हमारी वजह से बढ़ी है अमेठी में राहुल की आमद : स्मृति

हमारी वजह से बढ़ी है अमेठी में राहुल की आमद : स्मृति
हमारी वजह से बढ़ी है में राहुल की आमद : स्मृति

केन्द्रीय मंत्री ने अमेठी से सांसद, कांग्रेस उपाध्यक्ष पर तंज करते हुए कहा कि उनके तथा भाजपा नेताओं के लगातार दौरों की वजह से राहुल का अमेठी में आना-जाना बढ़ा है और क्षेत्रीय जनता का अपने सांसद से मोहभंग हो रहा है।

कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले अमेठी के दो दिवसीय दौरे पर आयीं केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा कपड़ा मंत्री स्मृति ने कल संवाददाताओं से कहा ‘‘मैंने अमेठी और देश की जनता से वादा किया था कि मैं अमेठी का इतना ज्यादा दौरा करूंगी कि यहां की जनता राहुल गांधी को भी पहले के मुकाबले ज्यादा वक्त तक अपने बीच पाएगी।’’ उन्होंने दावा किया कि राहुल का पिछले सप्ताह हुआ तीन दिवसीय अमेठी दौरा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के आज के दौरे को देखते हुए ही तय किया गया था।

स्मृति ने वर्ष 2014 के लोकसभा के चुनाव में अमेठी सीट से राहुल को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि वह जीत नहीं सकी थीं लेकिन उन्हें मिले समर्थन की वजह से राहुल की जीत का अंतर वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में तीन लाख 70 हजार मतों के मुकाबले भारी गिरावट के साथ एक लाख सात हजार वोट ही रह गया था। पराजय के बाद भी अमेठी में स्मृति की आमद-रफ्त जारी है और वह यहां विभिन्न विकास योजनाओं को धरातल पर उतारती नजर आयी हैं।

केन्द्रीय मंत्री ने कल एक पूर्व कांग्रेस विधायक तथा करीब 70 ग्राम प्रधानों के भाजपा में शामिल होने का जिक्र करते हुए कहा कि वे सभी अपनी उपेक्षा से नाराज थे। उन लोगों ने विकास की उम्मीद में कांग्रेस को समय दिया। उन्हें खासकर राहुल गांधी के नेतृत्व से आस थी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और अपमान की वजह से अमेठी की जनता का राहुल से मोहभंग हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे संकेत मिलता है कि जो व्यक्ति पूरे देश को विकास के सब्जबाग दिखा रहा था, वह अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र तक में विकास करने में नाकाम रहा। यह दिखाता है कि अगर अमेठी के लोग किसी दूसरी पार्टी की तरफ देख रहे हैं, तो वह भाजपा ही है।’’ केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांग्रेसनीत पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की योजनाओं का उद्घाटन किये जाने के राहुल के आरोप पर स्मृति ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहीं ना कहीं यह स्वीकार कर लिया है कि उन्हें सपने दिखाने की आदत है, वहीं भाजपा के पास अपने वादों को पूरा करने की ताकत है।

( Source – PTI )

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