आंकडे

लोकसभा चुनावों के बारे में तथ्य

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि नज़र आई है। 1952 के पहले आम चुनावों में 489 सीटों के लिए 1,864 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिनकी संख्या 1971 के आम चनावों में 2,784 तथा 1980 में यह संख्या बढ़कर 4,620 हो गई।

श्री वाजपेयी चार राज्यों से चुनाव जीतने वाले अकेले सांसद

भाजपा के पहले प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी अकेले सांसद थे जिन्हें चार राज्यों से चुनाव लडकर सांसद बनने का रिकार्ड बनाया था। वे अलग-अलग छह लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लडकर सांसद बन चुके हैं।

वर्ष-2004 के आम चुनावों के दिलचस्प तथ्य

• ये पहले आम चुनाव थे जिनमें मत पेटियों के स्थान पर पूरी तरह से इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग किया गया। देश में मतदाता सूची में 67,48,87,930 पंजीकृत मतदाता थे।

चौदहवीं लोकसभा (2004-2009) में दलगत स्थिति

लोकतंत्र में आम मतदाताओं का जागरूक होना जरूरी है। तभी भारत सशक्‍त लोकतांत्रिक देश बन सकता है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए हम प्रवक्‍ता डॉट कॉम पर गम्भीर, तथ्यपूर्ण एवं तर्कपूर्ण बहस को आगे बढाने की दृष्टि से प्रमुख समाचार, विश्‍लेषण और आंकडें प्रस्‍तुत कर रहे हैं-

लोकसभा चुनाव परिणाम (1951-2004) / राजनीतिक दल

लोकतंत्र में आम मतदाताओं का जागरूक होना जरूरी है। तभी भारत सशक्‍त लोकतांत्रिक देश बन सकता है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए हम प्रवक्‍ता डॉट कॉम पर गम्भीर, तथ्यपूर्ण एवं तर्कपूर्ण बहस को आगे बढाने की दृष्टि से प्रमुख समाचार, विश्‍लेषण और आंकडें प्रस्‍तुत कर रहे हैं-

राज्‍यवार कुल लोकसभा क्षेत्र (2004)

भारत में संसदीय लोकतंत्र है। लोकतंत्र में आम मतदाताओं का जागरूक होना जरूरी है। तभी भारत सशक्‍त लोकतांत्रिक देश बन सकता है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए हम प्रवक्‍ता डॉट कॉम पर…

संसद में शिक्षा का बढता स्‍तर

चुनाव आयोग के आंकडों के मुताबिक तीसरी लोकसभा में 141 सांसद 10वीं पास भी नहीं थे लेकिन 14वीं लोकसभा में इसके उलट 157 पोस्ट ग्रेजुएट पहुंचे और दसवीं से नीचे रह गए सिर्फ उन्नीस तथा दसवीं पास 96 व ग्रेजुएट सांसदों की संख्या जा पहुंची 249