Posted On by &filed under राष्ट्रीय.


नई दिल्ली : वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने ‘कांग्रेस मुक्त अभियान’ की थी और तत्कालिक सत्तारूढ़ कांग्रेस नीत यूपीए सरकार को हार का स्वाद चखाया था। इसके बाद अपने इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस के हाथ से कई राज्यों की भागदौड़ भी छीनी थी। अपने इस अभियान के लगभग 4 साल बाद अब भाजपा ने अपने इस अभियान का मतलब साफ़ किया है। अमित शाह ने यह बयान छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए दिया।दरअसल, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी के ‘कांग्रेस मुक्त अभियान’ का अर्थ समझाया है। इसके साथ ही भाजपा अध्यक्ष ने यह भी लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका का अर्थ भी बताया। अमित शाह ने पार्टी के ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ अभियान पर से पर्दा उठाते हुए कहा कि इसका मतलब कांग्रेस का अस्तित्व खत्म करना नहीं, बल्कि देश को कांग्रेस की संस्कृति से मुक्त करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए विपक्ष का होना बहुत जरूरी है।अपने सम्बोधन में राहुल गांधी का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दिये गये उनके कुछ बयानों को राहुल गांधी पर निजी हमले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सिर्फ कुछ सवाल पूछे थे और मैंने उनका जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के बिना लोकतंत्र की कल्पना संभव नहीं है, ये अलग बात है कि कांग्रेस इस वक्त सिकुड़ती जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *