आलोचना जाति, न्याय और लोकतंत्र : एक असहज सच्चाई February 5, 2026 / February 5, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment भारत का लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक नैतिक संकल्प है—समानता, न्याय और बंधुत्व का। संविधान की प्रस्तावना इसी संकल्प का उद्घोष करती है। Read more » न्याय और लोकतंत्र