तर्ज: कव्वाली पर्दा है पर्दा
मु: पर्दा क्यूँ पर्दा, हमसे क्यूँ पर्दा
पर्दा वाले को बेपर्दा न करदु
तो तो तो तेरा सेवक मैं न कहलाऊ
(प्रियतम प्यारे का मैं दर्शन न कर लू,
तो तो तो तेरा आशिक़ मैं न कहलाऊ )
अ १: मैं देखता हु जिधर, सब भक्त भी उधर देखे
तेरी मन मोहिनी सूरत की तरफ देखे
मेरे ख्वाबों के सावरिया, मैं हु तेरा ही बावरिया।
(तेरे प्यार मैं बावरिया )
मेरा रिश्ता (नाता) है जन्मों का, मैं आशिक़ दीवाना चरणों का,
तेरी सूरत ही देखूंगा, तेरे दर को न छोडूंगा।
मैं डरता न ज़माने से, लोगो की बातो और फ़साने से
अब मुझे अपना दीदार करदे, अपना दीदार करदे।
दास की लाज बचा दे,
तेरे को इन नैनो मैं बसा न लू तो, तो तो
सेवक मैं न कहलाऊ
पर्दा वाले को बेपर्दा न करदु
तो तो तो तेरा सेवक मैं न कहलाऊ