धर्म-अध्यात्म भारतीय वैदिक संस्कृति में सोलह संस्कार: जीवन को वैज्ञानिक और नैतिक दिशा देने वाली परंपरा December 17, 2025 / December 17, 2025 | Leave a Comment जातकर्म, नामकरण और निष्क्रमण संस्कार शिशु के जन्मोपरांत उसके स्वास्थ्य, सामाजिक पहचान और बाह्य संसार से परिचय से जुड़े हैं। नामकरण केवल पहचान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम सीढ़ी है। मनोविज्ञान भी मानता है कि नाम व्यक्ति के आत्मबोध और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करता है। Read more » जीवन को वैज्ञानिक और नैतिक दिशा देने वाली परंपरा भारतीय वैदिक संस्कृति में सोलह संस्कार
बच्चों का पन्ना मनोरंजन सोशल मीडिया और बच्चे : बढ़ती लत, गहराता संकट December 13, 2025 / December 13, 2025 | Leave a Comment भारत भी इस चुनौती से अछूता नहीं है। यहाँ स्थिति और भी जटिल है क्योंकि डिजिटल उपकरणों की पहुँच अब गांव-गांव तक हो चुकी है। बच्चे जिस उम्र में खेलकूद, मित्रता, रचनात्मकता और अध्ययन में रमना चाहिए, वह समय अब अनियंत्रित स्क्रीन टाइम की भेंट चढ़ रहा है। मोबाइल फोन आज बच्चों का मनोरंजन साधन नहीं, बल्कि दिनचर्या का प्रमुख हिस्सा बन गया है। Read more » सोशल मीडिया और बच्चे
विश्ववार्ता शेख हसीना को सजा: बांग्लादेश के लोकतंत्र पर गहरा आघात और भारत के लिए गंभीर चिंता November 18, 2025 / November 18, 2025 | Leave a Comment बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति गहरी चिंता उत्पन्न करने वाली हैं। शेख हसीना को सुनाई गई फांसी की सजा केवल न्यायिक निर्णय नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होती है। Read more » शेख हसीना को सजा
लेख ईर्ष्या : मनुष्य के भीतर जलती अदृश्य आग October 6, 2025 / October 6, 2025 | Leave a Comment ईर्ष्या का भाव सामान्यतः तब जन्म लेता है, जब मनुष्य स्वयं को दूसरों से कमतर महसूस करने लगता है। जब किसी का साथी, पड़ोसी, सहकर्मी या परिचित व्यक्ति किसी क्षेत्र में आगे बढ़ता है, तो ईर्ष्यालु व्यक्ति का मन भीतर ही भीतर सुलग उठता है। यह सुलगन धीरे-धीरे उसकी सोच, व्यवहार और दृष्टिकोण को विषाक्त बना देती है। Read more » : मनुष्य के भीतर जलती अदृश्य आग ईर्ष्या
खान-पान खाने में मिलावट से भी घातक: थूक लगाकर रोटियाँ परोसने की भयावह प्रवृत्ति September 26, 2025 / September 26, 2025 | Leave a Comment देश के अलग-अलग हिस्सों से आए दिन ऐसी घटनाएँ सामने आ रही हैं, जो समाज को अंदर तक झकझोर देती हैं। भोजनालयों, ढाबों और होटलों में ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की स्वच्छता और पवित्रता पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। लेकिन हाल के वर्षों में जिस तरह से “थूक लगाकर रोटी” परोसने […] Read more » Deadlier than food adulteration: The horrific trend of spitting on rotis थूक लगाकर रोटियाँ परोसने की प्रवृत्ति
शख्सियत समाज साक्षात्कार पंडित दीनदयाल उपाध्याय : एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता September 25, 2025 / September 25, 2025 | Leave a Comment भारत के राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक इतिहास में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम एक ऐसे महापुरुष के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने भारतीय चिंतन की जड़ों से जुड़कर आधुनिक युग के लिए एक नई दिशा प्रस्तुत की। उनका जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा जनपद के नगला चंद्रभान ग्राम (उत्तर प्रदेश) में हुआ। अल्पायु […] Read more » पंडित दीनदयाल उपाध्याय
राजनीति आधुनिक तकनीक के साथ कदम – ताल करता भारत September 20, 2025 / September 20, 2025 | Leave a Comment हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव का आलेख तकनीक बनी शासन की भाषा समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ हैं।आज के दौर में यदि किसी राष्ट्र की असली ताकत को परखा जाए तो उसमें सेना, अर्थव्यवस्था और संसाधनों के साथ-साथ तकनीकी विकास को भी सबसे अहम माना जाता है। आधुनिक युग में तकनीक केवल जीवन […] Read more » आधुनिक तकनीक के साथ कदम - ताल करता भारत आधुनिक तकनीक के साथ भारत
लेख समाज उपेक्षा और संवेदना के बीच बुजुर्गों की स्थिति September 16, 2025 / September 16, 2025 | Leave a Comment भारतीय समाज की रीति-नीति और सांस्कृतिक परंपराओं में बुजुर्गों का स्थान हमेशा से उच्च माना गया है। “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” की भाँति ही हमारी संस्कृति में यह भी विश्वास किया गया कि बुजुर्गों के आशीर्वाद से घर-परिवार की उन्नति होती है। यही कारण है कि सदियों तक संयुक्त परिवार की परंपरा ने […] Read more » बुजुर्गों की स्थिति
राजनीति राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान धर्म और राजनीति से ऊपर होना चाहिए September 9, 2025 / September 9, 2025 | Leave a Comment अशोक चक्र और तिरंगा हमारी आत्मा के प्रतीक हैं, इन्हें राजनीति का मोहरा न बनाया जाए भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता से होती है। हमारे राष्ट्रीय प्रतीक, जैसे अशोक चक्र, केवल किसी धर्म, पंथ या वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि पूरे राष्ट्र की साझा अस्मिता और गणतंत्र की गरिमा […] Read more »
राजनीति कनाडा की स्वीकारोक्ति और खालिस्तानी चुनौती September 8, 2025 / September 8, 2025 | Leave a Comment भारत वर्षों से यह कहता रहा है कि कनाडा की धरती पर खालिस्तान समर्थक तत्व सक्रिय हैं और उन्हें वहां की सरकार से प्रत्यक्ष या परोक्ष संरक्षण मिलता है। हाल ही में कनाडा सरकार के वित्त विभाग की रिपोर्ट ने इस सच्चाई पर आधिकारिक मुहर लगा दी हैं । ऐतिहासिक पृष्ठभूमि खालिस्तान आंदोलन की जड़ें […] Read more » Canada's confession and the Khalistani challenge खालिस्तानी चुनौती
राजनीति अमेरिका की मनमानी व्यापार नीति और भारत का आत्मसम्मान September 2, 2025 / September 2, 2025 | Leave a Comment वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में अमेरिका की भूमिका हमेशा से निर्णायक मानी जाती रही है। विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिकी नीतियों में एकतरफ़ा और आक्रामक दृष्टिकोण अधिक स्पष्ट रूप से देखने को मिला। हाल ही में अमेरिकी निवेश कंपनी जियोफ्रीज़ की रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत […] Read more » अमेरिका की मनमानी व्यापार नीति और भारत
खान-पान मिठाई के नाम पर जहर – हिसार में नकली मावा कांड से सबक August 12, 2025 / August 12, 2025 | Leave a Comment रक्षा बंधन जैसे पवित्र त्यौहार के तुरंत बाद हरियाणा के हिसार शहर से आई एक चौंकाने वाली खबर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। सीएम फ्लाइंग टीम, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, जो मिठाई की दुकानों पर नकली और गला-सड़ा मावा सप्लाई कर रहा था। […] Read more » Poison in the name of sweets – Lessons from the fake mawa scandal in Hisar नकली मावा कांड