खान-पान

सडक़ों पर बिकता ‘ज़हर’:शासन-प्रशासन मौन?

खबरों के मुताबिक चीन से ही आयातित कोई विशेष रासायनिक पाऊडर ऐसा है जिसकी एक छोटी सी पुडिय़ा जिसका वज़न मात्र दस ग्राम ही होता है, उसे किसी भी कच्चे फल की टोकरी मेें रखकर टोकरी को ठीक से ढक दिया जाता है। इसके बाद उस रासायनिक पाऊडर की पुडिय़ा से निकलने वाली तेज़ ज़हरीली गैस चार-पांच घंटों में उस टोकरी में रखे फलों के छिलके का रंग पके हुए फलों के छिलके जैसा बना देती है। और यह पका हुआ रंग ग्राहक को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसी प्रकार एक और रसायन द्रव्य के रूप में बाज़ार में उपलब्ध है।

‘मांसाहार से नाना दुखों, रोग व अल्पायु की प्राप्ती

मांसाहार छोड़िये और शाकाहार अपनाईये क्योंकि शाकाहारी भोजन ही सर्वोत्कृष्ट भोजन है। यह बल, आयु और सुखों का वर्धक है। इससे परजन्म में उन्नति होने से इस जन्म से भी अच्छा मनुष्य जीवन मिलने की सम्भावना है। मनुष्य शाकाहारी प्राणी है, इसका एक प्राण भी दे देते हैं। सभी शाकाहारी पशु मांसाहारियों पशुओं की गन्ध व आहट से ही दूर भाग जाते हैं परन्तु वही पशु मनुष्य को देखकर उसके पास आते हैं।

जानिए आपकी राशि अनुसार आपका भोजन ..???

सभी खाद्य पदार्थ चाहे वे किसी भी रूप-स्वरूप में हों जैसे तरल खाद्य पदार्थ, अनाज, दाले, फल, सब्जियाँ, मेवे इत्यादि भी अपने-अपने गुणों व स्वादों के अनुसार किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ फल को कुछ खाकर शुभ फल में बदल सकते हैं। क्या सचमुच ऐसा हो सकता है? कहते हैं कि जैसा खाओगे अन्न, वैसा बनेगा मन।