विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जावे।—डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा

जयपुर। राष्ट्रीय आदिवासी-इंडीजीनियश धर्म समन्वय समिति, राजस्थान के मुख्य प्रांतीय संयोजक डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर मांग की है कि  09 अगस्त, विश्व आदिवासी दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जावे और राजस्थान परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के समस्त आदिवासियों को मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की जावे। जिससे प्रदेशभर के आदिवासी विश्व आदिवासी दिवस का उत्सव उत्साहपूर्वक मना सकें।
मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र में डॉ. मीणा ने लिखा है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ की पहल पर प्रतिवर्ष 9 अगस्त को संसार की 6 फीसदी इंडीजीनियश आबादी के हितों के संरक्षण हेतु वैश्विक स्तर पर, विश्व आदिवासी दिवस (World Indigenous Day) मनाया जाता है। राजस्थान में तकरीबन 13 फीसदी आदिवासी-इंडीजीनियश-स्वदेशी लोगों की आबादी निवास करती है। आजादी के सात दशक बाद भी भारत के मूलवासी अर्थात आदिवासियों के हितों के सरंक्षण हेतु राजस्थान सरकार द्वारा कोई विशेष दिवस या सप्ताह नहीं मनाया जाना अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार को आदिवासियों के हितों की कितनी चिंता है?
डॉ. मीणा ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आगे लिखा है कि आप तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं, मगर आपकी ओर से विश्व आदिवासी दिवस के दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा नहीं किया जाना, इस बात का प्रमाण है कि आपकी सरकार और व्यक्तिगत रूप से आप आदिवासियों के ऐतिहासिक सारोकारों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। अत: मैं यह लिखने को विवश हूं कि देश और प्रदेश में उन समुदायों के संरक्षण हेतु एकाधिक राष्ट्रीय और सार्वजनिक अवकाश घोषित किये हुए हैं, जिनकी कुल आबादी आदिवासियों से दशांश भी नहीं है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राष्ट्रीय तथा प्रादेशिक स्तर पर सरकारें भारत के मूलवासी आदिवासियों के प्रति सद्भाव नहीं रखती हैं! जो लोकतंत्र के भविष्य के लिये शुभ संकेत नहीं है।
पत्र के अंत में डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि आप से विशेष आग्रह है कि आदिवासी समुदायों में व्याप्त असंतोष को ध्यान में रखते हुए तत्काल विश्व आदिवासी दिवस अर्थात 9 अगस्त को हमेशा के लिये सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाकर, राजस्थान परिवहन निगम की बसों में समस्त राज्य के आदिवासियों को निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान करके प्रदेशभर के आदिवासियों को विश्व आदिवासी दिवस का उत्सव मनाने में सहयोग प्रदान किया जावे। आशा है कि आप अविलम्ब निर्णय लेकर सार्वजनिक घोषणा करेंगे।
पत्र की प्रतिलिपिः प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और सोशल मीडिया पर प्रकाशन एवं प्रसारण हेतु जारी की गयी है। जिसे अधिकाधिक शेयर किया जाकर सरकार पर दबाव बढाया जावे।
डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणामुख्य प्रांतीय संयोजक, राष्ट्रीय आदिवासी-इंडीजीनियश धर्म समन्वय समिति, राजस्थान 9875066111, 02.07.2019                     

Leave a Reply

30 queries in 0.151
%d bloggers like this: