। उन्होंने आचार्य श्री तुलसी, आचार्य श्री महाप्रज्ञ एवं आचार्य श्री महाश्रमण की जीवन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने अहिंसा को प्रायोगिक रूप देकर समाज को नई दिशा दी। उन्होंने प्रेक्षाध्यान की चर्चा करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता को संतुलित एवं सात्विक जीवन का प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक प्रयत्न किये जा रहे हैं। जिनमें दिल्ली सभा की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।जूम के माध्यम से महासभा अध्यक्ष श्री सुरेश गोयल एवं समाज भूषण श्री मांगीलाल सेठिया ने अपने विचार रखे एवं  नवमनोनीत अध्यक्ष श्री जोधराज बैद को बधाई संप्रेषित की। मंगलाचरण सुरेंद्र नाहटा, ललित लुनिया एवं हीरालाल गेलड़ा ने मधुरता से सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला मंडल सदस्या श्रीमती शिल्पा बैद एवं रचना मालू की शानदार प्रस्तुति रही।

डॉ धनपत लूणिया ने अध्यक्ष श्री जोधराज बैद को साफा पहनाकर उनका सम्मान किया। संघ प्रभावना पर बहुत ही सुंदर गीत मनोज नाहर और जयसिंह दुगड़ ने गाया। श्री प्रमोद घोड़ावत ने बहुत ही सुंदर व कुशलता से मंच संचालन किया। संगठन मंत्री श्री अशोक संचेती ने आभार ज्ञापन किया।

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