लेखक परिचय

ललित गर्ग

ललित गर्ग

स्वतंत्र वेब लेखक

बांध का उद्घाटन से पहले ही ढह जाना!

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ललित गर्ग – एक बांध उद्घाटन होने से पहले ही ढह गया, भ्रष्टाचार के एक और बदनुमे दाग ने राष्ट्रीय चरित्र को धंुधलाया है, समानान्तर काली अर्थव्यवस्था इतनी प्रभावी है कि वह कुछ भी बदल सकती है, कुछ भी बना और मिटा सकती है। यहां तक की लोगों के जीवन से खिलवाड़ भी कर सकती… Read more »

शक्ति की उपासना और कन्याओं पर बढ़ते जुल्म

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ललित गर्ग – शताब्दियों से हम साल में दो बार नवरात्र महोत्सव मनाते हुए कन्याओं को पूजते हैं। पूरे नौ दिन शक्ति की उपासना होती है। दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना करके लोग उनसे अपने घर पधारने का अनुरोध करते हैं। लेकिन विडम्बना देखिये कि सदियों की पूजा के बाद भी हमने कन्याओं को… Read more »



क्यों जिन्दगी का सच नहीं ढूंढ़ पाये? 

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ललित गर्ग जिन्दगी के सवालों से घिरा वक्त जीवन के सच को ढूंढ़ने की कोशिश कर रहा है। यह कोशिश अतीत से वर्तमान तक होती रही है। अनेक महापुरुषों ने इसके लिये अपना जीवन होम कर दिया। इसी जीवन के सच की सांसों की बांसुरी में सिमटे हैं कितने ही अनजाने-अनसुने सुर जो बुला रहे… Read more »

नरेन्द्र मोदी रूपी युगयात्रा की आवाज को सुनें

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नरेन्द्र मोदी के 67वें जन्म दिवस, 17 सितम्बर 2017 के उपलक्ष में -ललित गर्ग – एक दीया लाखों दीयों को उजाला बांट सकता है यदि दीए से दीया जलाने का साहसिक प्रयत्न कोई शुरु करे। अंधेरों से संघर्ष करने की एक सार्थक मुहिम हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हो चुकी है… Read more »

अर्थ एवं विकास के असन्तुलन से उपजी समस्याएं

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ललित गर्ग- पैसे के बढ़ते प्रवाह में दो तरह की स्थितियां देखने को मिल रही है। एक स्थिति में अर्थ के सर्वोच्च शिखरों पर पहुंचे कुछ लोगों ने जनसेवा एवं जन-कल्याण के लिये अपनी तिजोरियां खोल रहे हैं तो दूसरी स्थिति में जरूरत से ज्यादा अर्जित धन का बेहूदा एवं भोंडा प्रदर्शन कर रहे हैं।… Read more »

अणुव्रत के आदर्शों का हो नया भारत 

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ललित गर्ग- सत्तर वर्ष पूर्व भारत की स्वतंत्रता के बुनियादी पत्थर पर नव-निर्माण का सुनहला भविष्य लिखा गया था। इस लिखावट का हार्द था कि हमारा भारत एक ऐसा राष्ट्र होगा जहां न शोषक होगा, न कोई शोषित, न मालिक होगा, न कोई मजदूर, न अमीर होगा, न कोई गरीब। सबके लिए शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा… Read more »

अनीता की आत्महत्या का सबब

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– ललित गर्ग- तमिलनाडु में एक मजदूर की बेटी अनीता ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली। सरकार की अतिश्योक्तिपूर्ण नीति की शिकार अनीता की ‘खुदकुशी’ की खबर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ मोदी सरकार की ओर से घोषित ‘नारी शक्ति पुरस्कार-2017’ का विज्ञापन एक ही दिन… Read more »

गणेशजी सात्विक एवं सार्वभौमिक देवता हैं 

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गणेश चतुर्थी – 25 अगस्त, 2017 पर विशेष ललित गर्ग- भाद्रपद शुक्ल कह चतुर्थी को सिद्धि विनायक भगवान गणेश का जन्म हुआ। गणेश के रूप में विष्णु शिव-पावर्ती के पुत्र के रूप में जन्म थे। उनके जन्म पर सभी देव उन्हें आशाीर्वाद देने आए थे। विष्णु ने उन्हें ज्ञान का, ब्रह्मा ने यश और पूजन… Read more »

तिरंगा को दलगत राजनीति से धुंधलाना!

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ललित गर्ग- भारत का राष्ट्रीय झंडा, भारत के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिरूप है। यह राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। हमने अपनी आजादी की लड़ाई इसी तिरंगे की छत्रछाया में लड़ी। विडंबना यह है कि अनगिनत कुर्बानियों के बाद हमने आजादी तो हासिल कर ली, शासन चलाने के लिए अपनी जरूरत के हिसाब… Read more »

कोविन्द के वक्तव्य में नये भारत का संकल्प

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ललित गर्ग भारत के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन नये भारत को निर्मित करने के संकल्प को बल देता है, अपने इस सशक्त एवं जीवंत भाषण में उन्होंने उन मूल्यों एवं आदर्शों की चर्चा की, जिन पर नये भारत के विकास का सफर तय किया… Read more »