राजनीति

एआई-समिट 2026, राह में रोड़े अटकाने की नाकाम कोशिश

विजय सहगल            

इंडिया एआई इंपेक्ट एक्स्पो 2026 का इन दिनों 16 से 21 फरवरी तक वृहद आयोजन भारत मंडपम नई दिल्ली में किया गया जिसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस विश्वस्तरीय सम्मेलन में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस समिट के महत्व को इस बात से भी समझा जा सकता है कि फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन,  संयुक्त राष्ट्र संगठन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित दुनियाँ के 20  देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं  सूचना प्रौध्योगिकी की विश्वविख्यात कंपनियों के सीईओ, यथा गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी, ओपन एआई के सैम, स्केल एआई के एलेक्सजेंडर वांग, एन्थ्रोपिक के अमोदेई, भारत एयरटेल के भारती मित्तल सहित अनेकों स्टार्ट अप भाग ले रहे है।  इस एक्स्पो में 300 से अधिक दिग्गज कंपनियों के प्रमुखों ने 250 अरब डॉलर का निवेश कर एआई प्रोजेक्टों को भारत मे स्थापित करने का आश्वासन दिया है जो आने वाले समय में देश के आर्थिक विकास और रोजगार के नए आयाम खोलेगा।   

दिल्ली में चल रही इंडिया एआई समिट में 19 फरवरी 2026 का दिन 2026 का दिन गौरवशाली पल था जब सबसे कम उम्र के वक्ता 8 वर्षीय रणवीर सचदेवा ने एआई सबमिट को संबोधित किया।  पाँच साल की उम्र से ही  अपनी एआई योग्यता, प्रतिभा और कौशल दिखाने वाले रणवीर सचदेवा,  बच्चों के नज़रिये से एक बुक भी लिख चुके हैं जिसकी प्रशंसा संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी कर चुके है। हमारे यहाँ एक हिन्दी लोकोक्ति  है कि, “होनहार बिरवान के होत चीकने पात” जिसका अर्थ है प्रतिभावान व्यक्ति के गुण, बचपन से ही दिखाई देने लगते हैं जो रणवीर जैसे होनहार बच्चे पर सटीक बैठती है।

जहाँ एक ओर तो इस प्रतिभाशाली, होनहार बालक ने देश का मस्तक, अपने ज्ञान और कौशल से ऊंचा किया, वहीं दूसरी ओर गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रौढ़ महिला प्रोफेसर नेहा सिंह ने   अपने  झूठ, फ़रेब और कपट पूर्ण वक्तव्य से देश के मान सम्मान को शर्मसार कर दिया। गलगोटिया यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा की इस प्रोफेसर ने अपने संस्थान के स्टाल पर, चीन मे निर्मित और आयातित एक एआई रोबोट डॉग को अपनी गलगोटिया यूनिवर्सिटी मे विकसित और विनिर्मित बता कर प्रदर्शित कर झूठी, वाहवाही बटोरी। इंडिया एआई सबमिट 2026 को संबोधित करने वाले एक आठ साल के  बालक रणवीर को तो इस बात की समझ थी कि हमे मिथ्या खोज और शोध को प्रदर्शित नहीं करना है पर बेहद अफसोस, विश्वविध्यालय की प्रोफेसर को दूसरे देश की खोज को बेहूदा, धृष्टतापूर्वक अपने संस्थान की खोज बताने मे  तनिक भी शर्म  और लज्जा नहीं आई। चोरी और सीनाजोरी की पराकाष्ठा देखिये कि मीडिया द्वारा गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबोट के झूठे दावे की पोल खुल जाने के बावजूद उस प्रोफेसर ने अपने आप को सही ठहराते हुए कुतर्क देकर, गलती का ठीकरा मीडिया के सिर पर फोड़ते हुए कहा कि मै इसे ठीक से समझा नहीं पायी या इसे ठीक से समझा नहीं गया।

बड़बोलापन यहीं नहीं रुका. उन्होने गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा एआई पर 350 करोड़ के रूपये के निवेश का भी दावा कर दिया पर इसके शीर्षवार निवेश को स्पष्ट नहीं कर सकी। इस मामले को सामने आने पर सरकार ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टाल को तुरंत बंद करा कर, एआई समिट से बाहर कर दिया और स्टाल की लाइट भी काट दी। मामले के तूल पकड़ने पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी के प्रबंधन ने प्रोफेसर नेहा सिंह के कृत्य के लिये माफी मांगते हुए कहा कि हमारे प्रतिनिधि को सही जानकारी नहीं थी। उन्होने कैमरे पर आने के अतिउत्साह के कारण गलत बयानी की. वास्तव मे उन्हे प्रेस से बातचीत के लिये अधिकृत भी नहीं किया गया था। एक महिला प्रोफेसर की मीडिया के सामने प्रसिद्धि पाने के अतिउत्साह और महत्वाकांक्षा ने अपने और अपने संस्थान का अहित तो किया ही, देश और दुनियाँ के सामने भारत की एआई समिट के सफल आयोजन पर बट्टा लगाने का कार्य किया जिसकी जितनी निंदा की जाय, कम है।

एक और शर्मनाक घटना इंडिया एआई समिट मे देखने को मिली जब 20 फरवरी 2026 को दोपहर मे  यूथ कॉंग्रेस के 15-20 सदस्यों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध मे प्रदर्शन किया। हाथों मे नरेंद्र मोदी की फोटो वाली टीशर्ट लिए, पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड के नारे लगाये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुए एक पूर्वनियोजित षड्यंत्र के तहत अर्धनग्न हो कर प्रदर्शन कर, समिट मे आये हुए देश विदेश के अतिथियों के सामने एक बार फिर भारत की साख को शर्मसार किया। दिल्ली पुलिस ने इस घटना मे शामिल चार लोगो को गिरफ्तार कर जाँच शुरु कर दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रदर्शन को वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश बताया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सहित अन्य पदाधिकारियों ने युवक कॉंग्रेस के लोगो के इस अधम कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की है। वहीं कॉंग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बता कर देश की कोई बदनामी नहीं बतलाई।

राजनैतिक दलों के बीच आपसी मतभेद और वर्चस्व की लड़ाई स्वाभाविक है पर कल जिस तरह युवक कॉंग्रेस के कुछ लोगो ने अर्धनग्न प्रदर्शन कर इंडिया एआई समिट मे देश के मान सम्मान को शर्मसार किया वह अत्यंत ही निंदनीय और आपत्तिजनक है। इंडिया एआई समिट का भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं था। यदि विरोध प्रदर्शन करना ही था तो समय और स्थान इस विरोध के लिए कतई उपयुक्त नहीं था। ये प्रदर्शन यूथ काँग्रेस के इन सिरफिरे लोगो द्वारा सस्ती लोकप्रियता हांसिल करने और अपने शीर्ष नेताओं की नज़रों मे आने की चाहत ही मूल उद्देश्य था। बेशक ऐसे द्रोही लोग अपने निजी स्वार्थ और  अपवित्र उद्देश्य मे भले ही कामयाब हो गए हों लेकिन उन्होने दुनियाँ के सामने देश की आत्मसम्मान का जितना नुकसान किया है, वह किसी देशद्रोह से कम नहीं है।

विजय सहगल