धर्म-अध्यात्म

“यज्ञ-स्वाध्याय-सत्संग आदि के प्रेरक महात्मा दयानन्द वानप्रस्थ”

–मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।                 महात्मा दयाननन्द जी वानप्रस्थ वैदिक साधन आश्रम तपोवन में दीर्घकाल

“क्या हमारे प्रचारकों का जीवन ऋषि दयानन्द व स्वामी श्रद्धानन्द आदि के समान हैं”

–मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।                 आर्यसमाज का उद्देश्य वेदों के सिद्धान्तों, मान्यताओं व विचारधारा का

“अंग्रेज सरकार की गुरुकुल कांगड़ी पर तिरछी नजर का प्रामाणिक विवरण”

मनमोहन कुमार आर्य,  महर्षि दयानन्द जी के प्रमुख शिष्य स्वामी श्रद्धानन्द, पूर्व नाम महात्मा मुंशीराम

“सुपात्रों को दान देने से ही दानकर्ता को जन्म-जन्मान्तर में अच्छे परिणाम मिलते हैं”

मनमोहन कुमार आर्य,  हमारे शास्त्रों में दान की महिमा बताई गई है। मनुष्यों को अपना

“परमात्मा अवतार अर्थात् कभी जन्म नहीं लेताः पं. विद्यापति शास्त्री”

मनमोहन कुमार आर्य,  आर्यसमाज धामावाला देहरादून का दिनांक 2-12-2018 का रविवारीय साप्ताहिक सत्संग सोल्लास सम्पन्न