हरियाणा प्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा शहरों में नए सेक्टर विकसित करने की योजना एक अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी पहल है। ताज़ा समाचारों के अनुसार, गत दिवस हरियाणा के समाज कल्याण एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने विधानसभा में इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी दी है। साथ ही, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा शीघ्र ही इसकी विस्तृत घोषणा किए जाने की संभावना है। यह योजना न केवल शहरी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।
हरियाणा एक तेजी से विकसित होता हुआ राज्य है, जहाँ औद्योगीकरण, शिक्षा संस्थानों और रोजगार के अवसरों के विस्तार के कारण जनसंख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में आवास की मांग भी लगातार बढ़ रही है। लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि संगठित और नियोजित आवासीय क्षेत्रों की कमी के कारण आम लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की यह नई पहल इस समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत करती है।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि प्रदेशवासियों की आवासीय आवश्यकताओं को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सकेगा। अब तक बड़ी संख्या में लोग मजबूरीवश अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदकर घर बनाने को विवश थे। इन कॉलोनियों में बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता था, जिससे नागरिकों को वर्षों तक संघर्ष करना पड़ता था। कई बार कानूनी अड़चनों के कारण उनकी संपत्ति भी असुरक्षित हो जाती थी।
नए सेक्टरों की योजना से अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। जब सरकार द्वारा नियोजित, स्वीकृत और विकसित आवासीय क्षेत्र उपलब्ध होंगे, तो लोगों को अनधिकृत निर्माण की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे न केवल शहरी अव्यवस्था कम होगी, बल्कि प्रशासनिक नियंत्रण भी मजबूत होगा।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा विकसित किए जाने वाले सेक्टरों में नागरिकों को बिजली, स्वच्छ पेयजल, चौड़ी सड़कें, सीवरेज व्यवस्था, पार्क, सामुदायिक केंद्र, विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाएं जैसी सभी मूलभूत आवश्यकताएँ उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण में जीवन यापन का अवसर मिलेगा।
इस योजना का विशेष लाभ मध्यवर्ग और निम्न वर्ग के परिवारों को मिलेगा। सीमित आय वाले लोग अब तक सस्ती जमीन की तलाश में अवैध कॉलोनियों का रुख करते थे, जहाँ भविष्य अनिश्चित रहता था। नई योजना के अंतर्गत उन्हें उचित मूल्य पर सुरक्षित और वैध आवासीय भूखंड मिल सकेंगे। इससे सामाजिक सुरक्षा और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।
सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 52 से अधिक शहरों में लगभग 500 नए सेक्टर विकसित करने का खाका तैयार किया गया है। यह दर्शाता है कि सरकार केवल तात्कालिक समाधान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और संतुलित विकास की दिशा में कार्य कर रही है। छोटे शहरों और कस्बों को भी इस योजना में शामिल किया जाना क्षेत्रीय संतुलन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नए सेक्टरों के विकास से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। निर्माण कार्य, आधारभूत संरचना, परिवहन और सेवाओं से जुड़े अनेक क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा। साथ ही, रियल एस्टेट और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
कहा जा सकता है कि हरियाणा सरकार की नए सेक्टरों की योजना एक जनकल्याणकारी, व्यावहारिक और दूरदर्शी कदम है। यह न केवल आवास संकट को दूर करेगी, बल्कि शहरी विकास को व्यवस्थित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाएगी। यदि इस योजना को पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ लागू किया गया, तो यह आने वाले वर्षों में हरियाणा को एक आदर्श विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
-सुरेश गोयल धूप वाला