लेख भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता January 25, 2026 / January 27, 2026 | Leave a Comment 26 जनवरी गणतंत्र दिवस विवेक रंजन श्रीवास्तव भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संबंध लोकतंत्र की आत्मा से जुड़ा हुआ है। यह केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं बल्कि नागरिक‑जीवन, राजनीतिक विमर्श और सामाजिक परिवर्तन का मूल प्रेरक सिद्धांत है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना “विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था और उपासना की स्वतंत्रता” देने का संकल्प व्यक्त करती है जो अभिव्यक्ति […] Read more » 26 जनवरी गणतंत्र दिवस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
राजनीति व्यंग्य नंबर वन का ‘अमृत’ और नरक का ड्रेनेज January 16, 2026 / January 16, 2026 | Leave a Comment विवेक रंजन श्रीवास्तव इंदौर में इन दिनों गजब का द्वंद्व चल रहा है। एक तरफ आसमान से टपकती स्वच्छता की ‘नंबर वन’ की ट्राफियां हैं और दूसरी तरफ जमीन फाड़कर निकलता ‘भागीरथपुरा’ का सच। सूचना मिली है कि प्रशासन ने अपनी चिर-परिचित फुर्ती दिखाते हुए कुछ अधिकारियों का ‘स्थानांतरण’ कर दिया है। वाह! क्या गजब […] Read more » नरक का ड्रेनेज
राजनीति क्या है ये SIR ? December 18, 2025 / December 18, 2025 | Leave a Comment SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है, जिसे हिंदी में विशेष गहन पुनरीक्षण कहा जाता है। यह चुनाव आयोग की एक नियोजित प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची का ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करते हैं, नाम, पता, उम्र, परिवार के सदस्यों का सत्यापन करते हैं। Read more » क्या है ये SIR
लेख 2025 का वर्ष: उत्सव, पुरस्कार और विदाइयों के बीच साहित्य December 16, 2025 / December 16, 2025 | Leave a Comment पुरस्कार और विदाइयों के बीच साहित्य Read more » 2025 का वर्ष: उत्सव पुरस्कार और विदाइयों के बीच साहित्य
आर्थिकी इस्लामिक बैंकिंग December 15, 2025 / December 15, 2025 | Leave a Comment इस व्यवस्था की पहली खासियत यह है कि इसमें किसी जमा या ऋण पर पहले से निश्चित ब्याज नहीं लिया या दिया जाता। पारंपरिक बैंकों में ग्राहक अपना पैसा जमा करता है और उसे पहले से तय दर पर ब्याज मिलता है Read more »
खान-पान अमेरिका में रोज़मर्रा का भोजन December 15, 2025 / December 15, 2025 | Leave a Comment नाश्ते की बात करें तो बड़ी संख्या में लोग सुबह समय की कमी के कारण “फटाफट” तैयार होने वाला नाश्ता चुनते हैं। दूध के साथ कॉर्नफ्लेक्स या अन्य सीरियल, टोस्ट पर मक्खन या पीनट बटर, उबले या भुर्जी अंडे, ओटमील, केला या कोई और फल और साथ में कॉफी या जूस , यही आम नज़ारा है। Read more » अमेरिका
लेख हम किसी कुत्ते से कम नहीं December 5, 2025 / December 5, 2025 | Leave a Comment हम किसी कुत्ते से कम नहीं Read more »
समाज आतंक के बदलते चेहरे November 21, 2025 / November 24, 2025 | Leave a Comment इतिहास के पन्ने पलटें तो यह भ्रम टूट जाता है कि आतंकवाद किसी अनपढ़ की देन है । दुनिया ने दो दशक पहले वह दिन देखा था जब अमेरिका की धरती पर आकाश की ऊंचाइयों Read more » आतंक
राजनीति सार्थक पहल थार रिवाइवल प्रोजेक्ट: रेगिस्तान में पानी की धारा और हरियाली का सपना November 14, 2025 / November 14, 2025 | Leave a Comment थार का रेगिस्तान, आज पुनर्जीवन की एक नई पर्यावरणीय इबारत लिख रहा है। यह परिवर्तन हो रहा है - 'थार रिवाइवल प्रोजेक्ट' से । यह केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि जल Read more » A dream of water and greenery in the desert Thar Revival Project थार रिवाइवल प्रोजेक्ट
व्यंग्य वाहन प्रदूषण सीमा के भीतर है November 13, 2025 / November 13, 2025 | Leave a Comment मध्यप्रदेश की हवा में अब सिर्फ धूल नहीं, प्रदूषण प्रमाणपत्र भी तैर रहे हैं। ये डिजिटल कागज़, प्रदूषण नियंत्रण के वे पवित्र सर्टिफिकेट हैं जिनके दम पर राज्य की सड़कों पर चल रही हर Read more » pollution certificate वाहन प्रदूषण
शख्सियत समाज सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी के आइकन लाल बहादुर शास्त्री September 29, 2025 / September 29, 2025 | Leave a Comment शास्त्री जी का निजी जीवन उनके सिद्धांतों का स्पष्ट प्रतिबिंब था। वे न केवल सार्वजनिक जीवन में बल्कि व्यक्तिगत रिश्तों में भी ईमानदारी और नियमों का पालन करते थे। Read more » an icon of integrity in public life Lal Bahadur Shastri लाल बहादुर शास्त्री
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म नवरात्रि का माहात्म्य September 24, 2025 / September 24, 2025 | Leave a Comment विवेक रंजन श्रीवास्तव नवरात्र भारतीय संस्कृति का एक ऐसा पर्व है जो केवल धार्मिक आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के हर पहलू को स्पर्श करता है। यह पर्व वर्ष में दो बार आता है चैत्र और आश्विन मास में और दोनों ही बार यह ऋतु परिवर्तन के संधि-काल में अपना विशेष महत्व लेकर आता है। नवरात्रि, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, नौ रात्रियों का उत्सव है। ये नौ रातें और नौ दिन देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित होते हैं, जो शक्ति, ज्ञान, समृद्धि और शांति के प्रतीक हैं। नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना के साथ होती है, जहाँ एक मिट्टी के घड़े में जौ बोए जाते हैं। यह जीवन के अंकुरण, नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक है। अगले नौ दिनों तक, देवी के नौ रूपों की पूजा का एक विशेष क्रम होता है। प्रत्येक दिन देवी के एक अलग रूप की आराधना की जाती है, जो मानव जीवन के विभिन्न आयामों को दर्शाता है। शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक का यह सफर केवल पूजा अर्चना का ही नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और आंतरिक शुद्धि का भी मार्ग प्रशस्त करता है। इस पर्व का सबसे गहरा महत्व इसकी आध्यात्मिकता में निहित है। मान्यता है कि इन्हीं नौ दिनों में देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसलिए यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बन गया है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपने अंदर की काम, क्रोध, मोह, लोभ और अहंकार जैसे दसों प्रकार के राक्षसों पर विजय प्राप्त करनी चाहिए। दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है, जो विजय का प्रतीक है। नवरात्रि केवल पूजा पाठ का ही पर्व नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उल्लास का भी अवसर है। गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में गरबा और डांडिया का आयोजन इसका उदाहरण है। रातभर चलने वाले इन नृत्यों में समुदाय के सभी लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ मिलकर नृत्य करते हैं। यह सामाजिक सद्भाव और सामूहिक उल्लास का अनूठा दृश्य होता है। घरों में रंगोली बनाने, दीये जलाने और पारंपरिक वस्त्र पहनने की परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखती है। इस पर्व का एक वैज्ञानिक पक्ष भी है। ऋतु परिवर्तन के इस समय में उपवास रखना और सात्विक आहार लेना शरीर के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। यह शरीर को शुद्ध करने, पाचन तंत्र को आराम देने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। इस प्रकार, नवरात्रि शरीर, मन और आत्मा तीनों के लिए शुद्धि का कार्य करती है। नवरात्रि का संदेश अत्यंत सारगर्भित है। यह हमें बाहरी आडंबरों से ऊपर उठकर आंतरिक शुद्धि की ओर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा देती है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में सफलता और शांति के लिए आवश्यक है कि हम अपने अंदर की नकारात्मक शक्तियों पर विजय प्राप्त करें और सकारात्मक ऊर्जा को अपनाएं। नवरात्रि आस्था, संस्कृति और विजय का अनूठा संगम है, जो हमें न केवल बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देती है, बल्कि समाज में एकता और प्रेम का संदेश भी फैलाती है। यही कारण है कि सदियों से यह पर्व हमारी सांस्कृतिक चेतना का एक अभिन्न अंग बना हुआ है। विवेक रंजन श्रीवास्तव Read more » importance of navratri Navratri नवरात्रि का माहात्म्य