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सीपीसीबी चार महीने में एक बार एकत्र करे ओखला संयंत्र के इर्द-गिर्द की वायु का नमूना

सीपीसीबी चार महीने में एक बार एकत्र करे ओखला संयंत्र के इर्द-गिर्द की वायु का नमूना

राष्ट्रीय हरित अधिकरण :एनजीटी: ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड :सीपीसीबी: को ओखला में अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के संयंत्र के आसपास की हवा का चार महीने में एक बार नमूना लेने और उसकी गुणवत्ता का विश्लेषण करने का निर्देश दिया है।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अगुवाई वाली पीठ ने दो फरवरी के अपने आदेश में संशोधन किया है। अधिकरण ने दो फरवरी को सीपीसीबी और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से हर महीने नमूने इकट्ठा करने को कहा था।

सीपीसीबी ने दलील दी थी कि इस काम पर आने वाले खर्च और उसके पास डायऑक्सिन और फरनास जैसे जहरीले रसायनों के विश्लेषण का तंत्र नहीं होने के कारण चार महीने में एक बार नमूने का संग्रह और विश्लेषण किया जा सकता है।

पीठ ने कहा, ‘‘हम इस अनुरोध को मानते हैं। ’’ अधिकरण ने पहले ओखला के इस संयंत्र को चलने की अनुमति दी थी और कहा था कि उसे बंद करने या स्थानांतरित करने की जरुरत नहीं है क्योंकि यह फिलहाल गैर प्रदूषणकारी है लेकिन उसने उसे अतीत में अपने त्रुटिपूर्ण संचालन को लेकर 25 लाख रुपये के पर्यावरण हर्जाने का भुगतान करने का निर्देश दिया था। सुखदेव विहार के निवासियों ने अर्जी लगायी थी कि संयंत्र से जहरीली गैस निकलती है जो उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं।

( Source – PTI )

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