मौलिकता में समायी है सृजन की सुगंध

Posted On by & filed under लेख

मौलिकता में समायी है सृजन की सुगंध बाकी सब शब्दों का आडम्बरी व्यापार – डॉ. दीपक आचार्य सृजन अपने आप में विराटकाय और व्यापक अर्थ लिए हुए है। इस शब्द का संबंध मन के विचारों से लेकर सृष्टि के मूर्तमान स्वरूप तक को परिभाषित करने का सामथ्र्य रखता है। यह सृजन जहां है वहाँ सकारात्मक… Read more »