लेखक परिचय

अशोक बजाज

अशोक बजाज

श्री अशोक बजाज उम्र 54 वर्ष , रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर से एम.ए. (अर्थशास्त्र) की डिग्री। 1 अप्रेल 2005 से मार्च 2010 तक जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष पद का निर्वहन। सहकारी संस्थाओं एंव संगठनात्मक कार्यो का लम्बा अनुभव। फोटोग्राफी, पत्रकारिता एंव लेखन के कार्यो में रूचि। पहला लेख सन् 1981 में “धान का समर्थन मूल्य और उत्पादन लागत” शीर्षक से दैनिक युगधर्म रायपुर से प्रकाशित । वर्तमान पता-सिविल लाईन रायपुर ( छ. ग.)। ई-मेल - ashokbajaj5969@yahoo.com, ashokbajaj99.blogspot.com

Posted On by &filed under कविता.


प्रदूषण के डर से ,

ना निकला घर से ;

पटाखों की लड़ियाँ ,

और फुलझड़ियाँ ,

सुहाने गगन में ,

कहर बन के बरसे ;

प्रदूषण के डर से ,

ना निकला घर से ;

हर मोड़ पर है मधुशाला ,

हर हाथ में मस्ती का प्याला ;

कैसे बचाऊँ तुम्हें ,

इस जहर से ;

प्रदूषण के डर से ,

ना निकला घर से ;

कहाँ है दिवाली ,

कहाँ खुशहाली ;

उसे देखनें को ,

ये नैना तरसे ;

प्रदूषण के डर से ,

ना निकला घर से ;

तूफां में जलते दीयों के नजारें ,

घनें बादलों में छिपे है सितारे ;

जाऊँ तो कैसे ,

पथरीली डगर से ;

प्रदूषण के डर से ,

ना निकला घर से ;

साल के बाद आयेगी फिर से दिवाली ,

झोली रहें ना किसी की खाली ;

ब्लॉग से ही बधाई हो ,

मेरी तरफ से ;

प्रदूषण के डर से ,

ना निकला घर से ;

—– अशोक बजाज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *