आलोचना

मोदी राज में कितनी बदली भारतीय रेल …!!

इस साल मार्च में होली के दौरान उत्तर प्रदेश जाने का अवसर मिला। संयोग से इसी दौरान प्रदेश में चुनावी बुखार चरम पर था।वाराणसी से इलाहाबाद जाने के लिए ट्रेन को करीब पांच घंटे इंतजार करना पड़ा। वाराणसी से ही खुलने वाली कामायिनी एक्सप्रेस इस सीमित दूरी की यात्रा में करीब घंटे भर विलंबित हो गई। वापसी में भी कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ। प्लेटफार्मों पर किसी ट्रेन की बार – बार उद्घोषणा हो रही थी, तो कुछ ट्रेनों के मामलों में उद्घोषणा कक्ष की अजीब खामोशी थी।

सच निकली सपा में चुनावी स्क्रिप्ट की बात, साथ दिखे अखिलेश-शिवपाल

राजधानी लखनऊ में स्थित पार्टी मुख्यालय के सभागार में 104 दिन के बाद एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवापाल यादव एक साथ दिखे। बैठक में पार्टी के सभी नवनिर्वाचित 47 विधायक मौजूद थे। जसवंत नगर से समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल यादव बैठक के दौरान खामोश ही रहे।

काश! सुप्रीमो, सुप्रीम को अहमियत देते!

सोमवार को जब उन गायत्री प्रसाद प्रजापति ने पुन: मंत्री पद की शपथ ली जिन्हे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते अपने मत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था तो लोगो के मुंह से बरबस निकल पड़ा कि काश! सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव ने सुप्रीम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पूर्व के निर्णय का सम्मान किया होता।