राजनीति आखिर जातीय, धार्मिक व क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने वाली लोकतांत्रिक प्रवृत्ति पर कैसे पाएंगे काबू? February 18, 2026 / February 18, 2026 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment कमलेश पांडेय दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश देने वाला जनतांत्रिक भारत आज जातीय, धार्मिक और क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने वाली ‘ब्रितानी’ व ‘मुगलिया’ सियासत के चक्रव्यूह में फंसा पड़ा है। इससे ‘सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया’ जैसी उसकी उदात्त सोच भी कठघरे में खड़ी प्रतीत हो रही है। यहां की प्रतिभाशाली और प्रभुत्ववाली […] Read more » लोकतांत्रिक प्रवृत्ति पर काबू