बज़्म ए जिगर द़ारा मिनी मुशायरे मै मेराज बिजनौरी फरहत जमॉ खॉ अवार्ड से सम्मानित. फरहत तुम्हारी मौत का सब को मलाल है… बज्म ए जिगर नजीबाबाद की ओर से मोहल्ला नवाबपुरा मै याद ए फरहत ज़मॉ खॉ एक मिनी मुशायरे व सम्मान समारोह का आयोजन शायर शादाब ज़फर शादाब के निवास पर बीती रात किया गया.देर रात तीन बजे तक चले मिनी मुशायरे मै शायरो ने ग़ज़लो के माध्यम से स्व: फरहत जमॉ खा को श्रृदॉजलि पेश की वही देश के मौजूदा हालात पर शेर पेश कर श्रोताओ को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हिन्दुस्तान के मशहूर शायर मौसूफ अहमद वासिफ ने कहा कि फरहत जमॉ खॉ बहुत छोटी उम्र मै दुनिया छोड कर चले गये मगर वो अपनी बेहतरीन ग़ज़लो के माध्यम से हमेशा हमारे दिलो मै जिन्दा रहेगे. मिनी मुशायरे का आगाज़ अकरम जलालाबादी की नात ए पाक से किया गया. ग़ज़ल के दौर मै मेज़बान शादाब ज़फ़र शादाब ने कहा..कैसे हुआ ये सब की ज़ुबा पर सवाल है.फरहत तुम्हारी मौत का सब को मलाल है. शकील अहमद वफा जलालाबादी ने कहा..दोस्त कोशिश मै है मिटाने की.लग गई है नज़र जमाने की. कोटद़ार से आये मेहमान शायर साजिद कोटद़ारी ने कहा…कुछ भी तो इन्तेज़ाम कफन का नही मिला.जेबे हुनर मै एक भी सिक्का नही मिला. सम्मानित शायर मेराज बिजनौरी ने कहा..खुशी ऐसे हमे हर पल तुम्हारा प्यार देता है.के जैसे छोटे बच्चे को खुशी इतवार देता है. डा.तैय्यब जमाल ने कहा…ग़म से सभी निजात दे अफजाल भी बना.बेटे को दे तो उस को तू अफज़ाल भी बना. मुख्तार अहमद शाद ने कहा..मुश्किले आसा बनाता है शऊरे जिन्दगी.पर बडी मुश्किल से आता है शऊरे जिन्दगी. मुशायरे की सदारत कर रहे शायर मौसूफ अहमद वासिफ ने कहा..अपने मॉ जाये से नफरत करने मै.इज़्ज़त तो तेरी भी भाई जाती है. डा.बेगराज यादव ने कहा..सपने नये लेकर वो चल रही होगी.कर के श्रृंगार वो मचल रही होगी. शमशाद अहमद ने पढा.हो गया बेवफा जहॉ सारा.उड गई यू वफा जमाने से. अकरम जलालाबादी ने कहा..अमां मै रख खुदा इस गुलसिता को.बुलन्दी कर अता हिन्दोस्ता को. सरफराज़ अहमद साबरी ने पढा.पहली नज़र मै वे मेरे दिल मै उतर गया.पागल बना गया मुझे दिवाना कर गया. काज़ी विकाउल हक ने कहा.मानूस अगर हम से ज़माने भी नही है.मोहताजे बया मेरा फसाना भी नही है. नबील अब्बास ने कहा.दाग ए दिल हम को याद आने लगे.लोग अपने दिये जलाने लगे. इन के अलावा नौशाद अहमद शाद,उबेद अहमद,अहमद सय्यद,इसरार मिर्जा,हाफिज शादाब मुल्तानी आदि ने कलाम पेश किया.कार्यक्रम के अंत मै मेराज बिजनौरी को सस्था की ओर से फरहत जमॉ खॉ अवार्ड प्रदान किया गया. मिनी मुशायरे मै रफत जमॉ खॉ.हसीन खॉ एडवोकेट,शजर तैय्यब,नुसरत उल्ला खॉ,मरगूब हुसैन नासिर,मिसेस फरहत जमॉ खॉ,मरियम फरहत,नजम खॉ,मुकीम कुरैशी,सय्यद दानिश अली,नफीस अहमद,अफज़ाल कुरैशी,अजमल खॉ,अफशान सलमानी,डी.के खॉन,अज़ीज अहमद ,मोनिस खॉ,जुबैर खॉ,कामरान नज़मी,हैदर नज़मी,हुमाम नज़मी,काशिफ एडवोकेट,अदीब शादाब आदि मौजूद रहे.कार्यक्रम का सफल संचालन अलताफ रज़ा खॉ व अध्यक्षता मौसूफ अहमद वासिफ ने की.मुख्यअतिथि अबरार सलमानी व डा.बेगराज यादव रहे कार्यक्रम के अंत मै मेजबान शादाब ज़फर शादाब ने मिनी मुशायरे को सफल बनाने के लिये सभी मेहमान व मकामी कवि,शायरो का आभार व्यक्त किया.

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