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मुझे मंत्री पद से हटाना हुआ गलत साबित : गौर

मुझे मंत्री पद से हटाना हुआ गलत साबित : गौर

भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर ने आज दावा किया कि उम्र के फॉमूले के तहत उन्हें मध्यप्रदेश के मंत्रिमंडल से पिछले साल हटाया जाना ‘पूरी तरह से गलत’ साबित हुआ है।

भाजपा प्रदेश इकाई ने पिछले साल जून में बाबूलाल गौर एवं सरताज सिंह से उम्र के फॉमूले पर कहा था कि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की भाजपानीत सरकार से इस्तीफा दे दें, जिसके बाद इन दोनों तत्कालीन मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था और मंत्रिमंडल से बाहर हो गये थे।

गौरतलब है 75 वर्ष की आयु से अधिक वाले व्यक्ति को भाजपा टिकट पर चुनाव नहीं लड़ने देने के सवाल पर शाह ने अपने तीन दिवसीय भोपाल प्रवास के दौरान संवाददाताओं को बताया था, ‘‘75 वर्ष पार वालों को चुनाव नहीं लड़ना है। ऐसा कोई नियम या परम्परा भाजपा की नहीं है। वे चुनाव लड़ सकते हैं।’’ 88 वर्षीय गौर ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अब शाह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा में चुनाव लड़ने के लिए कोई उम्र की सीमा तय नहीं की गई है। इसलिए चौहान द्वारा अपने मंत्रिमंडल से पिछले साल मुझे हटाया ‘पूरी तरह से गलत’ साबित हुआ है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह पूरी तरह से मुख्यमंत्री का मैंनेजमेंट था।’’ गौर ने कहा कि यदि चौहान ने स्वयं उनसे मंत्रीपद छोड़ने को कहा होता तो वह खुशी-खुशी से पद छोड़ देते।

उन्होंने कहा, ‘‘जब लाल कृष्ण आडवाणी ने करीब 12 साल पहले मध्यप्रदेश भाजपा विधायक दल का नया नेता चुनने के लिए मुख्यमंत्री पद से मुझे त्यागपत्र देने को कहा था, तब मैंने किसी देरी के इस्तीफा दे दिया था।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या वह दोबारा शिवराज मंत्रिमंडल में आना चाहते हैं, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं पार्टी का आभारी हूं कि इसने मुझे मेरी जीवनकाल में बहुत कुछ दिया है।’’ गौर ने बताया, ‘‘अब मैं कैबिनेट में जगह पाने के लिए अनुरोध नहीं करूंगा।’’ गोविंदपुरा सीट से 10 बार लगातार विधायक रहने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मैं अपने को मंत्रिमंडल में फिर से शामिल करने के लिए चौहान पर दबाव नहीं बनाऊंगा।’’ हालांकि, उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, ‘‘तुम ही ने दर्द दिया, तुम ही दवा भी दोगे।‘‘ इसी तरह से सरताज सिंह (76) ने भी कहा, ‘‘चुनाव लडने की उम्र संबंधी समय सीमा की गलतफहमी को शाह ने स्पष्ट कर दिया है। अब मुख्यमंत्री पर है कि वह इस पर फैसला लें।’’ जब उनसे सवाल किया गया कि क्या आपकी दोबारा कैबिनेट मंत्री बनने की इच्छा है, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं अब नहीं बनूंगा।’’ 75 पार के इस फार्मूले के आधार पर ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर और पूर्व मंत्री सरताज सिंह को चौहान ने पिछले साल मंत्री पद से हटाया था।

हालांकि गौर और सिंह को मंत्रिमंडल से हटाने के सवाल पर शाह ने कहा था, ‘‘मंत्रिमंडल में किसी को रखना है या नहीं, यह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का अधिकार है।’’

( Source – PTI )

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