लेख समाज स्वास्थ्य-योग ‘ऑटिज्म’ से बच्चों को बचाने की गंभीर चुनौती? April 2, 2025 / April 2, 2025 by रमेश ठाकुर | Leave a Comment डा0 रमेश ठाकुर ‘ऑटिज्म बीमारी’ को हल्के में लेने की भूल कतई न की जाए, ये नवजात बच्चों के संग जन्म से ही उत्पन्न होती है। ऑटिज्म से बचा कैसे जाए, जिसके संबंध में प्रत्येक वर्ष 2 अप्रैल को पूरे संसार में ‘विश्व ऑटिज्म दिवस’ जागरूकता के मकसद से मनाया जाता है। मौजूदा वक्त में […] Read more » A serious challenge to save children from 'autism'?
राजनीति समाज छात्रों में आत्महत्याएं 4 फीसदी की खतरनाक वार्षिक दर से बढ़ीं April 2, 2025 / April 2, 2025 by पुनीत उपाध्याय | Leave a Comment सर्वोच्च न्यायालय ने जताई चिंता, राष्ट्रीय टास्क फोर्स के गठन का निर्देशपुनीत उपाध्याय पिछले दो दशकों में छात्र आत्महत्याएं 4 फीसदी की खतरनाक वार्षिक दर से बढ़ी हैं जो राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर चिंता जताई है। अमित कुमार एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में सर्वोच्च न्यायालय […] Read more » Student suicides rise at an alarming annual rate of 4%
लेख समाज नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते March 31, 2025 / March 31, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment समाज में कितना पतन बाकी है? यह सुनकर दिल दहल जाता है कि कोई बेटा अपने ही माता-पिता की इतनी निर्ममता से हत्या कर सकता है? महिला ने जेठ के साथ मिलकर अपने दो वर्ष के बेटे को मरवा दिया। पत्नी ने प्रेमी सँग मिलकर मर्चेंट नेवी मे अफसर पति के टुकड़े-टुकड़े किये। पिता ने […] Read more » खतरे में इंसानी रिश्ते नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते
लेख समाज वृद्धों के लिये उजाला बना सुप्रीम कोर्ट का फैसला March 29, 2025 / March 31, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- देश ही नहीं, दुनिया में वृद्धों के साथ उपेक्षा, दुर्व्यवहार, प्रताड़ना, हिंसा तो बढ़ती ही जा रही है, लेकिन अब बुजुर्ग माता-पिता से प्रॉपर्टी अपने नाम कराने या फिर उनसे गिफ्ट हासिल करने के बाद उन्हें यूं ही छोड़ देने, वृद्धाश्रम के हवाले कर देने, उनके जीवनयापन में सहयोगी न बनने की बढ़ती […] Read more » The Supreme Court's decision brought light for the elderly वृद्धों के लिये उजाला बना सुप्रीम कोर्ट
लेख समाज डिजिटल भारत में विचारों की बेड़ियां March 26, 2025 / March 26, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment सरकार द्वारा ओटीटी प्लेटफार्मों की निगरानी, सोशल मीडिया पर टेकडाउन आदेश और आईटी नियम 2021 ने डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया है। सेंसरशिप और आत्म-नियमन से प्लेटफार्म अधिक सामग्री हटाने लगे हैं, जिससे विचारों की विविधता प्रभावित होती है। झूठी सूचनाओं और साइबर अपराधों को रोकने के लिए कुछ हद तक नियमन आवश्यक […] Read more »
लेख शख्सियत समाज साक्षात्कार समाज की उन्नति और विकास की आधारशिला रखता है साहित्य March 26, 2025 / March 26, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment कहते हैं कि साहित्य ही समाज का असली दर्पण होता है। समाज में जो भी घटित होता है, मतलब कि समाज में जो भी गतिविधियां होतीं हैं, लेखक उनसे कहीं न कहीं प्रभावित होता है और वह अक्सर उन्हीं चीजों, घटनाओं, गतिविधियों को अपने साहित्य में अपनी कलम के माध्यम से काग़ज़ के कैनवास पर […] Read more » प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल विनोद कुमार शुक्ल
लेख समाज शादी के बाद करियर: उड़ान या उलझन?” March 24, 2025 / March 24, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment परिवारों को यह समझना होगा कि शादी का मतलब महिलाओं के करियर का अंत नहीं होता। पुरुषों को घर और बच्चों की जिम्मेदारी में बराबर भागीदारी निभानी चाहिए। कंपनियों को महिलाओं के लिए अधिक फ्लेक्सिबल जॉब ऑप्शंस देने चाहिए। करियर और शादी को विरोधी ध्रुवों की तरह देखने की बजाय उन्हें साथ ले चलने की […] Read more » Career after marriage शादी के बाद करियर
समाज साक्षात्कार बिहार : जहाँ गंदगी व दुर्गन्ध कोई मुद्दा ही नहीं March 24, 2025 / March 24, 2025 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री अशोक, बुद्ध व गाँधी जैसे महापुरुषों की कर्मस्थली बिहार सौभाग्यवश मेरी भी पैतृक स्थान है। इस नाते जन्म से ही अपने गांव में लगभग प्रत्येक वर्ष मेरा एक बार जाना ज़रूर होता है। आज भी यह राज्य देश को सबसे अधिक प्रशासनिक अधिकारी देने वाला राज्य है। परन्तु मुझे आश्चर्य है कि इतनी […] Read more » Bihar: Where dirt and stench are not an issue
लेख समाज दाम्पत्य जीवन को बिगाड़ रहा सोशल मीडिया से प्यार March 24, 2025 / March 24, 2025 by राजेश खण्डेलवाल | Leave a Comment -राजेश खण्डेलवाल- त्याग, समर्पण और अटूट विश्वास ही दाम्पत्य का मूल आधार है और यही मानव जीवन को खुशहाल भी बनाता है, लेकिन तकनीकी दौर में सोशल मीडिया से बढ़ते प्यार के बीच पति-पत्नी के बीच तकरार आम हो चली है और उनके बीच का प्यार इसी में कहीं खोता जा रहा है, जो दाम्पत्य […] Read more » Love from social media is ruining married life दाम्पत्य जीवन को बिगाड़ रहा सोशल मीडिया से प्यार
महिला-जगत लेख समाज भारतीय समाज में मासिक धर्म अभी तक कलंकित क्यों? March 11, 2025 / March 11, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment भारत के पास मासिक धर्म स्वास्थ्य के प्रति अधिक समावेशी और दूरदर्शी दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हुए सांस्कृतिक विचारों का सम्मान करने का अवसर है। आपके क्या विचार हैं-क्या सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए, या जमीनी स्तर के संगठनों को बदलाव लाने में आगे आना चाहिए? मासिक धर्म से जुड़ा कलंक कई संस्कृतियों में […] Read more » Why is menstruation still stigmatized in Indian society? मासिक धर्म अभी तक कलंकित
लेख समाज सार्थक पहल माताओं के बढ़ते शैक्षिक स्तर में छिपा बच्चों का भविष्य March 8, 2025 / March 11, 2025 by अमरपाल सिंह वर्मा | Leave a Comment अमरपाल सिंह वर्मा शिक्षा के क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है। देश में शिक्षा केवल एक अधिकार नहीं बल्कि समग्र विकास की कुंजी बन गया है। एक समय में जहां शिक्षा के क्षेत्र में पिछडऩे के कारणों का विश्लेषण होता था, वहीं अब हर कोई शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढक़र अपने उज्ज्वल भविष्य […] Read more » The future of children lies in the increasing educational level of mothers बढ़ते शैक्षिक स्तर में छिपा बच्चों का भविष्य
राजनीति समाज स्वास्थ्य-योग आखिर कैसे रुकेगा निजी अस्पतालों में मरीजों का ‘शोषण’ March 7, 2025 / March 7, 2025 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment कमलेश पांडेय चिकित्सा पेशा या स्वास्थ्य व्यवसाय कोई सामान्य पेशा नहीं है बल्कि यह व्यक्तिगत जीवन और जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है जिसमें थोड़ी-सी भी लापरवाही किसी के जीवन पर भारी पड़ सकती है। वहीं, अपना या अपने परिवार का इलाज करवाने के चक्कर में यदि कोई व्यक्ति या परिवार लुट – […] Read more » निजी अस्पतालों में मरीजों का 'शोषण'