कविता स्नेह 5 months ago अनिल सोडानी न वफ़ा है न शर्त हैरुसवाई है न बेवफाईइसमें न कुछ खोजते हैंन इसमें कुछ तौलते हैं खुद-ब-खुद बहती हैखुद-ब-खुद...