कविता
नन्हे कदम, बड़ी उड़ान
/ by डॉ. सत्यवान सौरभ
नन्हे हाथों में हरियाली,जैसे धरती का उपहार,छोटा-सा मन, बड़ी खुशी,आँखों में सारा संसार। कदम-कदम पर चलता जाए,सपनों की है राह,कभी कद्दू, कभी साइकिल,हर दिन नई चाह। नन्हा साथी साथ में,साइकिल भी मुस्काए,टोकरी में खुशियाँ भरकर,आगे-आगे जाए। धूप खिली है गालों पर,हँसी खिले जैसे फूल,मस्ती में ये बचपन प्यारा,सबसे सुंदर उसूल। डगमग-डगम चलना सीखे,गिरकर फिर उठ […]
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