डॉ. रूपेश जैन 'राहत'

लेखक

भारत में न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों का बाजार

दुनिया ने भारत को एक ऐसी बड़ी शक्ति के रूप में देखना शुरू कर दिया है जो विकासशील देशों के बीच उच्च क्रय शक्ति रखने वाली सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत में निजी संपत्ति के साथ लोगों कीप्रति व्यक्ति आय पिछले एक दशक में बढ़ी है, जो जीवन में बेहतर बदलाब आने का मुख्य कारण है। अस्वस्थ जीवन-शैली,  खानपान की आदतों में बदलाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव का  बढ़ता  स्तर, और एक ही जगह दिनभर बैठने वाली नौकरियों में शामिल लोगों की बढ़ती संख्या ने जीवन-शैली से सम्बंधित बीमारियों की घटनाओं में वृद्धि की है। ये बीमारियां न तो संक्रमण से फैलती हैं और न हीआनुवंशिक होती हैं, इन्हे जीवन-शैली से जुड़ी बीमारियां कहा जाता है। अनिद्रा, जंक फूड के सेवन और गैजेट्स के बढ़ते चलन के…