लेख समाज आखिर क्यों देश में दहेज हत्या के मामले आसमान छू रहे हैं? February 19, 2023 / February 19, 2023 | Leave a Comment डॉ सत्यवान सौरभ दहेज, एक सांस्कृतिक प्रथा जो कई भारतीय समुदायों में गहराई से निहित है, दुल्हन के साथ दूल्हे के परिवार को दिए गए पैसे, सामान या संपत्ति को संदर्भित करती है। दहेज समाज में एक सामाजिक बुराई है, जिसने महिलाओं के प्रति अकल्पनीय अत्याचार और अपराध को जन्म दिया है। बुराई ने समाज […] Read more »
लेख रामचरित मानस पर विवाद, राजनीतिक फसाद February 6, 2023 / February 6, 2023 | Leave a Comment -डॉ सत्यवान सौरभ जब रामायण में प्रभु श्री राम के बारे में पढ़ते हैं और जो वर्तमान समाज में राम को जातीय, राजनीति के आधार पर बांटते है तो दोनों में जमीन आसमान का फर्क है। राम जैसा कोई नहीं वह सबका हित चाहते थे। भरत के लिए आदर्श भाई, हनुमान के लिए स्वामी, प्रजा […] Read more » Controversy over Ramcharit Manas political turmoil over ram charit manas
लेख बूढा और ऊंटों की दौड़ बनती है आकर्षण का केंद्र, कुश्ती कबड्डी में बांटे जाते है लाखों के ईनाम January 30, 2023 / January 30, 2023 | Leave a Comment 1994 से बाबा रामदेव मेला समिति बड़वा कर रही खेलों का आयोजन गाँव बड़वा में लगने वाले बाबा रामदेव के मेले में हर वर्ष हजारों धर्म-प्रेमी बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए आते हैं. मेले में तरह-तरह की दुकानें सजाई जाती है. वहीं अनेक प्रकार के झूले और खेलों का आयोजन किया जाता है. […] Read more » prizes worth lakhs are distributed in wrestling kabaddi The race of old men and camels becomes the center of attraction
लेख ग्रामीण चौपालों को लील गई राजनीति January 23, 2023 / January 23, 2023 | Leave a Comment गांव मैं अब न तो पहले जैसे त्योहारों की रौनक है और न ही शादी के वक्त महिलाओं द्वारा गाए जाने गीत। यहां तक की मौत पर हर घर में छा जाने वाला शोक का स्वरूप बदल गया है। पहले गांव में किसी जवान की मौत हो जाने पर उसके अंतिम संस्कार से पूर्व किसी […] Read more » Politics has taken over rural chaupals ग्रामीण चौपालों को लील गई राजनीति
लेख बड़वा का प्राचीन झांग-आश्रम जहां बादशाह जहांगीर ने डाला था डेरा January 17, 2023 / January 17, 2023 | Leave a Comment डॉ सत्यवान सौरभ भिवानी उपमंडल सिवानी के आखरी छोर पर स्थित गाँव बड़वा हिसार जिले को छूता है। हरियाणा के सबसे प्राचीन गाँवों में से एक, बड़वा पहले बड़-बड़वा के नाम से जाना जाता था। बड़वा गाँव कई इतिहासिक साक्ष्यों का गाँव है। इसकी तुलना हवेलियों के वैभवशाली गाँव से की गई है। यह गाँव […] Read more »
मीडिया लेख अश्लील वीडियो कॉल्स के चक्रव्यूह का खुलकर करे सामना January 3, 2023 / January 3, 2023 | Leave a Comment बहुत से लोग छेड़खानी और साइबरसेक्स के लिए वेबकैम का उपयोग करते हैं – लेकिन कभी-कभी जिन लोगों से आप ऑनलाइन मिलते हैं वे वे नहीं होते जो वे कहते हैं कि वे हैं। अपराधी नकली पहचान का उपयोग करके पीड़ितों से ऑनलाइन दोस्ती कर सकते हैं और फिर उन्हें अपने वेबकैम के सामने यौन […] Read more » cyber sex obscene video calls sextortion साइबरसेक्स
लेख नए साल के सपने जो भारत को सोने न दें। January 2, 2023 / January 2, 2023 | Leave a Comment -डॉ सत्यवान सौरभ “आधी रात को, जब दुनिया सोती है, भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिए जागेगा”। जवाहरलाल नेहरू का यह “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” भाषण उस सपने का प्रतीक था जिसे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने पूरा किया था। इसने हमें, भारत के लोगों द्वारा पालन किए जाने वाले अगले सपने का विजन भी दिया।भारत के […] Read more »
कविता मंगल हो नववर्ष December 30, 2022 / December 30, 2022 | Leave a Comment मिटे सभी की दूरियाँ, रहे न अब तकरार।नया साल जोड़े रहे, सभी दिलों के तार।। बाँट रहे शुभकामना, मंगल हो नववर्ष।आनंद उत्कर्ष बढ़े, हर चेहरे हो हर्ष।। माफ करो गलती सभी, रहे न मन पर धूल।महक उठे सारी दिशा, खिले प्रेम के फूल।। छोटी सी है जिंदगी, बैर भुलाये मीत।नई भोर का स्वागतम, प्रेम बढ़ाये […] Read more » मंगल हो नववर्ष
राजनीति समाज सामाजिक नीति के बजाय जाति आधारित वोट-बैंक की राजनीति December 23, 2022 / December 23, 2022 | Leave a Comment ग्राम स्तर पर भी पंचायत राज चुनावों में जाति व्यवस्था हावी रही है। जोधपुर संभाग में चुनाव के दौरान जाति आधारित मुद्दों जैसे जाटों को आरक्षण आदि के लिए पार्टियां चलती हैं। इसी तरह उड़ीसा में भूमिहार, कायस्थ और राजपूत चुनाव के समय अलग-अलग दिशाओं में खींचते हैं और अपनी जाति के उम्मीदवारों को कार्यालय […] Read more » जाति आधारित वोट-बैंक की राजनीति
राजनीति विधि-कानून क्या आरटीआई अधिनियम अपने उद्देश्य को पूरा कर रहा है? December 20, 2022 / December 20, 2022 | Leave a Comment सरकार से पर्याप्त धन प्राप्त करने वाले कई निकायों के साथ-साथ सभी सरकारी विभागों को आरटीआई मुद्दों के तहत लाया गया है। इस अधिनियम की सुंदरता इसकी सादगी है। लेकिन, कुछ राज्यों में जटिल प्रारूप या नियम लोगों के लिए बाधा उत्पन्न करते हैं। सूचना आयोगों में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं, जिसका अर्थ है […] Read more » Is the RTI Act serving its purpose?
राजनीति समाज जाति व्यवस्था से ज्यादा हीन या श्रेष्ठ मानना एक समस्या है। December 19, 2022 / December 19, 2022 | Leave a Comment जाति आधारित व्यवसाय कोई समस्या नहीं है लेकिन एक व्यवसाय को हीन या श्रेष्ठ मानना एक समस्या है। हर पेशे का सम्मान होना चाहिए। महात्मा गांधी की “ब्रेड लेबर” (हर किसी को कुछ शारीरिक श्रम करना चाहिए) और “ट्रस्टीशिप” (पूंजीपतियों का समाज के प्रति ऋण) की अवधारणा इसी पर आधारित है। इससे जाति आधारित समस्याओं […] Read more » It is a problem to be considered more inferior or superior than the caste system.
लेख मन ही सब कुछ है। आपको क्या लगता है आप क्या बनेंगे? December 16, 2022 / December 16, 2022 | Leave a Comment बुद्ध ने कहा कि – ‘सभी समस्याओं का कारण उत्साह है’ अर्थात इच्छा की अधिकता और इच्छा मन से आती है। इसलिए मन को नियंत्रित और संतुलित करना आवश्यक है। भारतीय संस्कृति और शास्त्र हमें अपने मन को नियंत्रित करने के तरीके सिखाते हैं। संतुलित मन के लिए प्राचीन संत वर्षों से योग किया करते […] Read more »