लेखक परिचय

डॉ. वेदप्रताप वैदिक

डॉ. वेदप्रताप वैदिक

‘नेटजाल.कॉम‘ के संपादकीय निदेशक, लगभग दर्जनभर प्रमुख अखबारों के लिए नियमित स्तंभ-लेखन तथा भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष।

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jinnaपाकिस्तान के हालात को अगर कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना स्वर्ग से देख रहे हों तो क्या वे अपना माथा नहीं कूट लेंगे? क्या वे खुद से यह नहीं पूछेंगे कि पाकिस्तान क्या मैंने इसीलिए खड़ा किया था? इसका मैंने पाकिस्तान याने ‘पवित्र स्थान’ नाम रखा था, क्या यह अपने नाम के अनुसार काम कर रहा है? जिन्ना ने मुसलमानों के लिए पाकिस्तान बनाया लेकिन पाकिस्तान में आजकल किनका कत्ले-आम हो रहा है? लाहौर के इकबाल पार्क में 73 लोग मारे गए। पिछले 10 साल में पाकिस्तान में 60 हजार से ज्यादा लोग मारे गए।

इन्हें इस्लाम के नाम पर मारा जा रहा है। ये मारे गए लोग कौन हैं? इकबाल पार्क में मारे गए 73 लोगों में से सिर्फ 14 ईसाई हैं। बाकी सारे मुसलमान हैं। ईसाइयों पर हमला करने की नीयत से इतवार को इकबाल पार्क में हल्ला बोला गया था। यह हमला उसी विशाल प्रदर्शन का अगला कदम था, जो इस्लामाबाद में हुआ था। इस्लामाबाद में 30-40 हजार लोग सड़कों पर उतर आए थे। किसलिए? इसलिए कि राज्यपाल सलमान तासीर के हत्यारे मुमताज़ कादरी को वे शहीद का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। वे उसका स्मारक बनाने की मांग कर रहे थे। कादरी को फांसी दी गई, इस बात पर लोग नाराज़ हैं।

जिन्ना ने अपने प्रसिद्ध भाषण में कहा था कि इस पाकिस्तान में अब मज़हब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा लेकिन पाकिस्तान का धर्मद्रोह या ईश-निंदा का कानून जितना बेढंगा और मनमाना है, उतना दुनिया के किसी देश का नहीं है। इस कानून के जरिए दर्जनों लोगों को मौत के घाट उतार दिया जाता है। मियां नवाज़ शरीफ और बिलावल भुट्टो की हमें पीठ ठोकनी होगी कि वे आतंकवादियों और अतिवादियों के खिलाफ डटे हुए हैं।

सलमान तासीर इसी ईश-निंदा कानून को बदलवाना चाहते थे। उन्होंने एक ईसाई महिला के पक्ष में आवाज़ उठाई थी। कोई आश्चर्य नहीं कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ, उनके छोटे भाई पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो भी इन तालिबानी आतंकवादियों का निशाना बन जाएं। पाकिस्तान में कोई यह मांग नहीं कर रहा है कि सलमान तासीर को शहीद घोषित किया जाए और उनका स्मारक बनाया जाए। यदि जिन्ना आज जिंदा होते तो क्या वे सलमान तासीर को गले नहीं लगा लेते? हर पाकिस्तानी नागरिक जिन्ना के प्रति गहरी श्रद्धा रखता है लेकिन आज के पाकिस्तान ने जिन्ना के सपनों को चूर-चूर कर दिया है।

One Response to “जिन्ना अपना माथा कूट लेते”

  1. आर. सिंह

    R.Singh

    डाक्टर साहिब पाकिस्तान की हालात के बारे में आपका कहना सही है,पर मेरा प्रश्न है कि भारत की वर्तमान अवस्था देख कर हमारे शहीद जिनमे महात्मा गांधी भी शामिल हैं,प्रसन्न होते क्या?

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