कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म हिमालय की देवात्मा और सीमांत का स्पंदन May 29, 2026 / May 29, 2026 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment हिमालय की देवात्मा और सीमांत का स्पंदन Read more » सीमांत का स्पंदन हिमालय की देवात्मा
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लौट आई बहार भोजशाला में, मंदिर था, मंदिर रहेगा May 21, 2026 / May 21, 2026 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment भोजशाला Read more » भोजशाला भोजशाला स्थित वाग्देवी मंदिर
धर्म-अध्यात्म खण्डित सौन्दर्य की लूट May 19, 2026 / May 19, 2026 by मनोज श्रीवास्तव 'मौन' | Leave a Comment ये मूर्ति मेट्रोपॉलिटेन म्यूजियम न्यूयार्क में थी। लूटी हुई वस्तुओं की श्रेणी में, माने यह मूर्ति चोरी होकर के गई थी। अब भारत को लौटाई गई है। इस मूर्ति के मुख को जूम करके देखिए। Read more » खण्डित सौन्दर्य की लूट
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म धार से इंडोनेशिया और वॉशिंगटन तक गूंजती ज्ञान (वाग्देवी) की संस्कृति May 18, 2026 / May 18, 2026 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment धार की भोजशाला को लेकर इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और स्थानीय परंपराओं का बड़ा वर्ग इसे परमार वंश के महान राजा भोज द्वारा स्थापित मां वाग्देवी के मंदि Read more » धार स्थित भोजशाला वाग्देवी
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विधि-कानून इंदौर हाई कोर्ट का अहम फैसला – वाग्देवी का मंदिर है धार की भोजशाला May 18, 2026 / May 18, 2026 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने 15 मई 2026 को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए धार भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना है। धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर देश की सबसे बड़ी कानूनी और सांस्कृतिक बहस के केंद्र में आ गई है। इस फैसले के पीछे एएसआई की रिपोर्ट काफी अहम साबित हुई, जिसमें मंदिर से जुड़े अहम सबूत सामने आए थे। Read more » वाग्देवी का मंदिर है धार की भोजशाला
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म प्याऊ, परोपकार और भारतीय संस्कृति : खोती हुई संवेदनाओं की कहानी। May 18, 2026 / May 18, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment आखिर 'जल ही जीवन है', प्राण है। विज्ञान मानता है कि मानव शरीर का अधिकांश भाग भी जल से निर्मित है, किंतु विडंबना यह है कि आज वही पानी बोतलों में कैद होकर बाज़ार की वस्तु बन गया है। Read more » प्याऊ
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म धार की भोजशाला मंदिर है – इंदौर उच्च न्यायालय May 16, 2026 / May 25, 2026 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment हिंदुओं द्वारा पूजा जारी रही – उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि विवादित स्थल पर हिंदू पूजा की निरंतरता कभी समाप्त नहीं हुई और ऐतिहासिक दस्तावेजों और साहित्य से यह स्थापित होता है कि विवादित क्षेत्र का मूल चरित्र भेाजशला के रूप मे था जो परमार वंश के राजा भोज से जुड़ा संस्कृत शिक्षा केंद्र था। Read more » धार की भोजशाला मंदिर
धर्म-अध्यात्म काल के कपाल पर अंकित सोमनाथ की विजयगाथा May 14, 2026 / May 14, 2026 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment ऐतिहासिक विवरणियों के अनुसार 1947 में भारत की स्वतंत्रता के पश्चात लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने प्रभास की पावन भूमि पर जो संकल्प लिया, वह आधुनिक भारत के सांस्कृतिक स्वाभिमान का सूर्योदय था। 13 नवंबर 1947 को सरदार पटेल द्वारा मंदिर के पुनर्निर्माण की घोषणा की गई। मोहनदास करमचंद गांधी ने सुझाव दिया Read more » The victory story of Somnath सोमनाथ सोमनाथ की विजयगाथा
धर्म-अध्यात्म 75 वर्षों में राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बना सोमनाथ May 12, 2026 / May 12, 2026 by सौरभ वार्ष्णेय | Leave a Comment इन 75 वर्षों में सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं रहा, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता का प्रतीक बन गया। विशेष रूप से पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने तीर्थ स्थलों के विकास और धार्मिक पर्यटन को जिस प्रकार गति दी है Read more » सोमनाथ
धर्म-अध्यात्म करुणा, शांति और आत्मजागरण के प्रकाशस्तंभ हैं गौतम बुद्ध April 30, 2026 / April 30, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment गौतम बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था, वे एक राजकुमार थे, किन्तु जीवन के दुख-जरा, व्याधि और मृत्यु ने उनके अंतर्मन को विचलित कर दिया। 29 वर्ष की आयु में उन्होंने राजवैभव का त्याग कर सत्य की खोज का मार्ग अपनाया। Read more » बुद्ध पूर्णिमा
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म गौतम बुद्ध के उपदेश और आज की दुनिया में उनकी प्रासंगिकता April 30, 2026 / April 30, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment शास्त्रों के अनुसार वैशाख शुक्ल त्रयोदशी से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियों को ‘पुष्करणी तिथियाँ’ कहा जाता है। मान्यता है कि एकादशी को अमृत प्रकट हुआ, द्वादशी को भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की, त्रयोदशी को देवताओं ने अमृत का पान किया, चतुर्दशी को दैत्यों का संहार हुआ और पूर्णिमा को देवताओं को उनका राज्य पुनः प्राप्त हुआ। Read more » बुद्ध पूर्णिमा
धर्म-अध्यात्म भगवान नृसिंह : श्रीहरि के दिव्य अवतार, भक्तों के पालनहार April 29, 2026 / April 29, 2026 by प्रदीप कुमार वर्मा | Leave a Comment इसी दौरान हिरण्यकश्यप की पत्नी कयाधु ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम 'प्रह्लाद' रखा गया। एक राक्षस कुल में जन्म लेने के बाद भी प्रह्लाद में राक्षसों जैसे कोई भी दुर्गुण मौजूद नहीं थे। प्रह्लाद भगवान नारायण का भक्त था। उसकी प्रजा भी अब भगवान विष्णु की पूजा करने लगी थी। Read more » Lord Narasimha: The divine incarnation of Lord Hari भगवान नृसिंह