धर्म-अध्यात्म

सद्धर्म वेद की रक्षा एवं अविद्या दूर करना आर्यसमाज का मुख्य उद्देश्य

-मनमोहन कुमार आर्य       ऋषि दयानन्द इतिहास में सत्य के आग्रही अनुपमेय महापुरुष थे। उन्होंने अपने जीवन में सत्य को...

ऋषि दयानन्द वेदज्ञान द्वारा सब मनुष्यों को परमात्मा से मिलाना चाहते थे

मनमोहन कुमार आर्यमहाभारत के बाद ऋषि दयानन्द ने भारत ही नहीं अपितु विश्व के इतिहास में वह कार्य किया है...

सर्व प्राचीन वैदिक धर्म का आधार ईश्वर और उसका ज्ञान वेद

-मनमोहन कुमार आर्यसंसार में अनेक मत-मतान्तर प्रचलित हैं जो अपने आप को धर्म बताते हैं। क्या वह सब धर्म हैं?...

विश्व को वेदों से मिला आत्मा की अमरता व पुनर्जन्म का सिद्धान्त

-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य जीवन का उद्देश्य ज्ञान की प्राप्ति कर सत्य व असत्य को जानना, असत्य को छोड़ना, सत्य को...

जीवात्मा के भीतर व बाहर व्यापक परमात्मा को जानना हमारा मुख्य कर्तव्य

-मनमोहन कुमार आर्यसंसार में अनेक आश्चर्य हैं। कोई ताजमहल को आश्चर्य कहता है तो कोई लोगों को मरते हुए देख...

वैदिक साहित्य के प्रमुख प्राचीन ग्रन्थ विशुद्ध-मनुस्मृति का महत्व

-मनमोहन कुमार आर्यसमस्त वैदिक साहित्य में मनुस्मृति का गौरवपूर्ण स्थान है। मनुस्मृति के विषय में महर्षि दयानन्द जी ने अपने...

ईश्वर का सत्यस्वरूप हमें ऋषि दयानन्द के ग्रन्थों से प्राप्त होता है

-मनमोहन कुमार आर्यसंसार में ईश्वर की सत्ता में विश्वास रखने वाले और न रखने वाले दोनों प्रकार के मनुष्य निवास...

मनुस्मृति में किये गये प्रक्षेपों से होने वाली हानियां

-मनमोहन कुमार आर्यआर्यजगत् की प्रसिद्ध वैदिक साहित्य के शोध एवं प्रकाशन की संस्था ‘आर्ष साहित्य प्रचार ट्रस्ट, दिल्ली’ द्वारा इतिहास...

क्या संसार ऋषि दयानन्द के वैदिक सिद्धान्तों को समझ सका?

-मनमोहन कुमार आर्यमहर्षि दयानन्द (1825-1883) ने देश व समाज सहित विश्व की सर्वांगीण उन्नति का धार्मिक व सामाजिक कार्य किया...

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