धर्म-अध्यात्म

ईश्वर अनादि काल से हमारा साथी है और हमेशा रहेगा

-मनमोहन कुमार आर्यअथर्ववेद के एक मन्त्र ‘अन्ति सन्तं न जहात्यन्ति सन्तं न पश्यति। देवस्य पश्य काव्यं न ममार न जीर्यति।।’...

जीवात्मा, ईश्वर और प्रकृति के समान अनादि, नित्य व अविनाशी सत्ता है

-मनमोहन कुमार आर्य                 हम दो पैर वाले प्राणी हैं जो ज्ञान प्राप्ति में सक्षम होने सहित बुद्धि से युक्त...

पृथिवी सहित समस्त सृष्टि को परमात्मा ने जीवात्माओं के लिये बनाया है

-मनमोहन कुमार आर्य                 हमारा यह संसार अर्थात् हमारी पृथिवी, सूर्य, चन्द्र आदि सब ग्रह-उपग्रह प्रकृति नामक अनादि सत्ता से...

ऋषि दयानन्द का निर्माण स्वामी विरजानन्द की शिक्षा ने किया

-मनमोहन कुमार आर्य                 ऋषि दयानन्द विश्व-दिग्विजयी ऋषि हैं। उन्होंने सभी मतों के आचार्यों को शंका समाधान, वार्ता तथा शास्त्रार्थ...

विश्व के प्रथम ग्रन्थ वेदों के हिन्दी में प्रचारक ऋषि दयानन्द और आर्यसमाज

धार्मिक एवं सामाजिक संस्था आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने 10 अप्रैल, सन्  1875 को मुम्बई नगरी...

सात्विक धन एवं पुण्य कर्म ही लोक-परलोक में जीवात्मा के सहायक

-मनमोहन कुमार आर्य       मनुष्य को अपना जीवन जीनें के लिए धन की आवश्यकता होती है। भूमिधर किसान तो अपने...

विश्व में ईश्वरीय ज्ञान वेद का धारक, रक्षक एवं प्रचारक आर्यसमाज है

-मनमोहन कुमार आर्यप्रश्न क्या परमात्मा है? क्या वह ज्ञान से युक्त सत्ता है? क्या उसने सृष्टि की आदि में मनुष्यों...

वेदों ने विद्या प्राप्त मनुष्यों के लिये द्विज शब्द का प्रयोग किया है

-मनमोहन कुमार आर्यसंसार में दो प्रकार के लोग हंै जिन्हें हम शिक्षित एवं अशिक्षित तथा चरित्रवान एवं चारीत्रिक दृष्टि से...

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