लेख पेंशन का सवाल: नेता और विधायक मालामाल, जनता और कर्मचारी बेहाल December 29, 2025 / December 29, 2025 | Leave a Comment एक से अधिक पेंशन, यात्रा भत्ते की सर्वसम्मति और 60 साल सेवा के बाद भी पेंशन से वंचित कर्मचारी—लोकतंत्र की उलटी प्राथमिकताओं की कहानी Read more » the public and employees are in trouble The question of pension: leaders and MLAs are rich पेंशन
लेख वन्यजीवन विकास की पटरी पर कुचला December 27, 2025 / December 27, 2025 | Leave a Comment दिसंबर 2025 में असम के होजाई ज़िले में सात हाथियों—जिनमें शावक भी शामिल थे—की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु कोई साधारण हादसा नहीं थी। यह घटना भारत के विकास मॉडल और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बनकर सामने आई। तेज़ रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर न केवल हाथियों की जान गई, बल्कि इंजन और कई डिब्बों के पटरी से उतरने से यह भी स्पष्ट हुआ कि Read more » असम के होजाई ज़िले असम के होजाई ज़िले में सात हाथियों की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु सात हाथियों की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु
कविता हम आदमी, तुम लोग हो गए December 19, 2025 / December 19, 2025 | Leave a Comment सबको बनाकर मैं बना कुछ कम बना तो क्या हुआ Read more » लोग हो गए
विश्ववार्ता ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती यहूदी-विरोधी हिंसा: आंतरिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक संतुलन December 18, 2025 / December 18, 2025 | Leave a Comment यहूदी-विरोधी हिंसा के उभार को समझने के लिए सबसे पहले वैश्विक भूराजनीतिक संदर्भ पर ध्यान देना आवश्यक है। इज़राइल-ग़ाज़ा संघर्ष जैसे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम अब केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रह गए हैं। Read more » यहूदी-विरोधी हिंसा
लेख स्वास्थ्य-योग जब इलाज भी बाज़ार बन जाए: भारत में स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई December 13, 2025 / December 13, 2025 | Leave a Comment भारत में स्वास्थ्य का अधिकार अप्रत्यक्ष रूप से अनुच्छेद 21 के अंतर्गत न्यायालयों द्वारा मान्यता प्राप्त है, पर इसे अभी तक स्पष्ट रूप से एक स्वतंत्र मौलिक अधिकार नहीं बनाया गया है। Read more »
समाज विश्व हैपीनेस रिपोर्ट की सीमाएँ और भारत में सहानुभूति–ढाँचे की अनिवार्यता December 7, 2025 / December 7, 2025 | Leave a Comment विश्व हैपीनेस रिपोर्ट में भारत की निम्न रैंकिंग अक्सर वास्तविक कल्याण स्थिति से अधिक सांस्कृतिक तथा धारणा-आधारित पूर्वाग्रहों को दर्शाती है। सुख मापने की पद्धति में निहित सीमाओं को समझते हुए भारत को अपने सामाजिक, संवेदनात्मक और सामुदायिक ढाँचे में सहानुभूति-आधारित सुधारों को बढ़ाना चाहिए। Read more » The limitations of the World Happiness Report and the need for an empathy framework in India World Happiness Report विश्व हैपीनेस रिपोर्ट
पर्यावरण लेख अरावली की सिकुड़ती ढाल और दिल्ली का डूबता पर्यावरण December 7, 2025 / December 7, 2025 | Leave a Comment अरावली संरक्षण के दायरे को 100 मीटर की परिभाषा से सीमित कर देना—दिल्ली-एनसीआर की हवा, पानी और तापमान के लिए एक गहरी पर्यावरणीय चोट। Read more » Shrinking Aravalli slopes and Delhi's sinking environment अरावली की सिकुड़ती ढाल
खेल जगत मनोरंजन वैश्विक प्रतिष्ठा से लेकर आर्थिक बोझ तक—विशाल खेल आयोजनों की मेजबानी में भारत की रणनीतिक चुनौती और संभावनाएँ December 3, 2025 / December 3, 2025 | Leave a Comment ओलंपिक जैसे विराट आयोजन से पहले सन 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी को भारत एक प्रकार के “पूर्वाभ्यास”, “पूर्व-ओलंपिक नमूने” और “वैश्विक विश्वास की परीक्षा” के रूप में देख रहा है। यह रणनीति जितनी आकर्षक संभावनाएँ प्रदान करती है, उतनी ही गंभीर आर्थिक, प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करती है। Read more » विशाल खेल आयोजनों की मेजबानी में भारत
राजनीति विधि-कानून संविधान : भारतीय लोकतंत्र की अटूट नींव और भविष्य की रोशनी November 26, 2025 / November 26, 2025 | Leave a Comment संविधान दिवस केवल एक औपचारिक तिथि नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। यह हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि क्या हम वास्तव में संविधान की भावना के अनुरूप समाज का निर्माण कर रहे हैं। संविधान हमें अधिकार भी देता है और जिम्मेदारी भी। यही दस्तावेज़ हमें स्वतंत्रता, समानता और न्याय की राह दिखाता है। बदलते समय में संविधान भारत की स्थिरता, प्रगतिशीलता और लोकतांत्रिक परंपरा का आधार बना हुआ है। Read more » भारतीय संविधान
कविता आज गए धर्मेंद्र जी… November 25, 2025 / November 25, 2025 | Leave a Comment क-एक कर जा रहे हैं, कोई उन्हें रोक न पाए। आज धर्मेंद्र जी भी चले, जग को बिना बताए। Read more » आज गए धर्मेंद्र जी
मनोरंजन ‘हमेशा ऑनलाइन’ रहने के मायाजाल की दौड़ में थकते युवा November 25, 2025 / November 25, 2025 | Leave a Comment भारत में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 करोड़ पार कर चुकी है—यह दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल समुदायों में से एक है। Read more »
पर्यावरण लेख प्रदूषण की कीमत: क्या भारत को चाहिए एक व्यापक ‘प्रदूषण कर’? November 20, 2025 / November 20, 2025 | Leave a Comment भारत विश्व के उन देशों में है जहाँ वायु, जल और मिट्टी का प्रदूषण तीव्र स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी सबसे प्रदूषित नगरों की सूची में भारत के अनेक नगर Read more » प्रदूषण कर