ममता सरकार के तुष्टीकरण को न्यायालय ने दिखाया आईना

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– लोकेन्द्र सिंह माननीय न्यायालय में एक बार फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की नीति का सच सामने आ गया। ममता बनर्जी समाज को धर्म के नाम पर बाँट कर राजनीति करने वाले उन लोगों/दलों में शामिल हैं, जो अपने व्यवहार और राजनीतिक निर्णयों से घोर सांप्रदायिक हैं लेकिन, तब भी तथाकथित ‘सेकुलर जमात’ की झंडाबरदार… Read more »

अंतरिक्ष में मनुष्य भेजने का खुला रास्ता

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संदर्भः- इसरो ने छोड़ा भारी उपग्रह- ं प्रमोद भार्गव अंतरिक्ष असीम है और उसमें जिज्ञासा व खोज की अनंत संभावनाएं हैं। करीब 30 साल पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भविष्य की सुखद संभावनाओं को तलाशने की पहल की थी। आज हम एक-एक कर कई उपलब्धियां हासिल कर अंतरिक्ष के… Read more »

वैज्ञानिकों के चमत्कार को नमस्कार

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अब आज जब हम अपने आधुनिक विश्व के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष की खोज करते हुए देखते हैं, हम यह भी देखते हैं कि आज के वैज्ञानिक कैसे नये-नये अंतरिक्षीय रहस्यों से पर्दा उठाते जा रहे हैं, तो हमें उन पर आश्चर्य होता है। वास्तव में यह आश्चर्य करने की बात नहीं होनी चाहिए, अपितु हमें अपने आप पर गर्व होना चाहिए कि आज का विज्ञान जितना ही अंतरिक्षीय रहस्यों को उद्घाटित करता जा रहा है-वह उतना ही अधिक हमारे साक्षात्धर्मा ऋषियों के उत्कृष्टतम चिंतन को नमन करता जा रहा है।

इसरो ने रचा इतिहास

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संदर्भः- इसरो ने एक साथ 104 उपग्रह अंतिरक्ष में प्रक्षेपित किए प्रमोद भार्गव भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने एक साथ 104 उपग्रह अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करके विश्व इतिहास रच दिया है। दुनिया के किसी एक अंतरिक्ष अभियान में इससे पूर्व इतने उपग्रह एक साथ कभी नहीं छोड़े गए हैं। इस प्रक्षेपण से इसरो की… Read more »

विश्वास का जीव विज्ञान

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नवीन जीव विज्ञान (New Biology) दिखलाता है कि डीएनए जीव विज्ञान का नियन्त्रण नहीं करता. बल्कि डीएनए ही कोशा के बाहर से आनेवाले संकेतों, से नियन्त्रित होता हैं। इन पर्यावरणीय सकेतों में हमारे सकात्मक और ऋणात्मक विचार भी शामिल हैं। कोशा विज्ञान एवम् क्वाण्टम भौतिकी में डॉ लिपटन के नवीनतम एवम् सर्वोत्तम अनुसंधान स्थापित करते हैं कि हम अपने सोचने के तरीके को पुनः प्रशिक्षित करके अपने शरीरों को बदल सकते हैं।

नासा के पृथ्वी लोक

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नासा के ये प्रमाणिक पृथ्वीलोक निःसंदेह हमारी भारतीय वैदिक संस्कृति में उल्लिखित अनेक लोकों यथा सत्यलोक या ब्रह्मलोक, तपो लोक, भृगु लोक, स्वर्ग लोक, इंद्र लोक, ध्रुव लोक, सप्तऋषि लोक, जन लोक या महर लोक, भूलोक, कर्मलोक, भुवर लोक, पाताल लोक आदि की पुष्टि करते हैं। नासा के पृथ्वीलोक इस उक्ति का कहीं न कहीं समर्थन सा करते प्रतीत होते हैं कि कल्पनाओं की उड़ानों में पंख यथार्थ के ही होते हैं।

अनन्त अंतरिक्ष की संभावनाएं और वेद

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राकेश कुमार आर्य   अंतरिक्ष अनंत है, और जितना अंतरिक्ष अनंत है-उतना ही वेद ज्ञान अनंत है। अनंत ही अनंत का मित्र हो सकता है। जो सीमाओं से युक्त है, सीमाओं में बंधा है, ससीम है, वही सांत है, उसके ज्ञान की अपनी सीमाएं हैं, परंतु ईश्वर ने हमें ‘मन’ नाम का एक ऐसा कंप्यूटर… Read more »

जिज्ञासा है, वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रतिफल

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संदर्भः- 28 फरवरी विज्ञान दिवस के अवसर पर विशेष प्रमोद भार्गव भारत में विज्ञान की परंपरा बेहद प्राचीन है। जिसे हम आज साइंस या विज्ञान कहते हैं, उसे प्राचीन परंपरा में पदार्थ विद्या कहा जाता था। देश के वैज्ञानिक नित नूतन उपलब्धियों से दुनिया को चैंका रहे है। विज्ञान के क्षेत्र में हमारी प्रगति अब… Read more »

विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग को भारत के वास्तु वैज्ञानिक राजकुमार झांझरी की चुनौती

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विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग को भारत के वास्तु वैज्ञानिक राजकुमार झांझरी की चुनौती ‘दी गार्डियन’ में “This is the most dangerous time for our planet” शीर्षक से प्रकाशित लेख के संदर्भ में स्टीफन हॉकिंग को भेजे पत्र का हिंदी अनुवाद ‘दी गार्डियन’ में “This is the most dangerous time for our planet” शीर्षक से प्रकाशित… Read more »

टेक्सास में हुई अद्भुत भ्रूण शल्यक्रिया का विश्लेषण

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देखा जाए तो अतिप्राचीन युग में भी भारत की चिकित्सा प्रणाली का उद्देश्य वृहत रुप से व्यापक और सर्वज्ञान पद्धति से परिपूर्ण था। ‘चरक संहिता’ सिर्फ भारत में ही नहीं, अपितु विदेशों में भी इसका अध्ययन किया जा रहा है। इसी आधार पर आज भी पाश्चात्य चिकित्सक इस बात को सार्वजनिकतौर पर बोलने से भले ही कतराते हों, परन्तु आंतरिकरुप से स्वीकार करते हैं कि चरक-सुश्रुत के काल में भारतीय चिकित्सा विज्ञान आधुनिक पश्चिमी चिकित्सा विज्ञान से कहीं अधिक आगे था।