समाज बारात, संस्कार और बदलता समाज May 4, 2026 / May 4, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment बारात Read more » बारात संस्कार और बदलता समाज
समाज अनुशासन जुल्म न बन जाए: बच्चों को तोड़ती है कठोर पेरेंटिंग May 4, 2026 / May 4, 2026 by राजेश जैन | Leave a Comment यह वाक्य सिर्फ एक बेटे की अंतिम पीड़ा नहीं बल्कि उस परवरिश मॉडल पर सवाल है जिसमें अनुशासन के नाम पर अपमान, नियंत्रण और डर को सामान्य मान लिया जाता है। यह घटना हमें मजबूर करती है कि हम पूछें Read more » 24 वर्षीय प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव
शख्सियत समाज विश्व योग आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी सत्यानंद सरस्वती का पदार्पण महोत्सव और तिरूपति बालाजी का आगमन May 4, 2026 / May 4, 2026 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment सबसे बड़ा संयोग है कि इस अवसर पर आंध्र प्रदेश से सड़क मार्ग से चल कर भगवान श्री तिरुपति बालाजी की उत्सव मूर्ति मुंगेर पहुंच रही है। इस ऐतिहासिक क्षण को मुंगेरवासियों के लिए यादगार बनाने को लेकर योगाश्रम Read more » स्वामी सत्यानंद सरस्वती
समाज शहर और शहरी होने की दौड़ में गाँव और ग्रामीण : कितना सही, कितना गलत May 2, 2026 / May 2, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment जब हम किसी व्यक्ति के जीवन का मूल्यांकन इस आधार पर करने लगते हैं कि वह शहर में रहता है या गाँव में, कि वह अंग्रेज़ी बोलता है या भोजपुरी, कि वह सूट पहनता है या धोती — तो हम दरअसल उस व्यक्ति की मनुष्यता को एक सांस्कृतिक पदानुक्रम की सीढ़ियों पर तोलने की कोशिश कर रहे होते हैं। और इस तोल में, अनिवार्य रूप से, गाँव और ग्रामीण हमेशा नीचे पाए जाते हैं — कम विकसित, कम आधुनिक, कम सभ्य। Read more » शहर और शहरी होने की दौड़ में गाँव और ग्रामीण
समाज आईसीयू के अमानवीय एवं अनैतिक पक्षों की निगरानी जरूरी May 2, 2026 / May 2, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment देश में स्वास्थ्य सेवा की वर्तमान स्थिति पर विचार करते समय एक अत्यंत चिंताजनक, मानवीय और संवेदनशील प्रश्न सामने आता है-क्या चिकित्सा अब सेवा न रहकर व्यवसाय का कठोर रूप एवं एक त्रासदी बनती जा रही है? विशेष रूप से निजी अस्पतालों के आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) से जुड़े मामलों ने इस प्रश्न को Read more » Monitoring the inhumane and unethical aspects of ICU is essential.
समाज ट्रेंड बनाम सत्य: ब्राह्मण समाज पर बढ़ती कटुता और इतिहास की अनदेखी April 30, 2026 / April 30, 2026 by अशोक कुमार झा | Leave a Comment भारतीय सभ्यता में ब्राह्मण समाज का योगदान केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं रहा है। यह वह वर्ग रहा है जिसने ज्ञान, शिक्षा, दर्शन और राष्ट्र की वैचारिक नींव को मजबूत किया। Read more » ब्राह्मण समाज पर बढ़ती कटुता
समाज “दोष का दर्पण: हर बुराई के लिए केवल सरकार को जिम्मेदार ठहराना ठीक” ? April 30, 2026 / April 30, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment स्वच्छता का उदाहरण अत्यंत स्पष्ट है। हम चाहते हैं कि हमारे शहर साफ-सुथरे हों, नालियाँ स्वच्छ हों, सड़कें चमकती रहें लेकिन जब वही नागरिक घर का कूड़ा सड़क पर फेंक देते हैं, प्लास्टिक का उपयोग बिना सोचे-समझे करते हैं, और सार्वजनिक स्थानों को अपना नहीं समझते, तब समस्या पैदा होती है। Read more » दोष का दर्पण
विधि-कानून समाज ब्रेकअप अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला जो युवाओं की आज़ादी की रक्षा करता है April 29, 2026 / April 29, 2026 by ओंकारेश्वर पांडेय | Leave a Comment बहुत से लोग पूछ रहे हैं – क्या उत्तराखंड का UCC (एकसमान नागरिक संहिता) इस फैसले से उलट है? उत्तर है: बिल्कुल नहीं। उत्तराखंड UCC (जनवरी 2025 से प्रभावी) की धारा 385 साफ कहती है कि “दोनों साथी... समाप्ति का बयान रजिस्ट्रार को दे सकते हैं।” यह केवल सूचना देने की प्रक्रिया है – अपराध नहीं। सजा (6 माह जेल, ₹25,000 जुर्माना) केवल पंजीकरण न कराने पर है, संबंध तोड़ने पर नहीं। Read more » ब्रेकअप अपराध नहीं मैरिज-लाइक रिलेशनशिप
लेख समाज हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की समृद्ध संग्रामगाथा : सशक्त संवाद से सृजित सामाजिक संरचना April 28, 2026 / April 28, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हिंदी पत्रकारिता ने एक नए बौद्धिक और सांस्कृतिक चरण में प्रवेश किया, जहाँ साहित्य और पत्रकारिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। Read more » A social structure created through powerful dialogue The rich story of 200 years of Hindi journalism हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष
समाज अधूरी सुविधा से पूरा पोषण कैसे मिलेगा? April 28, 2026 / April 28, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment राज्य के कई गांवों में लोग यह शिकायत करते हैं कि उन्हें आंगनबाड़ी से मिलने वाली सभी सुविधाएं समय पर नहीं मिलतीं। कुछ जगहों पर पोषण सामग्री का वितरण अनियमित है, तो कहीं बच्चों के लिए शिक्षा सामग्री या खेल सामग्री का अभाव देखा जाता है। यही स्थिति सीतामढ़ी जिले के रीगा ब्लॉक स्थित रामनगर गांव के वार्ड संख्या Read more » How can we get complete nutrition with incomplete facilities
समाज सभ्यता, युद्ध और विकास की अवधारणा April 27, 2026 / April 27, 2026 by विवेक रंजन श्रीवास्तव | Leave a Comment इतिहास के पन्ने गवाह हैं कि महान सभ्यताओं के वैभव के पीछे रक्तपात की अनगिनत चीखें दफन हैं। मेसोपोटामिया से लेकर रोम तक, विकास ने हमें विज्ञान तो दिया, लेकिन विज्ञान ने हाथ में बारूद थमा दिया। मध्यकाल तक आते-आते युद्धों ने विचारधाराओं और धर्मों का लबादा ओढ़ लिया। मनुष्य महलों में रहने लगा, रेशमी वस्त्र पहनने लगा, लेकिन उसके भीतर का शिकारी कभी भी शांत नहीं हुआ। Read more » युद्ध और विकास की अवधारणा सभ्यता सभ्यता युद्ध और विकास
समाज परंपराओं से दूरी और टूटता सामंजस्य April 27, 2026 / April 27, 2026 by राजेश खण्डेलवाल | Leave a Comment हमने अपनी परम्पराओं को केवल बाहरी आडंबर और दिखावे तक सीमित कर दिया है। जब घर के बड़े रीति-रिवाजों के पीछे छिपे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक अर्थ युवा पीढ़ी को नहीं समझा पाते, तो वे इसे 'बोझ' समझने लगते हैं। हम खुद तो अपनी जड़ों से कटे, लेकिन उम्मीद की कि बच्चे उन्हें थामे रखें। युवा पीढ़ी को दोष देने से पहले हमें यह सोचना होगा कि क्या हमने उन्हें परम्पराओं का 'सौंदर्य' दिखाया है या केवल 'डर'? Read more » परंपराओं से दूरी और टूटता सामंजस्य