व्यंग्य कविता : मौके की बात

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 मिलन  सिन्हा आधुनिक युग कलयुग तो है ही ‘क्यू’  युग भी है जहाँ  जाइए वहां  क्यू नल पर नहाइए, वहां  क्यू राशन लेना है, क्यू  में आइए बच्चे का एडमिशन है, क्यू  में आइए भाषण देना है, क्यू  में आइए रोजगार  दफ्तर में बेकारों के लिए क्यू श्मशान में मुर्दों के लिए क्यू एक दिन … Read more »