लेखक परिचय

उमाशंकर मिश्र

उमाशंकर मिश्र

मूलत: प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) से। पत्रकारिता में खालसा कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और कोटा वि‍श्‍वविद्यालय से स्‍नातकोत्‍तर की डिग्रियां हासिल कीं। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित। गांव, गरीब और किसान से जुड़ी खबरों को मीडिया की मुख्यधारा में जगह दिलाने के लिए जाने जाते हैं। छात्र-राजनीति में सक्रियता के दौरान अनेक दायित्वों को संभाला। फिलहाल दिल्ली से प्रकाशित 'सोपान स्टेप' मासिक पत्रिका में संवाददाता के तौर पर कार्यरत हैं।

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खेतों की मेड़ों पर धूल भरे पाँव को
कुहरे में लिपटे उस छोटे से गाँव को
नए साल की शुभकामनाएं!

जाँते के गीतों को बैलों की चाल को
करघे को कोल्हू को मछुओं के जाल को
नए साल की शुभकामनाएँ!

इस पकती रोटी को बच्चों के शोर को
चौंके की गुनगुन को चूल्हे की भोर को
नए साल की शुभकामनाएँ!

वीराने जंगल को तारों को रात को
ठंडी दो बंदूकों में घर की बात को
नए साल की शुभकामनाएँ!

इस चलती आँधी में हर बिखरे बाल को
सिगरेट की लाशों पर फूलों से ख़याल को
नए साल की शुभकामनाएँ!

कोट के गुलाब और जूड़े के फूल को
हर नन्ही याद को हर छोटी भूल को
नए साल की शुभकामनाएँ!

उनको जिनने चुन-चुनकर ग्रीटिंग कार्ड लिखे
उनको जो अपने गमले में चुपचाप दिखे
नए साल की शुभकामनाएँ!

”सर्वेश्वरदयाल सक्सेना” दयाल की कविता

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