लेख सार्थक पहल हरियाणा प्रदेश में नए सेक्टरों की योजना: सुव्यवस्थित विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम February 27, 2026 / February 27, 2026 | Leave a Comment हरियाणा प्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा शहरों में नए सेक्टर विकसित करने की योजना एक अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी पहल है। ताज़ा समाचारों के अनुसार, गत दिवस हरियाणा के समाज कल्याण एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने विधानसभा में इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी दी है। […] Read more » हरियाणा प्रदेश में नए सेक्टरों की योजना
मनोरंजन मीडिया विधि-कानून समाज साइबर ठगी का बढ़ता जाल: सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच February 25, 2026 / February 25, 2026 | Leave a Comment आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन और इंटरनेट ने जीवन को जितना सरल बनाया है, उतना ही असुरक्षित भी। देश भर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन समाचारों में किसी न किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी, बैंक फ्रॉड, फर्जी कॉल, लिंक के माध्यम से ठगी या डिजिटल अरेस्ट […] Read more » Caution is the biggest safeguard in cyber fraud The growing web of cyber fraud साइबर ठगी का बढ़ता जाल
समाज भूतों की उछलकूद: अंधविश्वास का महा नाटक February 18, 2026 / February 18, 2026 | Leave a Comment गत दिवस सुबह एक टीवी प्रसारण में देश के एक लोकप्रिय बाबा को भूत-प्रेत और आत्माएँ भगाने का दावा करते देखा। मंच पर बैठे भयभीत लोग, तेज़ ढोल-नगाड़े, मंत्रोच्चार, चीख-पुकार और बाबा के तथाकथित चमत्कार—यह पूरा दृश्य किसी धारावाहिक या नाटक से कम नहीं लगा। कैमरे की रोशनी में डर और चमत्कार का यह प्रदर्शन […] Read more » Ghosts भूतों की उछलकूद
समाज जीवन में प्रमाणिकता: सफलता, विश्वास और सम्मान की आधारशिला January 27, 2026 / January 27, 2026 | Leave a Comment जीवन के हर क्षेत्र में प्रमाणिकता वह मूल तत्व है, जो व्यक्ति को साधारण से असाधारण बना देती है। चाहे हम किसी निजी व्यवसाय से जुड़े हों, सरकारी या निजी सेवा में कार्यरत हों, या सामाजिक-राजनीतिक जीवन में सक्रिय हों—हमारी पहचान और प्रतिष्ठा का आधार हमारी प्रमाणिकता ही होती है। बिना प्रमाणिकता के मिली सफलता […] Read more » जीवन में प्रमाणिकता: सफलता विश्वास और सम्मान की आधारशिला
धर्म-अध्यात्म मकर संक्रांति : भारतीय संस्कृति का शाश्वत महापर्व January 14, 2026 / January 14, 2026 | Leave a Comment भारतीय संस्कृति पर्वों और उत्सवों की संस्कृति है। यहां प्रत्येक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन, प्रकृति से संवाद और आत्मचिंतन का माध्यम है। इन्हीं पर्वों में मकर संक्रांति का विशेष स्थान है। यह पर्व सूर्य, प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंधों को दर्शाता है। मकर संक्रांति केवल एक तिथि या धार्मिक अनुष्ठान नहीं Read more » मकर संक्रांति
मनोरंजन सोशल मीडिया : वरदान भी, अभिशाप भी December 29, 2025 / December 29, 2025 | Leave a Comment आज वृद्ध, युवा और बालक—सभी वर्गों के लोग अपने समय का बड़ा हिस्सा मोबाइल स्क्रीन पर बिताने लगे हैं। पारिवारिक संवाद, सामाजिक मेल-जोल और वास्तविक जीवन की संवेदनाएँ धीरे-धीरे आभासी दुनिया में सिमटती जा रही हैं। Read more » सोशल मीडिया
समाज भाई दूर, पड़ोसी नेड़े — आधुनिक जीवन में पड़ोसी संबंधों की प्रासंगिकता December 27, 2025 / December 27, 2025 | Leave a Comment आधुनिक और तथाकथित उन्नत जीवन-शैली में पड़ोसी संबंध लगातार कमजोर होते जा रहे हैं। महानगरों की ऊँची-ऊँची इमारतों में लोग वर्षों तक साथ रहते हैं, फिर भी एक-दूसरे का नाम तक नहीं जानते। ऊपर-नीचे या अगल-बगल की मंज़िलों में रहने वाले लोग केवल औपचारिक ‘नमस्ते’ तक सीमित रह गए हैं। Read more » पड़ोसी संबंधों की प्रासंगिकता
विश्ववार्ता बांग्लादेश में अस्थिरता, अंतरिम सरकार और भारत विरोध की गहरी साजिश December 23, 2025 / December 23, 2025 | Leave a Comment आज बांग्लादेश के प्रबुद्ध नागरिकों, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और राष्ट्रहितैषी वर्ग की जिम्मेदारी बनती है कि वे जनता को सच्चाई से अवगत कराएँ। उन्हें यह समझाना होगा कि भारत से बैर नहीं, बल्कि सहयोग ही बांग्लादेश के हित में है। लोकतंत्र, शांति और विकास तभी संभव है जब कट्टरपंथ और नफरत की राजनीति को नकारा जाए। Read more » बांग्लादेश में अस्थिरता
धर्म-अध्यात्म भारतीय वैदिक संस्कृति में सोलह संस्कार: जीवन को वैज्ञानिक और नैतिक दिशा देने वाली परंपरा December 17, 2025 / December 17, 2025 | Leave a Comment जातकर्म, नामकरण और निष्क्रमण संस्कार शिशु के जन्मोपरांत उसके स्वास्थ्य, सामाजिक पहचान और बाह्य संसार से परिचय से जुड़े हैं। नामकरण केवल पहचान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम सीढ़ी है। मनोविज्ञान भी मानता है कि नाम व्यक्ति के आत्मबोध और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करता है। Read more » जीवन को वैज्ञानिक और नैतिक दिशा देने वाली परंपरा भारतीय वैदिक संस्कृति में सोलह संस्कार
बच्चों का पन्ना मनोरंजन सोशल मीडिया और बच्चे : बढ़ती लत, गहराता संकट December 13, 2025 / December 13, 2025 | Leave a Comment भारत भी इस चुनौती से अछूता नहीं है। यहाँ स्थिति और भी जटिल है क्योंकि डिजिटल उपकरणों की पहुँच अब गांव-गांव तक हो चुकी है। बच्चे जिस उम्र में खेलकूद, मित्रता, रचनात्मकता और अध्ययन में रमना चाहिए, वह समय अब अनियंत्रित स्क्रीन टाइम की भेंट चढ़ रहा है। मोबाइल फोन आज बच्चों का मनोरंजन साधन नहीं, बल्कि दिनचर्या का प्रमुख हिस्सा बन गया है। Read more » सोशल मीडिया और बच्चे
विश्ववार्ता शेख हसीना को सजा: बांग्लादेश के लोकतंत्र पर गहरा आघात और भारत के लिए गंभीर चिंता November 18, 2025 / November 18, 2025 | Leave a Comment बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति गहरी चिंता उत्पन्न करने वाली हैं। शेख हसीना को सुनाई गई फांसी की सजा केवल न्यायिक निर्णय नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होती है। Read more » शेख हसीना को सजा
लेख ईर्ष्या : मनुष्य के भीतर जलती अदृश्य आग October 6, 2025 / October 6, 2025 | Leave a Comment ईर्ष्या का भाव सामान्यतः तब जन्म लेता है, जब मनुष्य स्वयं को दूसरों से कमतर महसूस करने लगता है। जब किसी का साथी, पड़ोसी, सहकर्मी या परिचित व्यक्ति किसी क्षेत्र में आगे बढ़ता है, तो ईर्ष्यालु व्यक्ति का मन भीतर ही भीतर सुलग उठता है। यह सुलगन धीरे-धीरे उसकी सोच, व्यवहार और दृष्टिकोण को विषाक्त बना देती है। Read more » : मनुष्य के भीतर जलती अदृश्य आग ईर्ष्या