राजनीति ‘एक भारत, एक कानून’ की नीतिगत कसौटी के सियासी निहितार्थ January 27, 2026 / January 27, 2026 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment कमलेश पांडेय विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों […] Read more » One India One Law एक भारत संविधान सिर्फ एक कानूनी का ग्रंथ
राजनीति संविधान सबसे पवित्र ग्रंथ नहीं, महज एक कानूनी ग्रंथ है जो भेदभाव से परे नहीं है! November 28, 2024 / November 28, 2024 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment @ कमलेश पाण्डेय भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान दिवस पर संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि संविधान सबसे पवित्र ग्रंथ है, क्योंकि हमने संविधान के जरिए सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के कई बड़े लक्ष्यों को हासिल किया है। संविधान निर्माताओं की प्रगतिशील और समावेशी सोच की छाप […] Read more » Constitution संविधान संविधान सिर्फ एक कानूनी का ग्रंथ