लेख स्‍वास्‍थ्‍य-योग

भीषण गर्मी और मानसिक स्वास्थ्य


डॉ रुप कुमार बनर्जी
होमियोपैथिक चिकित्सक

     जैसे-जैसे तापमान अपने चरम की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है जो तनाव, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, गुस्सा, हल्का पागलपन और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
     यह जानना जरूरी है कि गर्मी का दिमाग पर प्रभाव क्यों बढ़ता है? तो इसका जवाब यह है कि अत्यधिक गर्मी हमारे शरीर के न्यूरोलॉजिकल सिस्टम को प्रभावित करती है।तेज गर्मी से शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) हो जाती है,नींद की गुणवत्ता खराब होती है,जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति अधिक तनावग्रस्त और चिड़चिड़ा हो जाता है।

मुख्य मानसिक समस्याएं जो गर्मी में बढ़ती हैं :- तनाव- छोटी-छोटी बातों पर चिंता ,सिरदर्द – धूप और पानी की कमी से, चिड़चिड़ापन और गुस्सा- बिना किसी कारण अपने परिवार अथवा बाहर के लोगों से झगड़ा ,अनिद्रा – रात में बेचैनी और नींद ना आना ( इसका एक बहुत बड़ा कारण बिजली का ना रहना भी है) , डिप्रेशन – मन का उदास और निराश रहना आदि।

कैसे रखें मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित ?

1️⃣ पानी और तरल पदार्थ का भरपूर सेवन करें- दिनभर में 8–10 गिलास पानी, नींबू पानी, छाछ, गन्ने का जूस, बेल का शरबत या नारियल पानी जरूर लें।

2️⃣ धूप से बचाव करें – दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।

3️⃣ नींद पूरी लें- कम से कम 7–8 घंटे की गहरी नींद मानसिक संतुलन के लिए जरूरी है। इस समय बिजली की अत्यधिक खपत की वजह से रात को अक्सर दो-चार घंटे के लिए लाइट कट ही जाती है। इसलिए घर में इनवर्टर की बिजली रात के लिए बचा कर रखें जिससे ठीक से सो सकेंगे।

4️⃣ योग और ध्यान अपनाएं-सुबह सवेरे प्राणायाम, ध्यान और हल्का व्यायाम मानसिक शांति देता है।

5️⃣ ठंडे और हल्के भोजन का सेवन करें – फल, सलाद, दही और हरी सब्जियां शरीर और मन दोनों को ठंडक देती हैं।

6️⃣ डिजिटल डिटॉक्स करें – मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करके मन को आराम दें।

कब लें अपने चिकित्सक की सलाह ? :-

यदि सिरदर्द लगातार बना रहे, नींद बिल्कुल न आए, अत्यधिक गुस्सा या उदासी बनी रहे, तो तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें। यह गंभीर मानसिक समस्या का संकेत हो सकता है। होम्योपैथी के द्वारा तमाम बीमारियों को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है बशर्ते किसी सुयोग्य होम्योपैथी चिकित्सक से मिलकर अपने लक्षणों को बताकर दवा लिया जाए।
     गर्मी केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि हमारे मन और दिमाग को भी प्रभावित करती है। इसलिए इस मौसम में शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। संतुलित दिनचर्या, सही खान-पान और सकारात्मक सोच अपनाकर हम इस भीषण गर्मी में भी स्वस्थ और खुशहाल रह सकते हैं। 

डॉ रुप कुमार बनर्जी