आलोचना रामचरितमानस की काव्यभाषा में रस का विवेचन June 9, 2010 / December 23, 2011 | 5 Comments on रामचरितमानस की काव्यभाषा में रस का विवेचन -वंदना शर्मा कविता भाषा की एक विधा है और यह एक विशिष्ट संरचना अर्थात् शब्दार्थ का विशिष्ट प्रयोग है। यह (काव्यभाषा) सर्जनात्मक एक सार्थक व्यवस्था होती है जिसके माध्यम से रचनाकार की संवदेना, अनुभव तथा भाव साहित्यिक स्वरूप निर्मित करने में कथ्य व रूप का विषिष्ट योग रहता है। अत: इन दोनों तत्त्वों का महत्त्व […] Read more » Ramcharitmanas रामचरितमानस