‘सत्यार्थ-प्रकाश लिखकर ऋषि दयानन्द ने मानव जाति का उपकार किया है’

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मनमोहन कुमार आर्य, महर्षि दयानन्द वेद, इतिहास एवं संस्कृति के मूर्धन्य विद्वान व प्रचारक थे। उन्होंने सहस्रों की संख्या में संस्कृत भाषा के प्राचीन शास्त्रीय व इतर ग्रन्थों का अध्ययन किया था और लगभग तीन सहस्र ग्रन्थों को प्रामाणिक माना था। वेद सहित ऋषि दयानन्द अष्टाध्यायी-महाभाष्य व्याकरण, निरुक्त, ब्राह्मण ग्रन्थ, दर्शन, उपनिषद, रामायण, महाभारत, चरक,… Read more »

“भ्रान्ति-निवारण पुस्तक से चुने ज्ञानवर्धक व मार्गदर्शक ऋषि-वचन”

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  –मनमोहन कुमार आर्य,  हमने इससे पूर्व ऋषि दयानन्द जी के लघु-ग्रन्थ भ्रान्ति-निवारण से 25 चुने हुए ऋषि वचनों को प्रस्तुत किया था। आज हम इसी पुस्तक के शेष ऋषि वचनों को आपके लाभार्थ प्रस्तुत कर रहे हैं।   26-  चारों वेदों में एक से दूसरा ईश्वर कहीं प्रतिपादन नहीं किया है तथा इन्द्र, अग्नि… Read more »

“देश व विश्व से क्या कभी धर्म विषयक अविद्या दूर होगी?”

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मनमोहन कुमार आर्य,  आज का युग ज्ञान व विज्ञान का युग है। ज्ञान व विज्ञान दिन प्रतिदिन उन्नति कर रहे हैं। मनुष्यों का ज्ञान निरन्तर बढ़ रहा है परन्तु जब सत्य धर्म की बात करते हैं तो हमें दो प्रकार के मत मुख्यतः ज्ञात होते हैं। एक ईश्वर व आत्मा नामी चेतन पदार्थों को मानने… Read more »

‘देश को आजाद कराने की प्रेरणा ऋषि दयानन्द ने की थी’

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-मनमोहन कुमार आर्य, भारत संसार का सबसे प्राचीन देश है। इसका मुख्य प्राचीन धर्म वैदिक-धर्म है जो ईश्वर ज्ञान वेद पर आधारित होने सहित विगत कुछ शताब्दियों से नहीं अपितु पूरे 1,96,08,53,118 वर्षों से संसार में प्रवर्तित है और आज भी अपने उज्जवल स्वरूप में विद्यमान है। आज देश व संसार में जितने मत-मतान्तर हैं… Read more »

“लघु-ग्रन्थ भ्रान्ति-निवारण में विद्यमान उपयोगी कुछ ऋषि-वचन”

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–मनमोहन कुमार आर्य,  ऋषि दयानन्द ने एक लघु-ग्रन्थ ‘भ्रान्ति–निवारण’ लिखा है। यह लघु-ग्रन्थ ऋषि दयानन्द ने पंडित महेशचन्द्र न्यायरत्न, कलकत्ता की पुस्तक ‘वेदभाष्यपरत्व प्रश्न–पुस्तक’ के खण्डन में लिखा था। ऋषि की इस लघु पुस्तक में अनेक महत्वपूर्ण वचन आये हैं जो वैदिक सिद्धान्तों के पोषक एवं उनकी सरल व्याख्या होने सहित तथ्यपूर्ण भी हैं। हमने… Read more »

“सृष्टिकर्ता ईश्वर की आज्ञाओं का प्रचारक-प्रसारक है आर्यसमाज”

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मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज एक संगठन है जिसकी स्थापना वेदों के उच्च कोटि के विद्वान, योगी व आप्त पुरुष ऋषि दयानन्द सरस्वती ने मुम्बई में 10 अप्रैल, 1875 को की थी। ऋषि दयानन्द ने अपने जीवन में सन् 1863 से आरम्भ करके सन् 1883 में मृत्यु पर्यन्त अविद्या के नाश और विद्या की वृद्धि के… Read more »

ब्रह्मा आचार्य रणजीत शास्त्री का सम्बोधन”

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मनमोहन कुमार आर्य,  वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून के यशस्वी मंत्री श्री प्रेम प्रकाश शर्मा जी द्वारा अपने निवास दून विहार, राजपुर रोड, देहरादून के समीप सनातन धर्म के राधाकृष्ण मन्दिर में आठ दिवसीय  ‘यजुर्वेद पारायण यज्ञ एवं रामकथा’ का आयोजन किया गया है। यह आयोजन 4 अगस्त, 2018 को आरम्भ हुआ था जिसका समापन… Read more »

भगवान शिव की आराधना के लिये प्रसिध्द है आगरा का कैलाश मेला

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ब्रह्मानंद राजपूत,  हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्यौहार आगरा का सुप्रसिध्द कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिध्द कैलाश मेला हर वर्ष सावन महीने के तीसरे सोमवार… Read more »

भगवान शिव की आराधना के लिये प्रसिध्द है आगरा का कैलाश मेला

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ब्रह्मानंद राजपूत हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्यौहार आगरा का सुप्रसिध्द कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिध्द कैलाश मेला हर वर्ष सावन महीने के तीसरे सोमवार… Read more »

“वेद, ईश्वर, जीवात्मा और प्रकृति के सत्य स्वरुप का प्रचार करने से आर्यसमाज मुझे प्रिय है”

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मनमोहन कुमार आर्य,  संसार में सत्य और असत्य तथा विद्या और अविद्या का अस्तित्व है और मनुष्य को दोनों का ज्ञान होना चाहिये। यदि हमें पता हो कि सत्य क्या है और विद्या क्या है तो हम उसके विपरीत व उल्टे असत्य व अविद्या को भी समझ सकते हैं। मनुष्य के मन में अनेक बार… Read more »