उ. प्र. में न्याय पंचायतों का खात्मा एक अनुचित निर्णय

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स्वयं को भारतीय संस्कृति और परम्पराओं का पोषक दल बताने वाले भारतीय जनता पार्टी के विचारकों के लिए यह आइना देखने की बात है कि उत्तर प्रदेश की योगी केबिनेट ने समाज और संविधान की मान्यता प्राप्त न्याय पंचायत सरीखे एक परम्परागत संस्थान को खत्म करने का निर्णय लिया। उत्तर प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों तथा ग्रामसभाओं… Read more »

नाजायज़ शोर की बंधुआगिरी

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किसी भी धर्म का मर्म व्‍यक्‍ति की अंतध्‍वर्नि को जाग्रत करने में निहित है  ताकि धर्माचरण के बाद प्रवाहित होने वाली तरंगें व्‍यक्‍ति व समाज में  सकारात्‍मक ऊर्जा फैलाने का काम करें। शोरगुल के माध्‍यम से अपनी पहचान बनाने व बताने वाला धर्म किसी भी  कोण से किसी का भी लाभ नहीं कर सकता। ध्‍यान… Read more »

लिखी गईं नई इबारतें…कि ये ख्‍वाहिशें रूमानी नहीं हैं…

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आज के विषय पर सबसे पहले पढ़िए मेरे चंद अशआर….. ये परेशानियां जिस्‍मानी नहीं हैं ये ख्‍वाहिशें रूमानी नहीं हैं और ये खिलाफतें भी रूहानी नहीं हैं कि अब ये आवाज़ें उठ रही हैं उन जमींदोज वज़ूदों की जानिब से, आहिस्‍ता-आहिस्‍ता से, तो कहीं पूरे ज़ोर शोर से गोया अब शिद्दतें अंजाम तक पहुंचेंगी कि… Read more »

 स्वामी विवेकानंद: भारतीय संस्कृति के वैश्विक उद्घोषक  

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स्वामी विवेकानंद जी ने भारत को व भारतत्व को कितना आत्मसात कर लिया था यह कविवर रविन्द्रनाथ टैगोर के इस कथन से समझा जा सकता है जिसमें उन्होनें कहा था कि – “यदि आप भारत को समझना चाहते हैं तो स्वामी विवेकानंद को संपूर्णतः पढ़ लीजिये”. नोबेल से सम्मानित फ्रांसीसी लेखक रोमां रोलां ने स्वामी जी के… Read more »

युवा पीढ़ी संभल करके विवेकानंद हो जाए 

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युगपुरुष, वेदांत दर्शन के पुरोधा, मातृभूमि के उपासक, विरले कर्मयोगी, दरिद्र नारायण मानव सेवक, तूफानी हिन्दू साधु, करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत व प्रेरणापुंज स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कलकत्ता आधुनिक नाम कोलकता में पिता विश्वनाथ दत्त और माता भुवनेश्वरी देवी के घर हुआ था। दरअसल यह वो समय था जब यूरोपीय देशों… Read more »

नरेन्द्रनाथ से स्वामी विवेकानंद हो जाना

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मनोज कुमार दुनियाभर की युवा शक्ति को दिशा देने वाले स्वामी विवेकानंद का सानिध्य अविभाजित मध्यप्रदेश को प्राप्त हुआ था. यह वह कालखंड था जब स्वामी विवेकानंद, स्वामी विवेकानंद ना होकर नरेन्द्रनाथ दत्त थे. इतिहास के पन्ने पर दर्ज कई तथ्य और स्मरण इस बात को पुख्ता करते हैं कि किशोरवय के नरेन्द्रनाथ दत्त से… Read more »

स्वामी विवेकानन्द : जिनका समग्र जीवन स्वयं एक प्रयोगशाला था

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स्वामी विवेकानन्द जन्म जयन्ती-12 जनवरी 2018 पर विशेष -ललित गर्ग- काल के भाल पर कुंकुम उकेरने वाले सिद्धपुरुष का नाम है, स्वामी विवेकानन्द। नैतिक मूल्यों के विकास एवं युवा चेतना के जागरण हेतु कटिबद्ध, मानवीय मूल्यों के पुनरुत्थान के सजग प्रहरी, अध्यात्म दर्शन और संस्कृति को जीवंतता देने वाली संजीवनी बंूटी, भारतीय संस्कृति एवं भारतीयता… Read more »

ओमपुरी भारतीय सिनेमा के एक मंझे हुए कलाकार थे

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ओमपुरी की प्रथम पुण्यतिथि 06 जनवरी 2018 पर विशेष महान कलाकार ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 में हरियाणा के अम्बाला शहर में एक पंजाबी परिवार में हुआ। ओम पुरी के पिता भारतीय सेना में थे। अमरीश पुरी और मदन पुरी उनके चचेरे भाई थे। ओमपुरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ननिहाल पंजाब के… Read more »

 महामानव संभाजी भिड़े की असलियत जानें

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डा. राधेश्याम द्विवेदी जाने-माने लोकप्रिय नेता:- संभाजी भिड़े ‘गुरूजी’ महाराष्ट्र के जाने-माने लोकप्रिय नेता हैं। संत विनोवा भावे, महात्मा गांधी जय प्रकाशनारायण नरेन्द्रदेव लोहिया तथा अन्ना हजारे की तरह वे एक सर्वोदयी जननेता हैं। हिंदुत्व के लिये उनका योगदान अवर्णनीय है। वह मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी के कट्टर अनुयायी हैं और महाराष्ट्र की वर्तमान युवा… Read more »

“जनसंख्या नियंत्रण” पर कानून बनें …

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यह सर्वविदित है कि हमारे प्रिय देश भारत में बढ़ती जनसँख्या एक भयानक रुप ले चुकी है ? जिससे देश में विभिन्न धार्मिक जनसँख्या अनुपात निरंतर असंतुलित हो रहा है । इससे भविष्य में बढ़ने वाले अनेक संकटों का क्या हमको कोई ज्ञान है ? क्या हम अपने अस्तित्व पर आने वाले संकट के प्रति… Read more »