मनोरंजन मीडिया लोकतंत्र की सांस है आजाद मीडिया May 2, 2026 / May 2, 2026 | Leave a Comment विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 1993 में की थी। इसका उद्देश्य दुनिया भर में प्रेस की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करना, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्वतंत्र पत्रकारिता के प्रति जनचेतना बढ़ाना था। आज जब सूचना का युग अपने चरम पर है, तब यह दिवस और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। Read more » विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस
लेख मजदूर दिवस की कहानी : इतिहास, संघर्ष और अधिकारों की दास्तां April 30, 2026 / April 30, 2026 | Leave a Comment 19वीं सदी में अमेरिका सहित कई देशों में मजदूरों से 14 से 18 घंटे तक काम कराया जाता था। काम के घंटों का कोई निश्चित नियम नहीं था। महिलाएं और बच्चे भी कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक काम करने को मजबूर थे। जो मजदूर विरोध करते, उन पर मालिकों के गुंडे, पुलिस और सेना तक छोड़ दी जाती थी। Read more » मजदूर दिवस
समाज आखा तीज और बाल विवाह की चुनौती April 17, 2026 / April 17, 2026 | Leave a Comment बहरहाल, बाल विवाह आज भी ज्वलंत समस्या के रूप में हमारे सामने हैं। यह अनादिकाल से चली आ रही है। सामाजिक चेतना के अभाव और कानून की शिथिलता के कारण इस सामाजिक कुरीति को बढ़ावा मिलता है। सामाजिक मान्यता मिलने के कारण इसे बढ़ावा मिला। इसी कारण इस कुप्रथा ने विकराल रूप धारण कर लिया। Read more » Akha Teej challenge of child marriage तीज और बाल विवाह
लेख डिजिटल दौर में हिंदी पत्रकारिता की नई चुनौतियां March 16, 2026 / March 16, 2026 | Leave a Comment बाबूलाल नागा डिजिटल तकनीक ने हिंदी पत्रकारिता को अभूतपूर्व विस्तार दिया है। मोबाइल फोन और इंटरनेट ने खबरों को उन लोगों तक पहुंचाया है, जो कभी मुख्यधारा के मीडिया से बाहर थे। छोटे कस्बों, गांवों और हाशिए पर खड़े समाज की आवाज आज राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन रही है। यह हिंदी पत्रकारिता की ऐतिहासिक उपलब्धि है। लेकिन […] Read more » New challenges of Hindi journalism in the digital era डिजिटल दौर में हिंदी पत्रकारिता
महिला-जगत लेख आइए, हम महिला-पुरुष समानता का माहौल बनाने का संकल्प लें March 6, 2026 / March 6, 2026 | Leave a Comment 8 मार्च का दिन केवल उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का भी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और अधिकारों की याद दिलाता है। Read more » महिला-पुरुष समानता
लेख विज्ञान अंधविश्वास और पाखण्ड से बाहर आएं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं February 27, 2026 / February 27, 2026 | Leave a Comment 28 फरवरी: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस बाबूलाल नागा 28 फरवरी का दिन केवल एक तिथि नहीं बल्कि समाज के लिए चेतना और जागरूकता का अवसर है। इसी दिन 1928 में भारत के महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज करके भारत को वैज्ञानिक दुनिया में स्थापित किया। यह खोज न केवल विज्ञान की उपलब्धि थी बल्कि यह दिखाती है कि तर्क, प्रयोग और […] Read more » 28 फरवरी: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
मनोरंजन नागरिक पत्रकारिता: जमीनी हकीकत की सच्ची आवाज February 25, 2026 / February 25, 2026 | Leave a Comment बाबूलाल नागा डिजिटल क्रांति के इस दौर में खबरों का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। कभी न्यूजरूम और बड़े मीडिया संस्थानों तक सीमित रहने वाली पत्रकारिता आज आम नागरिक के हाथों में पहुंच गई है। स्मार्टफोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने हर जागरूक व्यक्ति को अपनी बात रखने का मंच दिया है। यही […] Read more » citizen journalism The True Voice of Ground Reality is citizen journalism
मनोरंजन मीडिया व्हाट्सएप निमंत्रण : सुविधा के साथ संवेदना भी जरूरी February 4, 2026 / February 4, 2026 | Leave a Comment समय के साथ समाज बदला है और उसके साथ बदल गया है हमारे आपसी संवाद का तरीका भी। एक दौर था जब शादी-ब्याह, गृहप्रवेश या किसी अन्य पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण स्वयं घर आकर दिया जाता था। Read more » व्हाट्सएप निमंत्रण
शख्सियत समाज गुरु रविदास जयंती: सामाजिक समता और मानवीय गरिमा के महान उद्घोषक February 2, 2026 / February 2, 2026 | Leave a Comment गुरु रविदास जयंती हिंदू चंद्र पंचांग के माघ महीने की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। यह आमतौर पर हर साल जनवरी या फरवरी में पड़ती है। 2026 में गुरु रविदास जयंती रविवार, 1 फरवरी Read more » गुरु रविदास जयंती
लेख संवैधानिक मूल्य : गणतंत्र की आत्मा और नागरिक दायित्व January 25, 2026 / January 27, 2026 | Leave a Comment 26 जनवरी गणतंत्र दिवस बाबूलाल नागा भारतीय संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन है जो देश की आत्मा, उसकी चेतना और दिशा—तीनों को परिभाषित करता है। संविधान की उद्देशिका में निहित स्वतंत्रता, समता, समानता, बंधुता, संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे मूल्य पूरे संविधान की वैचारिक रीढ़ हैं। ये मूल्य “हम भारत के लोग” द्वारा स्वयं को दी गई वह सामूहिक प्रतिबद्धता हैं जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निरंतर स्मरण कराती है। संविधान का सच्चा सम्मान केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि इन मूल्यों को अपने व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में उतारने से होता है। भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ मना रहा है। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे देश की शासन व्यवस्था के रूप में लागू किया गया। यह वही ऐतिहासिक क्षण था, जब भारत औपनिवेशिक शासन की छाया से बाहर निकलकर एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप […] Read more » 26 जनवरी गणतंत्र दिवस
महिला-जगत लेख सम्मान, सुरक्षा और समानता का सवाल January 23, 2026 / January 23, 2026 | Leave a Comment भारत में विकास और समानता की चर्चा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक उसमें बालिकाओं की स्थिति का ईमानदार मूल्यांकन न हो। 23 जनवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय बालिका दिवस इसी मूल्यांकन Read more » राष्ट्रीय बालिका दिवस
लेख लोकतंत्र की असली ताकत: जागरूक मतदाता January 23, 2026 / January 27, 2026 | Leave a Comment राष्ट्रीय मतदाता दिवस Read more » 25 जनवरी राष्ट्रीय मतदाता दिवस जागरूक मतदाता लोकतंत्र की असली ताकत