Posted On by &filed under क़ानून.


शीर्ष अदालत में 62, 657 मामले लंबित

शीर्ष अदालत में 62, 657 मामले लंबित

केंद्र सरकार ने आज बताया कि उच्चतम न्यायालय में 62, 657 मामले लंबित हैं और इसके साथ ही विभिन्न उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के 477 पद खाली हैं। इसके साथ ही देश में दस लाख की आबादी पर 18 जज हैं।

विधि एवं न्याय तथा इलेक्ट्रोनिक एवं सूचना तकनीक राज्य मंत्री पी पी चौधरी ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में आज यह जानकारी देते हुए बताया कि 30 जून 2016 की स्थिति के अनुसार उच्चतम न्यायालय में 62, 657 मामले लंबित हैं।

उन्होंने साथ ही बताया कि जिला और अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक अधिकारियों की अनुमोदित संख्या को वर्ष 2012 में 17, 715 से बढ़ाकर दिसंबर 2015 में 20, 502 तक कर दिया गया है।

चौधरी ने बताया कि इसी प्रकार उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की संख्या को जून 2014 में 906 से बढ़ाकर जून 2016 में 1079 कर दिया गया।

मंत्री ने बताया कि जिला और अधीनस्थ अदालतों में 31 दिसंबर 2015 की स्थिति के अनुसार न्यायाधीशों के 4432 पद रिक्त पड़े हैं।

उन्होंने साथ ही बताया कि 31 दिसंबर 2015 की स्थिति के अनुसार देश की विभिन्न अदालतों में कुल 38, 70, 373 मामले लंबित हैं जिनमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सबसे अधिक लंबित मामले हैं। इस अदालत में ऐसे मामलों की संख्या 9, 18, 829 है।

चौधरी ने साथ ही बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में प्रति दस लाख की आबादी पर 18 न्यायाधीश या न्यायिक अधिकारी हैं।

( Source – पीटीआई-भाषा )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *