और कितने गद्दार?

संजय सिन्हा

भारत के गद्दारों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।हर रोज नए गद्दारों के चेहरे बेनकाब हो रहे हैं। दअरसल ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को धूल चटा देने के बाद अब भारत में ऐसे लोगों की तलाश तेज हो गई है जो दुश्मन पड़ोसी देश के साथ गद्दारी कर रहे थे। हरियाणा से एक और ऐसे ही शख्स को गिरफ्तार किया गया है जिस पर पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप है। यह हरियाणा से पांचवीं और नूंह जिले से दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को हिसार और अरमान को नूंह से पकड़ा गया था। हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने नूंह के तावड़ू सब डिवीजन के कंगारका गांव से तारिफ नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में तावड़ू सदर पुलिस थाने में तारिफ के अलावा पाकिस्तानी हाई कमीशन के दो स्टाफ सदस्यों पर भी केस दर्ज किया गया है।पुलिस जांच में सामने आया है कि तारीफ वॉट्सऐप के जरिए दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में काम कर रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों आसिफ बलोच और जाफर को भारत की सैन्य गतिविधियों की गुप्त जानकारी भेज रहा था। इस काम के बदले उसे पैसों की भी मदद मिलती थी।

गुप्त सूचना के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने तावडू सीआईए और सदर थाना पुलिस के साथ मिलकर  उसे गांव बावला के पास से पकड़ा। पुलिस को देखते ही तारीफ ने अपने मोबाइल से कुछ चैट डिलीट करने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी।जांच में उसके मोबाइल में पाकिस्तानी नंबरों से की गई चैटिंग, फोटो, वीडियो और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी तस्वीरें मिलीं। तारीफ दो अलग-अलग सिम कार्ड से लगातार पाकिस्तान के संपर्क में था। पुलिस का कहना है कि तारीफ ने पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात आसिफ बलोच और जाफर को भारत की खुफिया जानकारियां देकर देश की सुरक्षा को खतरे में डाला। इस मामले में नूंह जिले के तावडू सदर थाने में भारतीय दंड संहिता, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 और देशद्रोह की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।बेटे की गिरफ्तारी के बाद तारिफ के पिता हनीफ ने कहा कि पुलिस उसे उठाकर ले गई है। उन्हें कुछ बताया नहीं गया है। जासूसी के आरोपों को लेकर हनीफ ने बेटे का बचाव किया। पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में उनकी रिश्तेदारी है। हनीफ ने कहा, ‘पाकिस्तान में मेरे ताऊ रहते हैं। हम वहां जाते हैं। मैं, मेरा बेटा और बहू डेढ़ साल पहले गए थे लेकिन जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वो गलत हैं।’

नूंह जिले के राजाका गांव में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो दिन पहले ही 26 साल के अरमान को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी अरमान को दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात एक कर्मचारी के जरिए भारतीय सेना और अन्य सैन्य गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं पाकिस्तान को देने के आरोप में पकड़ा गया। अरमान वॉट्सऐप और सोशल मीडिया के जरिए खुफिया जानकारी शेयर कर रहा ता। पुलिस ने बताया कि जब उसके मोबाइल फोन की तलाशी ली गई तो उसमें पाकिस्तानी नंबरों से की गई बातचीत, फोटो और वीडियो मिले। आरोप है कि वह पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स को सिम भी मुहैया कराता था।

आपको बताता चलूं कि भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच अब एक हैरान कर देने वाली रिपोर्ट सामने आयी है जिसमें यह खुलासा किया गया है कि भारत और पाकिस्तान तनाव के बीच चीन ने पाकिस्तान की मदद करने के लिए भारत की जासूसी की थी।चीन ने भारत की जासूसी ही नहीं की बल्कि सेटेलाइट डेटा भी पाकिस्तान को भेजा। रक्षा मंत्रालय से संबद्ध  एक रिपोर्ट में किये गये दो बड़े खुलासों ने सभी को चौंका दिया है। इस रिपोर्ट की सबसे अहम बात यह है कि यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच संघर्ष पर विराम लग चुका है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद चीन की भूमिका सवालों में घेरे में आ गयी है। सरकार और खुफिया एजेंसियां अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय संदिग्ध तत्वों की निगरानी और जांच को और तेज करने की दिशा में स्वाभाविक ही काम कर रही है।इस दिशा में तेज और सख्त कदम उठाने की जरूरत है क्योंकि गद्दारों की फेहरिस्त में और भी कई कई नाम जुड़ सकते हैं।

संजय सिन्हा

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