धर्म-अध्यात्म

ईश्वर सुयोग्य व पात्र भक्त व उपासकों की प्रार्थना स्वीकार करता है”

मनमोहन कुमार आर्य                मनुष्य अपने पूर्वजन्म के कर्मों वा प्रारब्ध के अनुसार इस सृष्टि…

सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा वेदज्ञान न देता तो अद्यावधि सभी मनुष्य अज्ञानी व असभ्य होते

-मनमोहन कुमार आर्य                वर्तमान संसार अनेक भाषाओं एवं ज्ञान-विज्ञान से युक्त है। इन सब…

आर्यसमाज विश्व की प्रथम संस्था है जो संगठित वेदप्रचार से विश्व में शान्ति स्थापित होना स्वीकार करती है

-मनमोहन कुमार आर्य                आर्यसमाज वेदों के मर्मज्ञ विद्वान ऋषि दयानन्द सरस्वती द्वारा दिनांक 10…

संसार का स्वामी दुष्कर्म करने वाले सभी पापियों को यथोचित दण्ड देता है

–मनमोहन कुमार आर्य                हमारा यह ब्रह्माण्ड स्वयं नहीं बना। संसार की कोई भी उपयोगी…

मत-मतान्तरों की सत्यासत्य मान्यताओं का बिना परीक्षा किये आचरण करना उचित नहीं

–मनमोहन कुमार आर्य                सृष्टि में मनुष्य जाति का आरम्भ वर्तमान समय से 1.96 अरब…

ऋषि दयानन्द ने आर्यसमाज की स्थापना वैदिकधर्म और संस्कृति की रक्षा, प्रचार और उन्नति के लिये की थी

-आर्यसमाज के स्थापना दिवस 10 अप्रैल पर- -मनमोहन कुमार आर्य                संसार में अनेक मत–मतान्तर…