सूखे शौचालय या फ्लश शौचालय?

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सोच…….शौचालय की लोबज़ैंग चोरोल लेह, लद्दाख बदलते समय के साथ जीवन बहुत व्यस्त हो गया है, इस व्यस्तता के कारण हमें परिवारों के साथ बैठकर स्वस्थ और पर्याप्त भोजन करने तक का समय नही मिलता। हम इतने व्यस्त हैं कि हमारे पास सांस लेने का समय नहीं है। इसमें कोई शक नही कि  सिर्फ एक मशीन की… Read more »

भारतीय संस्कृति का प्रतीक है देश की पहली मस्जिद

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तनवीर जाफ़री भारतवर्ष के सत्तालोभी चतुर राजनीतिज्ञों द्वारा भारतीय समाज को हिंदू-मुस्लिम व मंदिर-मस्जिद के नाम पर विभाजित कर सत्ता शक्ति प्राप्त की जा रही है। देश में कई जगह से इस प्रकार के विवादों की ख़बर आती रहती है। पिछले दिनों तो कुछ मनचले तथाकथित स्वयंभू हिंदुत्ववादी नवयुवकों द्वारा कुछ ऐसी हरकतें की गईं… Read more »

 गर्मी की छुट्टियों मे पारिवारिक बाल मजदूरी

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पारिवारिक बाल मजदूर, छुट्टियों मे परेशान घर के बच्चे : खाली बैठे रहने की निठल्ली सोच   व्योमेश चित्रवंश आजकल मेरे पुत्र कृस्ना जी गर्मियों की छुट्टियों मे शाम को संपूर्णानंद सिगरा स्टेडियम मे समर स्विमिंग कैम्प मे तैराकी सीख रहे है तो सुबह के समय एक्टिविटीज समर कैम्प मे एक्टिंग व गिटार बजाना,बाकी समय उछलकूद,… Read more »

हाइपरटेंशन : जो बनता है किडनी की बीमारियों का कारण

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विश्व हाइपरटेंशन दिवस  Umesh Kumar Singh वल्र्ड हाइपरटेंशन लीग (डब्ल्यूएचएल) द्वारा 2005 में शुरू किया गया विश्व हाइपरटेंशन दिवस उच्च रक्तचाप और संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष 17 मई को मनाया जाता है। कई अध्ययनों और कहानियों के साथ उच्च रक्तचाप और कार्डिएक बीमारियों के बीच स्थापित संबंध है, लेकिन… Read more »

बचपन को लीलता होमवर्क का बोझ

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बचपन को लीलता होमवर्क का बोझ  ललित गर्ग छुट्टियां यानी बच्चों के मौज-मस्ती और सीखने का मौसम होता है, जो अब स्कूलों से मिलने वाले होमवर्क के बोझ तले मुरझा रहा है। बेहतर व आधुनिक शिक्षा के नाम पर बच्चों पर आवश्यकता से अधिक होमवर्क का बोझ उनके कोमल मन मस्तिष्क के लिए हानिकारक एवं… Read more »

वैदिक साधन आश्रम तपोवन में विद्यार्थी और चारित्र निर्माण विषय पर युवा सम्मेलन

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  वैदिक साधन आश्रम तपोवन में विद्यार्थी और चारित्र निर्माण विषय पर युवा सम्मेलन “हमारा चरित्र अच्छा तब बनता है जब हम अपने जीवन में कोई बड़ा लक्ष्य रखते हैं: आशीष दर्शनाचार्य” मनमोहन कुमार आर्य,  वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून के ग्रीष्मोत्सव में युवाओं को वेदों एवं वैदिक संस्कृति से परिचित कराने के लिए ‘‘विद्यार्थी… Read more »

  प्रदूषण कम करने में सबकी सहभागिता जरूरी

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प्रदूषण कम करने में सबकी सहभागिता जरूरी हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट जारी की है। जिसमें एक दो नहीं बल्कि 14 शहर भारत के हैं। प्रदूषित शहरों की इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश का शहर कानपुर जहां पहले स्थान पर है, वहीं राजधानी दिल्ली के… Read more »

पहाड़ में विकास कार्य करने का तरीका बदलना होगा

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पंकज सिंह बिष्ट   उत्तराखंड में अलग राज्य बनने के पूर्व से ही विकास कार्य होते आ रहे हैं। किन्तु इतने समय के बाद भी ग्रामीण आजीविका एवं रोजगार की स्थिति में बहुत बढ़ा सुधार नहीं आया है। गौर किया जाय तो स्थिति पूर्व के मुकाबले बेहतर हुई ऐसा कहना खुद को झूठी तसल्ली देना… Read more »

गणि राजेन्द्र विजय: आदिवासियों के मसीहा संतपुरुष

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ललित गर्ग – भारत की भूमि संतों एवं मनीषियों की भूमि रही है। उनका व्यक्तित्व एवं उनकी आध्यात्मिक यात्रा जन-जन के लिये सदा ही आकर्षण, प्रेरणा एवं जिज्ञासा का केन्द्र रही है। इन महापुरुषों ने धर्म के क्षेत्र में अनेक क्रांतिकारी स्वर बुलंद किए। ऐसे ही विलक्षण एवं अलौकिक संतों में एक नाम है गणि… Read more »

यूं ही कोई आदमखोर नहीं बनता

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बिपिन जोशी   नौ साल  का लड़का अपने आंगन में खेल रहा है। ढलते सूरज की किरणें सामने हिमालय पर पड़ रही हैं बालक हिमालय के बदलते रंगों को निहार रहा है,  हिमालय के बदलते रंग उस लड़के को रोमांचित कर रहे हैं वह ध्यानमग्न हैं। अभी तो चांदी के समान चमक रहा था, अभी यह लाल हो… Read more »