नागरिकता संशोधन क़ानून बनाम राष्ट्र विरोधी ताक़तें : हिन्दू संघर्ष समिति

नागरिकता संशोधन क़ानून बनाम राष्ट्र विरोधी ताक़तें , इस विषय पर हिन्दू संघर्ष समिति ने
आज नई दिल्ली स्थित कंस्टीट्यूशन क्लब में सिटिज़न अमेंडमेंट ऐक्ट CAA के समर्थन में एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली के प्रभारी श्याम जाजू जी ,
मुख्य वक्ता के तौर पर नई दिल्ली कीं सॉंसद श्रीमति मीनाक्षी लेखी तथा विशेष अतिथि के तौर पर पूर्व कृषि व महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमति कृष्णा राज रही ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन कोल इंडिया लिमिटेड डा० एम पी नारायणन ने की तथा कार्यक्रम का संयोजन हिन्दू संघर्ष समिति की महामंत्री सुश्री दीक्षा कौशिक ने किया । इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में भाजयुमो के राष्ट्रीय सचिव अनूप ऐ . जे . व जामिया व जे.एन.यू के वो छात्र और शिक्षक भी भारी मात्रा में आये जो नागरिकता संशोधन क़ानून का पुरज़ोर समर्थन करते है ।
इस अवसर पर जामिया के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष, शुभम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम यहॉं ये बताने आये हैं कि जामिया के सभी छात्र और शिक्षक इस क़ानून का विरोध नहीं कर रहे , बल्कि हम जैसे कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसका पुरज़ोर समर्थन कर रहे है, ये बात और है कि मुख्यधारा का मीडिया हमारा पक्ष रखने में कोताही बरत रहा है ।
हिन्दू संघर्ष समिति की महामंत्री दीक्षा कौशिक ने कहा कि बिना वजह प्याली में तूफ़ान उठाया जा रहा है , ये कुछ ऐसा है कि एक लड़की पुलिस स्टेशन जाकर अपने पति और सास पर मारपीट और दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाने जाती है
थानेदार द्वारा पति व सास का नाम पूछने पर कहती हैं कि मेरी तो अभी तक शादी नहीं हुई है पर मुझे पक्का विश्वास है कि मेरा भावी पति और सास मुझे हर हाल में मारेंगे – पीटेंगे । अब थानेदार अपना माथा ना पीटे तो क्या करे ?
इस अवसर पर श्री श्याम जाजू ने वर्तमान परिदृश्य पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व माननीय गृहमंत्री अमित शाह के फ़ौलादी इरादों को जाहिर करते हुये कहा कि राष्ट्रविरोधी और विदेशी ताक़तों की इस साज़िश पर सरकार निगाह रखे हुये है
सरकार सब पर निगाह रखे हुए हैं चाहे वो पॉपुलर फ़्रंट ऑफ़ इंडिया हो , अर्बन नक्सल हो या आई. एस. आई . के छुपे हुये एजेंट हो । हम उनका बिल से निकलने का इंतज़ार कर रहे थे , जल्दी ही उन्हें सबूतों के साथ क़ानून के कटघरे में खड़ा किया जायेगा ।
इस अवसर पर श्रीमति मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस पार्टी के दोगेलेपन को उजागर करते हुये कहा कि इस बिल का प्रारूप कॉंग्रेस सरकार ने ही तैयार किया था नेशनल पापुलेशन रजिस्टर भी उन्होंने आगे बढ़ाया था , अब हमने उस पर मुहर लगा दी तो उनके पेट में दर्द होने लगा । पाकिस्तान और बांग्लादेश के ही जनसांख्यिकी ऑंकडे बताते हैं कि एक बहुत ही बड़े पैमाने पर वहॉं पर अल्पसंख्यकों की संख्या लगातार घटती गई । ये ऑंकडे तो एक बड़े नरसंहार की और सबूतों के साथ इशारा करते है और उससे भी पिछले सत्तर सालो में इसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर उठा नहीं पाये जबकि वो कश्मीर के मामले में पूरी दुनिया में भ्रम फैलाते रहे ।
इस अवसर पूर्व केन्द्रीय मंत्री कृष्णा राज ने कहा जो दलित नेता जय भीम – जय मीम का नारा देते है, उन्हें मैं पाकिस्तान के पहले क़ानून मंत्री जोगिंदर नाथ मंडल का हश्र याद दिलाना चाहती हूँ ।जो दलित नेता इस क़ानून का विरोध कर रहे हैं, उन्हें शर्म से डूब मरना चाहिए क्योंकि उन्हें पाकिस्तान और बांग्लादेश जिन हिन्दूओ की अस्मत और जान माल व धर्म ख़तरे में है , उनमें से नब्बे प्रतिशत दलित हिन्दू है अत: मैं सभी दलित नेताओं से अपील करती हूँ कि अपने निहित राजनैतिक स्वार्थों हेतु इतना बड़ा पाप मत करो ।

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