धर्म-अध्यात्म

मनुष्य जीवन की उन्नति के लिए आर्यसमाज के सत्संगों में जाना चाहिये

-मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य व समाज की उन्नति आर्यसमाज में जाने व आर्यसमाज के प्रचार के कार्यों से होती...

सृष्टिकर्ता और पालक ईश्वर कहां रहता है और क्या करता है?

-मनमोहन कुमार आर्य                 ईश्वर और उसके अन्य सभी गुण, कर्म और सम्बन्ध वाचक नाम वेदों से संसार में प्रसिद्ध...

सृष्टि की प्रलयावस्था में हम सभी जीव 4.32 अरब वर्ष तक बिना जन्म-मरण गहरी निद्रा में रहेंगे

-मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य एक चेतन आत्मा है जो अनादि, नित्य, अविनाशी तथा अमर है। यह भाव पदार्थ है।...

सृष्टि रचना एवं सभी अपौरुषेय रचनायें ईश्वर के अस्तित्व का प्रमाण हैं

-मनमोहन कुमार आर्य        हम संसार में अनेक रचनायें देखते हैं। रचनायें दो प्रकार की होती हैं। एक पौरुषेय और...

जन्म-जन्मान्तरों में हमारे सुख का आधार वैदिक शिक्षाओं का आचरण

-मनमोहन कुमार आर्यहम संसार में हमने पूर्वजन्मों के कर्मों का फल भोगने तथा जन्म-मरण के चक्र से छूटने वा दुःखों...

ईश्वर अनादि काल से हमारा साथी है और हमेशा रहेगा

-मनमोहन कुमार आर्यअथर्ववेद के एक मन्त्र ‘अन्ति सन्तं न जहात्यन्ति सन्तं न पश्यति। देवस्य पश्य काव्यं न ममार न जीर्यति।।’...

जीवात्मा, ईश्वर और प्रकृति के समान अनादि, नित्य व अविनाशी सत्ता है

-मनमोहन कुमार आर्य                 हम दो पैर वाले प्राणी हैं जो ज्ञान प्राप्ति में सक्षम होने सहित बुद्धि से युक्त...

पृथिवी सहित समस्त सृष्टि को परमात्मा ने जीवात्माओं के लिये बनाया है

-मनमोहन कुमार आर्य                 हमारा यह संसार अर्थात् हमारी पृथिवी, सूर्य, चन्द्र आदि सब ग्रह-उपग्रह प्रकृति नामक अनादि सत्ता से...

ऋषि दयानन्द का निर्माण स्वामी विरजानन्द की शिक्षा ने किया

-मनमोहन कुमार आर्य                 ऋषि दयानन्द विश्व-दिग्विजयी ऋषि हैं। उन्होंने सभी मतों के आचार्यों को शंका समाधान, वार्ता तथा शास्त्रार्थ...

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