स्‍वास्‍थ्‍य-योग

भारत में न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों का बाजार

दुनिया ने भारत को एक ऐसी बड़ी शक्ति के रूप में देखना शुरू कर दिया है जो विकासशील देशों के बीच उच्च क्रय शक्ति रखने वाली सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत में निजी संपत्ति के साथ लोगों कीप्रति व्यक्ति आय पिछले एक दशक में बढ़ी है, जो जीवन में बेहतर बदलाब आने का मुख्य कारण है। अस्वस्थ जीवन-शैली,  खानपान की आदतों में बदलाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव का  बढ़ता  स्तर, और एक ही जगह दिनभर बैठने वाली नौकरियों में शामिल लोगों की बढ़ती संख्या ने जीवन-शैली से सम्बंधित बीमारियों की घटनाओं में वृद्धि की है। ये बीमारियां न तो संक्रमण से फैलती हैं और न हीआनुवंशिक होती हैं, इन्हे जीवन-शैली से जुड़ी बीमारियां कहा जाता है। अनिद्रा, जंक फूड के सेवन और गैजेट्स के बढ़ते चलन के…

बिना ओपन हार्ट सर्जरी के अब वाल्व रिपेयर संभव

डॉ अशोक सेठचेयरमैनफोर्टिस एस्कॉट्र्स हार्ट इंस्टीट्यूट , नई दिल्ली भारत में यह पहला अवसर है…

कमज़ोर संक्रमण नियंत्रण के कारण बढ़ी बच्चों में दवाप्रतिरोधक टीबी

इंटरनेशनल यूनियन अगेन्स्ट टीबी एंड लँग डिज़ीज़ के विशेषज्ञ डॉ स्टीव ग्राहम ने कहा कि 4 साल से कम आयु के बच्चों को बड़ों से टीबी संक्रमित होने का ख़तरा अधिक होता है। कुपोषण के कारण भी बच्चों में टीबी संक्रमित होने का ख़तरा अत्याधिक बढ़ जाता है। बच्चों की संक्रमण से लड़ने की क्षमता यदि क्षीण हुई तो भी टीबी होने का ख़तरा बढ़ जाता है। कुपोषण, एचआईवी संक्रमण, डायबिटीज/ मधुमेह आदि से भी संक्रमण से लड़ने की क्षमता क्षीण होती है.