जल की शुद्धता और उपलब्धता पर संकट

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अरविंद जयतिलक विज्ञान पत्रिका नेचर जियोसाइंस की मानें तो सिंधु और गंगा नदी के मैदानी क्षेत्र का 60 प्रतिशत भूजल पूरी तरह दूषित हो चुका है। कहीं यह सीमा से अधिक खारा है तो कहीं उसमें आर्सेनिक की मात्रा बहुत अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक 200 मीटर की गहराई पर मौजूद भूजल का बड़ा हिस्सा… Read more »

जागृत ग्राहक, जागृत भारत

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विश्व  उपभोक्ता अधिकार दिवस (15 मार्च) पर विशेष -संजय द्विवेदी    यह सिर्फ संयोग मात्र नहीं है कि विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस(15 मार्च) को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में देश के सबसे महत्वपूर्ण ग्राहक अधिकार संगठन अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का दो दिवसीय अधिवेशन प्रारंभ हो रहा है। आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसवाले की… Read more »

‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’, राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की याद दिलाने का दिन

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‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’, 25 जनवरी 2018 पर विशेष आलेख भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए अहम है। इस दिन भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्र के प्रत्येक चुनाव में भागीदारी की शपथ लेनी चाहिए, क्योंकि भारत के प्रत्येक व्यक्ति… Read more »

बौनी बगावत!

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बीता शुक्रवार आजाद न्यायपालिका के ७० साला इतिहास में एक ऐसी बगावत का साक्षी बनने को मजबूर किया गया  जिसकी न ही देश को उम्मीद थी और न ही जरूरत। सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश चेलमेश्वर ने न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ  के साथ शुक्रवार की सुबह अपने… Read more »

शौक की सेल्फी का जानलेवा होना

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-ललित गर्ग- विश्व की उभरती हुई गंभीर समस्याओं में प्रमुख है मोबाइल कैमरे के जरिए सेल्फी लेना। इन दिनों मोबाइल कैमरे के जरिए सेल्फी यानी अपनी तस्वीर खुद उतारने के शौक के जानलेवा साबित होने की खबरें आए दिन सुनने को मिल रही हैं। नई पीढ़ी इस जाल में बुरी तरह कैद हो गयी है।… Read more »

शुद्ध पियो शुद्ध जियो

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सरस्वती अग्रवाल “शद्ध पियो- शुद्ध जियो” ये लाईन किसी उत्पाद के विज्ञापन की नही बल्कि ये वाक्य है उत्तराखण्ड के राज्य जनपद चमोली के गडोरा गांव के 38 वर्षिय निवासी लक्ष्मण सिंह का। जो फलो का जूस बेचकर परिवार चला रहे हैं। इन्होने 12वीं तक पढ़ाई की है। 3 बेटियों- एक बेटे तथा पत्नी को मिलाकर परिवार… Read more »

चीनी समान के प्रति हमारी भक्‍ति ?  

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी   इसे लालच की कौन सी पराकाष्‍ठा माना जाए ?  कुछ समझ नहीं आता । चीनी सामान के प्रति हमारी भक्‍ति किस स्‍तर तक है, इसका एक बड़ा उदाहरण जबलपुर में बनी बोफोर्स तोप के स्वदेशी संस्‍करण धनुष में सीधेतौर पर देखने को मिला है। जिसमें कि देश के साथ सुरक्षा के स्‍तर पर भी कर्तव्‍यनिष्‍ठ… Read more »

सवाल यह भी तो है कि अब उपराष्ट्रपति कौन होगा?

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निरंजन परिहार-  राष्ट्रपति तो रामनाथ कोविंद होंगे, लेकिन उपराष्ट्रपति कौन होगा। भैरोंसिंह शेखावत की तरह कोई तेजतर्रार राजनीतिक व्यक्ति उपराष्ट्रपति बना, तो वह राष्ट्रपति पद पर बैठे कोविंद के कद पर भारी पड़ जाएगा। क्योंकि कोविंद पद में भले ही बड़े साहित हो सकते हैं, कद से नहीं। और राजनीति की दिक्कत यही है कि… Read more »

कब पूछेंगे यह बहते आसूं

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कश्मीर की कल की तीन घटनाओं ने हृदय को द्रवित कर दिया है। आखिर कब तक हम यूंही आंसू बहाते रहेंगे ? क्या समस्याओं का बढ़ता सिलसिला कभी थमेगा ?  मां भारती का मुकुट कश्मीर आज सार्वधिक उत्पीड़ित हो रहा है । इस भूभाग पर इस्लामिक आतंकियों व उनके गुप्त साथियों ने संभवतः  “जिहाद” के… Read more »

सेल्फी की चाहत में मौत को गले लगाते युवा

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आजकल सेल्फी युवाओं की मौत का सबब बनती जा रही है। महाराष्ट्र के नागपुर में एक बार फिर सेल्फी की चाहत ने आठ युवा दोस्तों की जान लेकर उनके परिवार में ऐसा अंधकार किया कि अब वहां उजाले की किरणें कभी नजर नहीं आयेंगी। लोग कहीं घूमने जाएं या फिर रेस्तरां में खाना खाने बैठें,… Read more »