लेख

सम्पर्क, सूचना और संचार समझाये विचार

चंद्र मोहन

“संपर्क सूचना और संचार” का मतलब है वह जानकारी (जैसे फ़ोन नंबर, ईमेल, पता) और तरीके (जैसे फ़ोन, इंटरनेट, सोशल मीडिया) जिनका उपयोग लोगों और संगठनों के बीच जानकारी, विचारों और भावनाओं के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और दूरसंचार (Telecom) जैसी प्रौद्योगिकियां शामिल हैं, जो इसे तेज़, प्रभावी और वैश्विक बनाती हैं।

संपर्क सूचना (Contact Information)

क्या है: किसी व्यक्ति या संस्था तक पहुंचने के लिए आवश्यक विवरण।

उदाहरण:

फ़ोन नंबर (Phone Number)

ईमेल पता (Email Address)

भौतिक पता (Physical Address)

सोशल मीडिया हैंडल (Social Media Handles)

संचार (Communication)

क्या है: संदेशों, विचारों और सूचनाओं का आदान-प्रदान करने की प्रक्रिया।

प्रकार (Types):

मौखिक: बोलकर (बातचीत, फोन कॉल)।

गैर-मौखिक: हाव-भाव, शारीरिक भाषा (Body Language)।

लिखित: लिखकर (पत्र, ईमेल, मैसेजिंग ऐप्स)।

दृश्य: चित्र, वीडियो, ग्राफिक्स के माध्यम से।

सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (Information and Communication Technology – ICT)

परिभाषा: यह एक व्यापक शब्द है जिसमें टेलीफोन, वायरलेस सिग्नल, कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट का एकीकरण शामिल है, जिससे सूचना तक पहुंच आसान हो जाती है।

उदाहरण: ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, मैसेजिंग ऐप्स (WhatsApp, Telegram), इंटरनेट, सोशल मीडिया (Facebook, Instagram)।

महत्व (Importance):

सूचना का त्वरित आदान-प्रदान।

शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार में सुधार।

सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण (e-Governance)।

संक्षेप में, “संपर्क सूचना” वह क्या है (विवरण) और “संचार” वह कैसे (तरीका) है, और ICT उन तकनीकों को जोड़ता है जो इन दोनों को आधुनिक दुनिया में शक्तिशाली बनाती हैं।

संपर्क सूचना (Contact Information) व्यक्ति या संगठन से जुड़ने के लिए आवश्यक विवरण (जैसे फ़ोन नंबर, ईमेल, पता) है जबकि संप्रेषण (Communication) विचारों, भावनाओं और जानकारी के आदान-प्रदान की प्रक्रिया है जिसमें मौखिक, लिखित और गैर-मौखिक तरीके शामिल हैं, और आजकल सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी (ICT) इन प्रक्रियाओं को डिजिटल उपकरणों (जैसे इंटरनेट, मोबाइल) से सुगम बनाती है.

संपर्क सूचना (Contact Information)

क्या है: वह जानकारी जो आपको किसी व्यक्ति, व्यवसाय या संस्था से संपर्क करने में मदद करती है.

उदाहरण: फ़ोन नंबर, ईमेल पता, भौतिक पता, सोशल मीडिया हैंडल.

महत्व: व्यावसायिक और व्यक्तिगत ज़रूरतों के लिए संवाद, पूछताछ और आपात स्थिति के लिए आवश्यक है.

संप्रेषण (Communication)

क्या है: विचारों, भावनाओं और जानकारी का आदान-प्रदान करने की प्रक्रिया.

प्रकार:

मौखिक (Verbal): बोलकर (जैसे टेलीफोन कॉल).

लिखित (Written): लिखकर (जैसे ईमेल, मैसेज).

गैर-मौखिक (Non-Verbal): शारीरिक भाषा, हाव-भाव, इशारे.

महत्व: रिश्ते बनाने, विचारों को साझा करने और समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण है.

सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी (Information & Communication Technology – ICT)

क्या है: सूचनाओं को बनाने, प्रसारित करने, स्टोर करने और साझा करने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण और तकनीक.

उदाहरण: कंप्यूटर, मोबाइल फोन, इंटरनेट, ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, सैटेलाइट सिस्टम.

भूमिका: आधुनिक जीवन, शिक्षा और व्यापार का एक अभिन्न अंग बन गया है, जिससे संचार तेज़ और आसान हो गया है.

सूचना (Information), संपर्क (Communication), और जनसंप्रेषण (Public Relations/Mass Communication) एक-दूसरे से जुड़े हैं, जहाँ सूचना को लोगों तक पहुँचाने (संप्रेषण) और जनता से जुड़ाव बनाने (जनसंप्रेषण) के लिए जनसंचार माध्यमों (समाचार पत्र, रेडियो, इंटरनेट) का उपयोग किया जाता है, जिसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी देना, जनता की राय जानना और किसी व्यक्ति/संस्था की छवि बनाना है जिससे समाज में एकता और समझ बढ़ती है। 

  1. सूचना (Information)

यह तथ्य, डेटा या किसी विषय से जुड़ी जानकारी होती है जिसे साझा किया जाता है।

सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों, या किसी भी घटना की जानकारी सूचना कहलाती है।

  1. संपर्क (Communication)

यह सूचनाओं, विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान है, जो दो या दो से अधिक लोगों के बीच होता है।

यह लोगों को संगठित करने, रिश्ते बनाने और समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है।

  1. जनसंप्रेषण (Public Relations/Mass Communication)

यह जनता से सीधा संपर्क रखने और एक उद्देश्य के लिए उनकी छवि, महत्व और विश्वास बनाने की प्रक्रिया है।

जनसंप्रेषण के माध्यम (Mass Media): समाचार पत्र, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट और सोशल मीडिया जैसे उपकरणों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक सूचना पहुँचाना।

कार्य: सरकार और जनता के बीच सेतु का काम करना, नीतियों की जानकारी देना, जनता की प्रतिक्रिया जानना, और संकट के समय सही सूचना देकर छवि प्रबंधन करना।

इन तीनों का संबंध

सूचना को संप्रेषण के माध्यम से लोगों तक पहुँचाया जाता है, और जब यह बड़े पैमाने पर होता है, तो यह जनसंप्रेषण बन जाता है।

जनसंप्रेषण के लिए सूचना का होना ज़रूरी है, और प्रभावी संप्रेषण के लिए सूचना सही और स्पष्ट होनी चाहिए।

जनसंप्रेषण के उपकरण (जैसे इंटरनेट) सूचना को आसानी से सुलभ बनाते हैं और वैश्विक संचार को संभव बनाते हैं।

संक्षेप में, सूचना वह सामग्री है, संप्रेषण वह प्रक्रिया है, और जनसंप्रेषण वह व्यापक क्षेत्र है l

चंद्र मोहन