आंकड़ों के बहाने आत्मावलोकन

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विगत दिनों में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं ने दो आंकड़े जारी किए। वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस के आकलन में भारत ने 30 स्थानों की छलांग लगाई। इसे मीडिया ने जम कर कवर किया और राजनीतिक दलों ने भी इस पर अपनी सकारात्मक अथवा नकारात्मक प्रतिक्रिया खुल कर दी। एक दूसरा अचर्चित आकलन… Read more »

नोटबंदी : देश हुआ मजबूत

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सुरेश हिन्दुस्थानी केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा एक वर्ष पूर्व किए गए नोट बदली को जहां भारतीय जनता पार्टी अप्रत्याशित बताते हुए उसके लाभ बता रही है, वहीं विपक्षी दल कांगे्रस इसे त्रासदी के रुप में प्रचारित कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जारी किए एक वीडियो में जो बात कही गई है,… Read more »

आर्थ‍िक मोर्चे पर प्रधानमंत्री की तार्किक बातें

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर प्रतिपक्ष एवं अपनी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों का जिस तरह से एक के बाद एक उत्‍तर दिए हैं, उसके बाद उन सभी लोगों को अवश्‍य ही यह समझ जाना चाहिए कि केंद्र की भाजपा सरकार मोदी नेतृत्‍व में जो… Read more »

केंद्र का जीएसटी दरों पर पुनर्विचार 

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:  डॉ. मयंक चतुर्वेदी वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी दरें घटाने का जिस तरह से संकेत दिया है, उसके बाद लगने लगा है कि देश में जीएसटी लागू होने के बाद से जैसी परिस्‍थ‍ितियां केंद्र सरकार के विरोध में निर्मित हुई हैं, उनको सरकार बहुत ही गंभीरता से ले रही है। शायद सरकार को भी यह उम्‍मीद… Read more »

अर्थव्यवस्था की तस्वीर का द्वंद्व

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प्रमोद भार्गव भारतीय अर्थव्यवस्था के दो चेहरे सामने आए हैं। इनमें पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा द्वारा जो तस्वीर पेश की गई है, वह नरेद्र मोदी सरकार के पिछले 40 माह के दौरान अर्थव्यवस्था सुधारने की दृष्टि से जो निर्णय लिए गए हैं, उनके परिणामस्वरूप यह तस्वीर धंुधली है। सिन्हा ने आर्थिक सुधार के कथित हालातों… Read more »

मोदी युग में आर्थ‍िक बदलावों के दूरगामी परिणाम

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: डॉ. मयंक चतुर्वेदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में देश जिस गति के साथ आर्थ‍िक बदलाव की ओर जा रहा है, उसे लेकर जहां एक ओर उनके कार्यों को अपना समर्थन देनेवालों की कोई कमी नहीं तो दूसरी ओर ऐसे लोगों की भी एक लम्‍बी सूची है जो मोदी के आर्थ‍िक क्षेत्र में किए जा रहे… Read more »

परेशान सिर्फ गरीब होता है

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देश इन दिनों ऐसे आर्थिक संकट से जूझ रहा है जो बड़े-बड़े अर्थशास्त्री को नजर नहीं आएगा। क्योंकि जो भाषा अर्थशास्त्रीयों को समझ में आती है, वो भाषा एक गरीब मजदूर और किसान की समझ से बहुत दूर है। हाल फिलहाल भाजपा सरकार में रहे पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने वित्त मंत्री अरूण जेटली… Read more »

तेल की बढ़ती कीमतों पर मंत्री का बेतुका बयान

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संदर्भः-पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंन्द्रीय मंत्री अल्फोंस का बेतुका बयान प्रमोद भार्गव एक ओर जहां पेट्रोल एवं डीजल की रोज-रोज बढ़ती कीमतों को लेकर जनता परेशान है, वहीं केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फोंस ने तेल की कीमतों को लेकर चोंकाने वाला बयान देकर राजनीतिक हलचल को गरमा दिया है। उन्होंने कहा कि जिनके… Read more »

देश पर कम होता ऋण भार

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी ऋण को विकास के लिए जितना अधिक अपरिहार्य माना गया है, उतना ही लगातार इससे डूबे रहने को जनमानस में घोर विपत्‍ति‍कारक स्‍वीकार्य किया गया है। भारत पर आज दुनियाभर का कितना कर्ज है, यह जानकर जितनी अधिक चिंता होती है, वहीं इन दिनों इससे भी सतुष्‍टी का भाग जाग्रत होता है कि कम से… Read more »

पेट्रोल दामों पर सरकार की नीयत

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी देखते ही देखते मोदी सरकार में पेट्रोल के दाम 3 साल में सर्वाधिक हो गए,  इस दौरान क्रूड 45 फीसदी सस्ता रहा, किंतु भारतीय उपभोक्‍ताओं से पेट्रोल की कीमत कम होने के स्‍थान पर बढ़ोत्‍तरी के साथ ली गई। यह जो कीमतों का विरोधाभास है, जिसमें की एक ओर अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कीमते कम हो… Read more »