आर्थिकी

बजट 2026 :: राहत कम, रोड मैप ज्यादा

–  मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और मानव पूंजी के दम पर भारत की ग्रोथ बढ़ाने पर फोकस 

तात्कालिक लोकप्रिय फैसलों से ज्यादा लॉन्ग टर्म ग्रोथ और स्ट्रक्चरल मजबूती को ध्यान में रख लिया मंत्री ने पेश किया वित्तीय वर्ष 2026 का बजट

इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं : कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री, 3 आयुर्वेदिक एम्स; 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे

कैंसर की 17 दवाएं सस्ती : EV, सोलर पैनल के दाम घटेंगे,शराब और फ्यूचर-ऑप्शन ट्रेडिंग महंगी

गाड़ी चलाना होगा किफायती, सस्ती होगी सीएनजी- बायोगैस पर एक्साइज ड्यूटी हटाई गईभगवत कौशिक।नई दिल्ली :: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार ( 1 फरवरी) को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। खास बात यह रही कि भारत के स्वतंत्र इतिहास में पहली बार बजट रविवार को प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ने बजट को पारंपरिक ‘बही-खाता’ शैली के कवर में रखे डिजिटल टैबलेट के माध्यम से पेश किया। अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और सतत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाते हुए सरकार ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत किया, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की और महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को कम किया है। इन प्रयासों के चलते भारत ने लगभग 7% की उच्च विकास दर हासिल की है और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। यह बजट आम आदमी, महिलाओं, किसानों और युवाओं पर फोकस बताया जा रहा है। इस बजट का कुल साइज 53 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा है। इस बजट में आम आदमी के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। 7 नए रेल कोरिडोर का ऐलान किया गया है। वहीं गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्‍ता कर दिया गया है।वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए यह साफ कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता तात्कालिक लोकप्रिय फैसलों से ज्यादा लॉन्ग टर्म ग्रोथ और स्ट्रक्चरल मजबूती है। सरकार का दावा है कि उसके नीतिगत कदमों की वजह से भारत ने 7% से ज्यादा की आर्थिक वृद्धि हासिल की है और आने वाले वर्षों में भी स्थिरता के साथ तेज़ विकास का रास्ता नहीं छोड़ा जाएगा।यह बजट खुद को युवा शक्ति आधारित बताता है, जिसमें गरीबों पर फोकस, प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास और सुधारों की निरंतरता साफ दिखाई देती है। वित्त मंत्री ने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट भी पेश की, जिससे राज्यों की हिस्सेदारी और केंद्र-राज्य वित्तीय संतुलन का रोडमैप सामने आया।

आइए जानते हैं आम आदमी के लिए केंद्रीय बजट 2026 का क्या मतलब है?

इंफ्रास्ट्रक्चर : बजट का सबसे मजबूत स्तंभ

इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को एक बार फिर ग्रोथ का इंजन बताया गया है। वित्तीय वर्ष 27 के लिए सरकार ने लगभग 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रस्ताव रखा है, जो सड़कों, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और शहरी ढांचे में निवेश को नई रफ्तार देगा। इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड के गठन का प्रस्ताव इसलिए अहम है क्योंकि इससे बड़े प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश का जोखिम कम होगा। अगले पांच साल में 20 नए वॉटरवेज विकसित करने, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने और नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तैयार करने की योजनाएं लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटाने और सप्लाई चेन मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं।वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने और सी-प्लेन निर्माण के लिए इंसेंटिव देने से इनलैंड और रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही कार्बन कैप्चर योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन सरकार के ग्रीन ट्रांजिशन फोकस को दिखाता है।

मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री : आत्मनिर्भरता का अगला चरण

बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आत्मनिर्भर भारत के अगले चरण के तौर पर पेश किया गया है।सरकार सेमीकंडक्टर मिशन के तहत ISM 2.0 लॉन्च करने जा रही है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए करीब 40,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। रेयर अर्थ मैग्नेट कॉरिडोर और तीन नए केमिकल पार्क बनाने की योजना इंपोर्ट निर्भरता घटाने की रणनीति का हिस्सा है। कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट्स के लिए नई स्कीम इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को मजबूत करेंगी। इसके साथ ही 200 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को रिवाइव करने की घोषणा से मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को नया आधार मिलने की उम्मीद है।

फार्मा, बायोफार्मा और हेल्थ पर फोकस के साथ भविष्य की तैयारी

सरकार ने बायोफार्मा सेक्टर को भविष्य की ग्रोथ स्टोरी बताते हुए इसके लिए नई पॉलिसी और मैन्युफैक्चरिंग हब पर काम तेज करने का संकेत दिया है। अगले पांच साल में करीब 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग को ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा। ग्लोबल स्टैंडर्ड का ड्रग रेगुलेटर बनाने, मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच हब विकसित करने और आयुर्वेद के तीन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट खोलने की योजना हेल्थकेयर सेक्टर के विस्तार को दर्शाती है।रांची और तेजपुर में नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट और हर जिले में इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर खोलने की घोषणा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

कृषि, ग्रामीण भारत और महिला उद्यमिता को बढ़ावा 

किसानों की आय बढ़ाने को बजट का अहम लक्ष्य बताया गया है। इसके तहत किसानों को तकनीकी सपोर्ट, AI आधारित एग्रीकल्चर समाधान, फिशरीज रिज़र्वॉयर का विकास और हाई-वैल्यू क्रॉप्स की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। नारियल उत्पादन के लिए स्पेशल स्कीम और काजू व कोको जैसे फसलों पर फोकस किसानों की इनकम डाइवर्सिफिकेशन की रणनीति का हिस्सा है। महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए सी-मार्टस के गठन की घोषणा भी इसी सोच को आगे बढ़ाती है।

टैक्स, मार्केट और कस्टम ड्यूटी पर राहत भी, सख्ती भी

टैक्स फ्रंट पर बजट ने संतुलित रुख अपनाया है। एक ओर जहां इनकम टैक्स नियमों को सरल बनाने, स्मॉल टैक्सपेयर्स को राहत देने और विदेशी शिक्षा व मेडिकल खर्च पर TCS घटाने जैसे कदम उठाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स और फ्यूचर्स–ऑप्शंस ट्रेडिंग पर STT बढ़ाकर सट्टेबाजी पर लगाम लगाने की कोशिश की गई है।आईटी सेक्टर को सेफ हार्बर मार्जिन और टैक्स हॉलिडे जैसी राहतें दी गई हैं। कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर को आसान करते हुए न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स, क्रिटिकल मिनरल्स, सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट पार्ट्स और 17 कैंसर दवाओं के इंपोर्ट पर ड्यूटी खत्म करने से इंडस्ट्री और आम लोगों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बजट की मुख्य बातें –

1. करदाताओं को राहत

• संशोधित आयकर रिटर्न  भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।

 • ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई पहले की तरह ही रहेगी।

• गैर-ऑडिट मामलों और ट्रस्ट्स के लिए रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा 31 अगस्त कर दी गई है।

• एनआरआई को बड़ी राहत: संपत्ति बिक्री पर अब TDS की कटौती खरीदार करेगा, जिससे कागजी कार्रवाई आसान होगी।

2. रोजगार के नए अवसर

• पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जिससे सड़क, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे।

• 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से निर्माण कार्य और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

• छोटे व्यापारियों और MSME को मजबूती

₹10,000 करोड़ का विशेष फंड छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए।

•आसान लोन, नीति समर्थन और नई तकनीक से छोटे व्यापारियों को सीधा फायदा।

3. महंगाई पर नियंत्रण और सस्ती चीजें

• आत्मनिर्भर भारत पर जोर देकर आयात पर निर्भरता कम की जाएगी, जिससे लंबे समय में जरूरी वस्तुएं सस्ती रहेंगी।

• सप्लाई चेन मजबूत होने से कीमतों में स्थिरता आएगी।

4. यात्रा और रोजमर्रा की सुविधा बढ़ेगी

• सड़क, रेलवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बेहतर होने से यात्रा समय घटेगा और ईंधन खर्च कम होगा।

• शहरों और गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

5. स्वास्थ्य और आयुष सेवाएं

• आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स का उन्नयन किया जाएगा।

• मेडिकल और वेटरनरी शिक्षा को बढ़ावा, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।

6. टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग में नौकरियां

• मेगा टेक्सटाइल पार्क से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे।

7. मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था

• राजकोषीय घाटा घटकर GDP का 4.3% रहने का अनुमान।

•  सरकार के अनुसार 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, जिससे आर्थिक स्थिरता मजबूत हुई।

किसानों के लिए क्या खास है बजट में 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में किसानों और एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए भी बड़े ऐलान किए हैं।पशुपालन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।दुग्ध, पोल्ट्री और पशु व्यवसायों का आधुनिकीकरण किया जाएगा और वैल्यू चेन से किसान संगठनों को बढ़ावा मिलेगा। नारियल और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों के समर्थन के लिए कोकोनट प्रोत्साहन योजना की मदद से 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ लोगों की मदद की जाएगी। वहीं ‘AI एग्री टूल’, किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा।

जवानों के लिए बजट में क्या प्रावधान किए गए 

बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं।इसमें सेना के आधुनिकीकरण पर सरकार का फोकस दिखा है। डिफेंस फोर्सेज के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च का प्रावधान है। बीते साल ये 1.80 लाख करोड़ रुपये था. पहले ही Operation Sindoor की सफलता के चलते डिफेंस सेक्टर के लिए बड़े ऐलान की उम्मीद पहले ही जताई जा रही थी।

खिलाड़ियों के लिए बजट में क्या प्रावधान किए गए 

सरकार ने स्पोर्ट्स सेक्टर का भी बजट में ध्यान रखा है और इसके तहत खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 साल के लिए मजबूत करने के ऐलान किया है। इस मिशन के तहत ट्रेनिंग सेंटर्स बनेंगे, कोच और सपोर्ट स्टाफ को ट्रेनिंग मिलेगी, जकिदी जाएगी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं व लीग आयोजित होंगी। इसके अलावा खेल के सामानों पर ड्यूटी कट करके उन्हों सस्ता किया गया है। 

महिलाओं को बजट से क्या मिला? 

ग्रामीण महिलाओं के लिए शी-मार्ट्स का ऐलान किया गया है।ऐसी महिलाओं की अगुआई वाले तमाम बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए SHE (सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर) मार्ट्स शुरू किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने उत्पाद आसानी से बेच सकेंगी।इस दौरान वित्त मंत्री ने लखपति दीदी योजना की सफलता का भी जिक्र किया।इसके अलावा करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। हर जिले में कम से कम एक हॉस्टल बनाने का टारगेट है।

ये चीजें होंगी सस्ती 

कपड़े ,लेदर आइटम ,सिंथेटिक फुटवियर ,चमड़े के उत्पाद, कैंसर-शुगर की 17 दवाएं ड्यूटी फ्री ,बीड़ी ,लिथियम आयन सेल, मोबाइल बैटरियां ,सोलर ग्लास, मिक्स्ड गैस सीएनजी, ईवी, माइक्रोवेब ओवन, विमानों का ईंधन, विदेश यात्रा

ये चीजें होंगी मंहगी

• शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग करना पहले से कुछ महंगा हो जाएगा।

• सरकार ने फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज़ ट्रांजैक्शन टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।

• ऑप्शंस प्रीमियम पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) 0.1% से 0.15% और ऑप्शन एक्सरसाइज़ पर 0.125% से 0.15% कर दिया गया है।इससे फ़्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में ट्रेडिंग करना महंगा होगा।

• कंपनियों के शेयर बायबैक पर प्रमोटर्स के लिए टैक्स स्ट्रक्चर सख़्त किया गया है।

• अब प्रमोटर्स को कैपिटल गेन टैक्स के साथ अतिरिक्त टैक्स भी देना होगा, जिससे बायबैक के ज़रिए मुनाफ़ा निकालना कम आकर्षक हो सकता है।

• कुछ केमिकल्स जैसे पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड और कुछ उपभोक्ता सामानों पर पहले मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट ख़त्म कर दी गई है।इन पर अब 7.5% तक बेसिक कस्टम ड्यूटी लगेगी, जिससे इनका लैंडेड कॉस्ट बढ़ेगा।

• रसायनों के महंगे होने का असर इनसे बनने वाले उत्पादों की क़ीमतों पर पड़ सकता है।यानी कुल मिलाकर बजट 2026 में मिनरल्स, स्क्रैप, शराब महंगे हुए हैं।

किस मंत्रालय को कितना बजट मिला

वित्त मंत्री ने 2026-27 के लिए देश का बजट संसद में पेश कर दिया है. सबसे ज्यादा बजट परिवहन मंत्रालय को दिया गया है। सरकार ने परिवहन को

5,98,520 करोड़ रुपये दिए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर रक्षा मंत्रालय रहा। उसे 5,94,585 करोड़ रुपये मिले हैं. तीसरे नंबर पर ग्रामीण विकास 2,73,108, चौथे पर गृह मंत्रालय 2,55,234, 5वें पर कृषि मंत्रालय 1,62,671, छठे पर शिक्षा 1,39,289, 7वें पर ऊर्जा 1,09,029, 8वें पर स्वास्थ्य 1,04,599, 9वें पर शहरी विकास 85,522 और 10वें नंबर पर आईटी और टेलीकॉम मंत्रालय रहा है, उसे 74,560 करोड़ रुपये मिले हैं।

 राहत कम, रोडमैप ज्यादा

वित्तीय बजट 2026 एक ऐसा बजट है जो तुरंत खुश करने के बजाय आगे की तस्वीर साफ करने की कोशिश करता है।यह राहत कम और रोडमैप ज्यादा दिखाता है- जहां सरकार का भरोसा है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और मानव पूंजी के दम पर भारत की ग्रोथ कहानी आगे बढ़ेगी