राजनीति पाकिस्तान के नापाक इतिहास से सबक लेने का समय! May 22, 2025 / May 22, 2025 | Leave a Comment डॉ. बालमुकुंद पांडेय मूल प्रश्न यह है कि पाकिस्तान आखिर क्यों गलत नीतियों का चयन करता है? पाकिस्तान क्यों सभ्य राष्ट्र – राज्यों के मौलिक सिद्धांतों का पालन नहीं करता है? कौन से आधारभूत तत्व हैं जो पाकिस्तान द्वारा गलत नीतियों एवं विकल्पों के चयन के लिए उत्तरदाई है ? किसी भी राष्ट्र – राज्य […] Read more » Time to learn a lesson from Pakistan's nefarious history! पाकिस्तान के नापाक इतिहास
राजनीति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के “पंच परिवर्तन” के निहितार्थ April 29, 2025 / April 29, 2025 | Leave a Comment डॉ.बालमुकुंद पांडेय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ( आरएसएस ) की यह पहल ,संघ के चतुर्दिक् दृष्टिकोण, व्यक्ति निर्माण,सांगठनिक उद्देश्य ,समाज निर्माण और राष्ट्र- राज्य निर्माण के प्रति अटूट विश्वास , श्रद्धा एवं अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिफल एवं समाज में इसकी सकारात्मक उपादेयता का प्रतीक है । संघ इस वर्ष ,2025 में ‘ शताब्दी वर्ष ‘ मनाने जा […] Read more » राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
कला-संस्कृति भारत की विरासत इतिहास है April 17, 2025 / April 17, 2025 | Leave a Comment डॉ..बालमुकुंद पांडेय वैश्विक स्तर पर अक्षर ज्ञान के महान प्रणेता,महान अन्वेषक,महान दिव्यप्रकाश देवीत्यमान कर्मयोगी भगवान शिवजी हैं । तीनों लोकों में गीता – ज्ञान गुरु शिष्य परंपरा का स्रोत हैं और सांसारिक विषयों को जानने,समझने और उपर्युक्त परिस्थिति में क्रियान्वित करने का विधा है।गुरु शिष्य परंपरा नागरिक संस्कृति के लिए मानवीय समुदाय के लिए महती […] Read more » भारत की विरासत
राजनीति अगले 30 सालों में बांग्लादेश में कोई हिंदू नहीं बचेगा April 7, 2025 / April 7, 2025 | Leave a Comment डॉ. बालमुकुंद पांडेय भारत का पूर्वी देश बांग्लादेश 1971 में बना था। तत्कालीन नवोदित राष्ट्र (विकासशील राज्य) के रूप में बांग्लादेश ‘ धर्मनिरपेक्ष’ राज्य ( देश ) था लेकिन 1975 में तत्कालीन बांग्लादेश की सरकार( सरकार पर कट्टरपंथियों का प्रत्यक्ष एवं सेना का भी प्रभुत्व था) […] Read more » अगले 30 सालों में बांग्लादेश में कोई हिंदू नहीं बचेगा
राजनीति भारतीय राष्ट्रबोध की अवधारणा एवं उसका प्रस्फुटन March 21, 2025 / March 21, 2025 | Leave a Comment डॉ. बालमुकुंद पांडेय राष्ट्र एक सांस्कृतिक संकल्पना है। राज्य ही राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का मुख्य भाग होता हैं । राजनीतिक एकता उसके अस्तित्व की पहली आवश्यकता है . राष्ट्र के लिए भूमि, भाषा, धार्मिक एवं नस्ल की एकता का होना भी अति आवश्यक हैं । भारत […] Read more » The concept of Indian nationalism and its blossoming