कविता बहुत याद आती है माँ…… May 23, 2011 / December 12, 2011 | Leave a Comment पथरीलेँ रास्तोँ पर जीवन के, घाव जलते हैँ जब तन मन के, बहुत याद आती है माँ।। याद आती है मेरे लिये आँखोँ मेँ कटती उसकी रातेँ, याद आती है हर कदम पर मुझे समझाती उसकी बातेँ, मेरी गलतियोँ पर मुझको डाँटती फिर दुलारती, मेरी बिखरी फैली चीजोँ को ध्यान से संभालती, अपने हाथोँ […] Read more » Maa