लेखक परिचय

शिवानंद द्विवेदी

शिवानंद द्विवेदी "सहर"

मूलत: सजाव, जिला - देवरिया (उत्तर प्रदेश) के रहनेवाले। गोरखपुर विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र विषय में परास्नातक की शिक्षा प्राप्‍त की। वर्तमान में देश के तमाम प्रतिष्ठित एवं राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में सम्पादकीय पृष्ठों के लिए समसामयिक एवं वैचारिक लेखन। राष्ट्रवादी रुझान की स्वतंत्र पत्रकारिता में सक्रिय एवं विभिन्न विषयों पर नया मीडिया पर नियमित लेखन। इनसे saharkavi111@gmail.com एवं 09716248802 पर संपर्क किया जा सकता है।

Posted On by &filed under राजनीति.


एक लाख पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजने की अपील

विगत चौदह फरवरी को दिल्ली के आई .टी .ओ स्थित राजेन्द्र भवन में जय भोजपुरी मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में एक सोशल भोजपुरी वेबसाइट के सदस्यों ने भाग लिया। समारोह की शुरुआत सदस्यों के आपसी मेल-जोल एवं परिचय आदान -प्रदान से हुई। कार्यक्रम को आगे बढाते हुए जय भोजपुरी के सक्रिय सदस्य श्री सुधीर कुमार ने राज ठाकरे एवं बाल ठाकरे द्वारा जारी राष्ट्र विरोधी कुकृत्यों के सार्वभौमिक विरोध से की। समारोह को संबोधित करते हुए सुधीर कुमार ने कहा कि अब वो समय आ गया है जब आम जनता को इन राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए। इसी क्रम में सुधीर कुमार ने यह भी कहा कि हमारा प्रथम लक्ष्य तीन माह के अन्दर लगभग एक लाख विरोध पत्र प्रधानमंत्री महोदय तक प्रेषित करना है। इस अभियान में आम जनसमुदाय का सहयोग अनिवार्य एवं अपेक्षित है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे सत्येन्द्र जी ने भी सहयोग की अपील की।

कार्यक्रम का प्रथम चरण समाप्त होते ही श्री मोंटू सिंह जी ने सबको लिट्टी चोखा खाने के लिए निमंत्रित किया। कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत विरोध पत्र लेखन से हुई, जिसमे कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने ठाकरे परिवार के प्रति प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर अपना विरोध प्रदर्शित किया। इसी कड़ी में तमाम सदस्यों ने अपने सुझाव एवं विचार व्यक्त किये।

समारोह का अंतिम चरण भोजपुरी संगीत के उभरते कलाकारों के गीत संगीत के नाम रहा। इस क्रम में नवोदित भोजपुरी गायक पंकज प्रवीण के आगामी एल्बम “चाहत में सनम” के बारे में सूचित किया गया। साथ ही भोजपुरी गायिका भानुश्री ने अपनी एल्बम “ए डार्लिंग” की एक एक सी.डी सबको भेंट की। कार्यक्रम के अंतिम संबोधन में सभी ने विरोध पत्र के लिए आम जन समुदाय को प्रेरित करने का संकल्प लिया। आप सभी पाठको से अनुरोध है की इस राष्ट्रहित में जारी विरोध अभियान में हिस्सा लेते हुए इस अभियान को सफल बनाए।

अगर आप खुद ही पत्र लिख कर पोस्ट करना चाहते हैं तो अपना सन्देश लिख कर (किसी भी भाषा में) उक्त पते पर भेंजे।

प्रधानमंत्री कार्यालय

साउथ ब्लाक , रायसिना हिल्स

नई दिल्ली 110101

अगर आप स्वयं पत्र लिख पाने में असमर्थ हैं तो कृपया अपना नाम , पूरा पता उक्त मेल आई डी(kumar@bhojpuria.com) पर अपने सन्देश के साथ मेल करें। और ज्यादा जानकारी के लिए सीधा संपर्क करें –9716248802

-शिवा नन्द द्विवेदी “सहर”

19 Responses to “जय भोजपुरी मिलन समारोह में बजा ठाकरे परिवार के खिलाफ बिगुल”

  1. पियूष द्विवेदी 'भारत'

    piyush

    जी सत्यप्रकाश जी अगर उन लोगों को हमसे पब्लिसिटी मिल रही है तो अच्छी बात है ! एक दिन ऐसा आयेगा की यही लोग सडकों पर उतर कर जूते मारेंगे उनके मुह पर उस दिन और पब्लिसिटी मिलेगी ! और वो पब्लिसिटी वो संभाल भी नहीं पायेंगे !

    Reply
  2. amulyaa ratana daas

    MARATHI MANOOS

    This is a wonderful mail circulating in favor of RAJ Thackeray. Do have a look….

    We all should support Raj Thackeray and take his initiative ahead by doing more…

    1. We should teach our kids that if he is second in class,don’t study harder.. just beat up the student coming first and throw him out of the school

    2. Parliament should have only Delhiites as it is located in Delhi

    3. Prime-minister, president and all other leaders should only be from Delhi

    4. No Hindi movie should be made in Bombay. Only Marathi.

    5. At every state border, buses, trains, flights should be stopped and staff changed to local men

    6. All Maharashtrians working abroad or in other states should be sent back as they are SNATCHING employment from Locals

    7. Lord Shiv, Ganesha and Parvati should not be worshiped in our state as they belong to north ( Himalayas )

    8. Visits to Taj Mahal should be restricted to people from UP only

    9. Relief for farmers in Maharashtra should not come from centre because that is the money collected as Tax from whole of India , so why should it be given to someone in
    Maharashtra ?

    10. Let’s support kashmiri Militants because they are right to kill and injure innocent people for benefit of their state and community……

    11. Let’s throw all MNCs out of Maharashtra , why should they earn from us? We will open our own Maharashtra Microsoft, MH Pepsi and MH Marutis of the world.

    12. Lets stop using cell phones, emails, TV, foreign Movies and dramas. James Bond should speak Marathi

    13. We should be ready to die hungry or buy food at 10 times higher price but should not accept imports from other states

    14. We should not allow any industry to be setup in Maharashtra because all machinery comes from outside

    15. We should STOP using local trains… Trains are not manufactured by Marathi manoos and Railway Minister is a Bengali.

    16. Ensure that all our children are born, grow, live and die without ever stepping out of Maharashtra , then they will become true Marathis

    This mail should somehow reach Raj Thackeray so forward it to as many ppl as possible….

    This mail needs to be read by all Indians.

    So please help in this cause. Keep Forwarding.

    JAI MAHARASHTRA

    Reply
  3. शिवानंद द्विवेदी

    शिवा नन्द द्विवेदी “सहर

    सादर धन्यवाद बहस को जारी रखिये …….इसी पूरा देश खडा हो न जाए तब तक ……………

    Reply
  4. naveen kumaar "bhojpuria"

    अगर हमको देश्भक्ति की परिभाषा राज ठाकरे और बाला साहेब ठाकरे से सीखनी पडे तो यह अपमान य उन शहीदो को जिन लोगो ने कभी देश के लिये अपनी जान की बाजी न्योछावर कर दी ।

    क्या हम ये भुल गये की गुजरात मे जन्म लिया हुवा एक इंसान बिहार के चम्पारण से आजादी का बिगुल बजाया था ?
    क्या कभी चन्द्रशेखर आजाद , भगत सिंह , राजगुरु , सुखदेव यह सोच कर अंग्रेजो के खिलाफ लडे की यह पंजाब है ,यह उत्तर प्रदेश है , यह महाराष्ट्र है ?
    क्या हम भुल गये है कि सरदार पटेल जिसने भारत के मोती की माला बनाने के लिये कई बिखरे हुए मोतीयो को एक सुत्र मे पिरोया था ?
    क्या हम भुल गये है शिवाजी की कुर्बानी जिनको जेल से भागने मे मदद एक उत्तर भारतीय ने आगरा मे की थी ?
    क्या हम भुल गये है रानी लक्ष्मी बाई की कुर्बानी ?

    मै मानता हु कि यह सब राज ठाकरे और बाल ठाकरे भुल चुके है लेकिन आज का अगर एक जागरुक भारतीय भुल गया है फिर यह तौहीन है उन शहीदो के लिये जिन्होने समय समय पे देश के लिये अपने प्राणो की आहुति दी है ।

    शिवसेना का दोगलापन अब इस से ज्यादा क्या होगा कि जब इन्ही उत्तर भारतीय मजदुरो पे जम्मु काश्मीर मे वहा के स्थानीय निवासी आवाज उठाये थे तब वहा के शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष ने इसका पुरजोर विरोध किया था और कहा था की जम्मु काश्मीर पे पुरे भारत का हक है , फिर मुम्बई मे क्यो नही ?

    इस से बढ के राज ठाकरे का दोगलापन क्या होगा की वह वकालत मराठी का करते है लेकिन उनके घर परिवार के लोग उनके पार्टी के विधायक के बच्चे अंग्रेजी मिडीयम स्कुल मे पढते है !

    क्या जब बाल ठाकरे ने जब प्रतिभा पाटिल के राष्ट्रपति पद के लिये समर्थन किया था तब देश की बात की थी कि महाराष्ट्र की बात की थी ।

    क्या लोग भुल चुके है इनके दोगलापन को !

    पकिस्तान का विरोध हर नागरिक करता है और बाला साहब ने किया तो कोई ऐसा काम नही कर दिया जो भारत का दुसरा माई का लाल नही कर सकता है । लेकिन ह जो काम वो उत्तर भारतीयो के साथ कर रहे उसको देख के यही लगता है कि आज के समय मे भारत वासियो के लिये पाकिस्तान जैसे खतरे उनके अपने देश मे मौजुद है जो भारत को भाषा के आधार पे , क्षेत्र के आधार पे , जाति के आधार पे बाट रहे है । आज भारत को एक होना पडेगा फिर से और इन देशद्रोहियो के नापाक इरादो को जोरदार चोट देना होगा , इनके उठे हुए फन को जुते से कुचलना होगा और यह काम आज ही करना होगा , क्योंकि अगर आज नही हुवा त कल फिर देर हो जायेगी ।

    जय हिन्द जय भोजपुरी

    Reply
  5. Rahul Ojha

    Thakare ki yeh niti desh me vibhajan la sakti hai,Bal Thakre ne apni rajneeti ishi mudde sa suru kiya tha,bad me hindu vaad karne lage,Raj thakre ne bhi apni rajneeti ishi mudde se suru kiya hain,vo bhul rahe hain ki ish samay desh main ekta ki sakth jarurat hai kyonki hamare desh charo taraf dushman se ghira hai,aur hum apne desh ke andar ke dushman se ladne me hi apni puri takat raga de rahe hain to hum desh ke bahri dushman se kua ladenge,Thakre jaise aise kai neta hain jo desh ko alag karne me lage huai hain.Main kahna chahta hoon ki marathi UP,Bihar job karne kyon nahi aate?Kyonki hamara pradesh unneti nahi kar raha hai,yahan job ki kami hai.To ish pradesh ke neta bhi kya thakare se kam hain?Yhan ke neta to jativaad ka jahar dhire-2 ghol rahe hain.Ye hai ki thakre ne eak bar hi jahar nikaal diya.

    Reply
  6. Shivesh

    From all above comment one thing is common that Thakre family is also saying themself as an Indian with proud. These guys are opposing any activity outside the country against Indian. But, I could not understand how come there blood temperature is varying inside and outside. What is difference if in an Indian abused by Australia and in Mumbai? How come there blood is boiling when an Indian (North guys) are racist in Australia and not when Thakres are doing the same in Mumbai? Can anyone justify Thakre activity in Mumbai against the North Indian just saying that he is against Pakistan as well???

    Reply
  7. pragya

    ठाकरे को कहिए पाकिस्तान के खिलाफ रहें, कोई बात नहीं…हिन्दुस्तान के खिलाफ न हों…संविधान के खिलाफ न हों..यह देश हमारा है इसके प्रांतों में जाने के लिए हमें किसी पासपोर्ट की ज़रूरत नहीं है…अगर ठाकरे महाराष्ट्र को सिर्फ वहाँ जन्मे लोगों की ही भूमि मानते हैं तो किसी विपदा के समय हिन्दुस्तान का समर्थन ना मांगें….महाराष्ट्र का ही समर्थन मांगें…अगर उन्हें महाराष्ट्र के बाहर के राज्य हिन्दुस्तानी नहीं लगते तो उनसे किसी भी प्रकार का संबंध ना रखें, रेल कनेक्शन, फोन कनेक्शन, व्यापार सब कुछ हटा लिए जाने की मांग करें..महाराष्ट्र के खिलाड़ी महाराष्ट्र के बाहर न खेलें, महाराष्ट्र के फिल्मी कलाकारों की फिल्में महाराष्ट्र के बाहर रिलीज़ न करें…दिल्ली या चेन्नई में वे शॉपिंग न करें या उस दुकान से राशन न खरीदें जिसका दुकानदार महाराष्त्रियन न हो..अगर महाराष्ट्र के बाहर के लोग महाराष्ट्र को अपने देश के राज्य के तौर पर इस्तेमाल में नहीं ला सकते तो ठाकरे महाराष्ट्र के लोगों को भी हिन्दुस्तान के बाकी राज्यों का इस्तेमाल करने से रोकें।

    Reply
  8. Dinesh Kumar

    aaj jab mai thakra aur sivsena ki nitiyo par vichar kar raha hu to mera hriday sharm sa pani pani ho raha hai.jis des ma mahatma gandi jasa desbhakt hua woh bhi gujrat ka hi tha,jis sardar wallabh bhai na desh ko eakta ka sutr ma bandhna ka liya din raat eak kiya aaj unka sapno ka bharat bhedbhav ka ganda nritya kar raha hai.Ajj unlogo ki atma tar tar ho rahi hogi.
    desh ma bhasha,releigion,chatriyata ka naam par jo gadi rajniti sivsena aur thakra kar raha hai ,uska liya desh kabhi unha maaf nahi kraga.hum hidustani pahla hai tab kisi state ka hai.hamari khoon hinustani hai.Jab desh par bipda aati hai tab eak hinustani sahid hota hai na ki koi marathi,bihari,ya gujrati ets… hamari maa eak hai isi mitti ma pada hua hum maa ka anchal ko batna wala hamara sabsa bara shatru hai.
    Hum bhartwasi cleanheart hota hai.jaldi hi koi hamaa shai rasta sa btka deta hai
    asa shatru sa sawdhan rahna ki jarurat hai.
    jai hind

    Reply
  9. Sanjay Kumar

    और रही बात 26/11 की, तो आप बतायेंगे कि ये आपके “देशभक्त” ठाकरे उस दिन कहाँ थे, जब पूरे देश भर के NSG के कमांडो वहाँ आतंकियों के खिलाफ लड रहे थे? उस दिन वो कहाँ थे, जब बिहार रेजीमेंट के मेजर उन्नीकृष्णन और देहरादून (उत्तर प्रदेश) के हवलदार गजेन्द्र सिंह ने जान देकर मुंबई को बचाया था? क्यों नहीं इन गद्दारों में से कोई गया उन आतंकियों से लडने? किसी गरीब ऑटो वाले पर, और सब्जी वाले पर हाथ उठाकर कैसी मर्दानगी दिखा रहा है ये ठाकरे परिवार? हिम्मत है तो कभी एक वैसा ही भाषण अपनी बिल (महाराष्ट्र) से बाहर निकल के दे के दिखायें ये चूहे (उत्तर भारत में नहीं, बल्कि पूरे भारत में कहीं भी), वहीं उनको औकात दिखा दी जायेगी. पाकिस्तानी तो बाहर से आते हैं हमला करने, लेकिन शिवसेना या मनसे वाले तो यहीं की खाते हैं, और इसी देश को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं. अगर अब भी केन्द्र सरकार नहीं चेती, तो लोग सडक पर उतरेंगे, इन देशद्रोहियों के खिलाफ, फिर कौन बचायेगा इनको, ये भी देखा जायेगा.

    Reply
  10. Sanjay Kumar

    करुणा निधि जी, मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि यहाँ पाकिस्तान का मुद्दा कहाँ से आ गया? इस खबर में (जिस पर आप कॉमेंट लिख रहे हैं) तो मुझे कहीं भी पाकिस्तान नहीं दिख रहा, और ना ही शाहरुख खान. यहाँ ठाकरे परिवार का विरोध इसलिये नहीं किया जा रहा कि उन्होंने शाहरुख के खिलाफ कुछ कहा है, विरोध इसलिये हो रहा है क्योंकि वो उत्तर भारतीय के नाम पर इस देश के कुछ नगरिकों के साथ बदसलुकी कर रहे हैं. बाहर के दुश्मनों से लडने से पहले जरुरी है कि घर के दुश्मनों का इलाज, और यही करने की कोशिश हो रही है. जो अपने देश के लोगों से जो मारपीट करते हैं, देशद्रोहियों जैसा व्यावहार करते हैं, उनका समर्थन करना भी देशदोह है, शायद यह बात आपको किसी ने नहीं बताई. आपके बयान से लगता है कि आपके जैसे चमचों को जब शिवसेना वाले पीटते हैं तो उस में कुछ भी गलत नहीं करते. क्योंकि कुत्तों की तरह दुम हिलाते आप उनके पैर पकडने को हमेशा तैयार रहते हैं, और पैर पकडने वालों को कभी-कभी 2-4 लात तो पड ही जाते हैं. आपका आत्म-सम्मान अगर मर गया है, तो अपने विचार अपने घर में रखिये, किसी दूसरे पर थोपने की कोशिश मर किजिये.

    Reply
  11. karuna nidhi upadhyay

    Real issue is not Holding the people of Mumbai by Shiv sena… the real issue is Pakistan being praised on indian soil by pseudo indian. SRK dont look as innocent as he is acting now. he is being backed by congress govt. Congress govt always put forward their thoughts through statesman like SRK and that is the reason behind the main protest. How can anybody forget the 11/26 wound even now pakistan does not think it is punishable for themselves. Keep it up SHIV SENA,. you are true son of soil.

    Reply
  12. Sanjay Kumar

    दिनेश जी, बहुत अजीब लग रहा है कि मनसे और ठाकरे के इतने करीब रहते हुए भी आपने कुछ नही सीखा उन लोगो से! जी उन लोगो के लिये जय हिन्द बाद मे आता है लेकिन जय महाराष्ट्रा पहले आता है। अभी जाईये और थोडा और ज्ञान ले के आईये। और हाँ, जो ओछी राजनिति पाकिस्तान भारत के साथ खेल रहा है कुछ वैसी ही राजनिति ठाकरे परिवार के लोग खेल रहे है फिर पाकिस्तान और ठाकरे मे अंतर क्या है?

    माफ किजियेगा, लेकिन अपने देश के एक राज्य के नागरिकों को मारना-पीटना व उनपर अत्याचार करना यदि “राष्ट्रभक्ति” है, यदि एक सरकारी (रेलवे) परीक्षा देने आये लोगों को बाहरी बता कर पीटना यदि राष्ट्रभक्ति है, भाषा के नाम पर विवाद शुरु करना व दंगे फैलाना अगर राष्ट्रभक्ति है, तो आप अपनी जगह सही हैं। जो आदमी पिछले कितने साल से महाराष्ट्र से बाहर नहीं निकला, वो राष्ट्र के बारे में क्या सोचेगा, और क्या करेगा? आपकी भाषा पढ कर लगता है कि आप भी उसी राष्ट्रभक्त (?) ठाकरे परिवार के एक चमचे हैं, उस से ज्यादा कुछ नहीं। और जब तक हमारे समाज में आप जैसे विभिषण रहेंगे, ठाकरे परिवार का एजेंडा भी बदस्तुर जारी रहेगा। जितना खतरा इस राष्ट्र को ठाकरे परिवार से है, उस से ज्यादा आप जैसे लोगों से है।

    और विजय जी, पाकिस्तान वालों से हमारा विरोध इसलिये है क्योंकि वो आतंकी भेजते हैं, हमारे लोगों को मारने के लिये, और ये ठाकरे परिवार भी कुछ अलग नहीं कर रहा। पाकिस्तानी तो पराये हैं, लेकिन यहाँ कुछ ऐसे लोग हैं जो खाते तो भारत का हैं, लेकिन भारत के ही दूसरे प्रांत के आदमी पर हमला करने का कोई मौका नहीं चूकते। जो काम इतने सालों में ISI नहीं कर पाई, वो करने की कोशिश में ये ठाकरे परिवार लगा हुआ है – “देश का बँटवारा”। हमें ना किसी खेल से मतलब है, नाही किसी फिल्म से… हमें इस देश से मतलब है, और “महाराष्ट्र” इस राष्ट्र से बडा नहीं है। मैं इस मुहिम का समर्थन करता हुँ, और कम से कम 100 पोस्टकार्ड हम लोग (मैं और मेरे मित्र) भेजेंगे प्रधानमंत्री जी के पास. इस तरह के देशद्रोही लोगों का विरोध जरुरी है।

    Reply
  13. शिवानंद द्विवेदी

    शिवा नन्द द्विवेदी “सहर

    धन्यवाद दिनेश जी …………
    अगर वाकई बालासाहेब ऐसे हैं जैसा आप कह रहे हैं तो ठीक है ! मई भी उनका सम्मान करने में पीछे नहीं हटूंगा
    ! राष्ट्र हित में अगर वो सोचते हैं तो अच्छी बात है परन्तु आज तक राष्ट्रीय मंच की वकालत करते ना ही मैंने बालासाहेब को देखा है और नाहे राज ठाकरे जी को ही ! अगर मई गलत भी हूँ तो आज तक शिवसेना ने या म न से ने किसी के विरोध के लिए जिस तरह के रास्ते अख्तियार करते हैं क्या वो संविधान के अनुकूल हैं ? अगर शिवसेना महाराष्ट्र के लिए संविधान से भी ऊपर है तो फिर आप की बात सही है ! आये दिन उत्तर भारतीय मुद्दा अगर राष्ट्रीय एकता का मुदा है तो भी बाला साहेब या राज ठाकरे जीठीक हैं ! मुंबई में अगर हिन्दी नहीं वरन मराठी अनिवार्य करना राष्ट्रीयता है तो बालासाहेब ठीक हैं ! हिन्दी में शपथ लेने पर अगर थापद चलाना राष्ट्रीयता का परिचायक है तो राज ठाकरे ठीक हैं ! मुमबई में बिहार एवं उत्तर भारत से जाने वाले राष्ट्रीय विभाग (रेल) के परीक्षार्थियों को बुरी तरह से मारना एवं उनको परीक्षा के लिए अनुमति ना देना राष्ट्रीय महत्त्व की बात है तो बाला साहेब ठीक हैं ! संविधान को अंगूठा दिखाते हुए हर काम को अपने संविधान से करना अगर राष्ट्रीयता है तो बाला साहेब एवं राज साहेब ठीक हैं ! बाकी अगर ये सारी चीज़ें सर्व सम्मत हो जाएँ तो मई भी आपके साथ हूँ ! बस इन चीज़ों को राष्ट्रीय महत्त्व मिले या संविधान को शिवसेना एवं मनसे के अंतर्गत कर दिया जाय तो मै आपके साथ हूँ !. रही बात भाषा की हिन्दी मेरे तन मन में है , भोजपुरी जुबान पर और मराठी , गुजराती का अपने आँगन में स्वागत करता हूँ ! दो शब्द मराठी सीखने पर उतनी ही खुशी होती है जितनी दिन भर भोजपुरी बोलने में क्योंकि मै मराठी को शिवसेना या मनसे की सम्पति के तौर पर नहीं अपने ही देश की एक भाषा के तौर पर देखता हूँ! हम भोजपुरी अनिवार्य नहीं वरन भोजपुरी की मान्यता की बात करते हैं ! हम भोजपुरी को हिन्दी के साथ देखना चाहते हैं और खतरे की घड़ी में मराठी के लिए भी लड़ सकते हैं ! बाकी यह मतों का भेद है नाही महाराष्ट्र किसी एक का है और नाही मराठी !

    Reply
  14. शिवानंद द्विवेदी

    शिवा नन्द द्विवेदी “सहर

    जी विजय जी ……..सबसे पहले तो कमेन्ट के लिए धन्यवाद ! देखिये आतंकवादी हमला कर रहें हैं या पाकिस्तान करा रहा है ये अलग मसला है और राज ठाकरे या बाल ठाकरे की नितीयों का विरोध अलग मसला है ! मै भारत और पाकिस्तान एवं सारे मुद्दे एक तरफ करके सिर्फ आपसे एक चीज़ पूछना चाहूंगा की क्या ठाकरे परिवार की नीतियां राष्ट्र हित में हैं ? आये दी देश के आतंरिक मसलों पर जो बयान बाजी होती है क्या वो विरोध के योग्य नहीं है ?

    Reply
  15. Dinesh.

    मै मुंबईमे रहनेवाला एक हिंदी भाषिक हु । सर्वप्रथम मै यह बताना चाहुंगा कि मै ना शिवसेना से संबंधित हुं ना मनसेसे । लेकिन अबतक मैने जितने भी चुनाव मे मतदान किया है केवल शिवसेना को ही किया है । माननिय श्री. बालासाहेबजी ठाकरे को विरोध करना मेरी समझ के बाहर की बात है ।
    श्री. बालासाहेबजी ठाकरे शायद मराठी हित की बाते करते हो लेकिन उन्होने केवल राष्ट्रहितही देखा है । अन्यथा उन्होने “संजय निरुपम” जैसे निकम्मे को राज्यसभामे ना भेजा होता. और उसकी जगह किसी मराठी आदमी को भेजा होता ।
    मेरा कहना यदी सभी ठिक से समझ ले तो हम मेसे कोई भी ना श्री. बालासाहेबजी का विरोध करेगा या श्री. राजजी ठाकरे का ।
    मै इस विषय मे अपना कहना आपके समक्ष बहस के रुपमे रखने को तैयार हू । मेरे कहने को केवल विरोध ना करे , आप यदी देश के बारेमे अच्छा सोचते है तो मुझे आपके श्री. बालासाहेब ठाकरे या उनके परिवारजनो के बारेमे प्रश्न पुछे मै अत्यंत सादगी के साथ और सविनय उन सभी प्रश्नो के जवाब देनेको तैयार हु । मेरी इस बारेमे केवल एक विनंती रहेगी के कोई श्री ठाकरे या उनके परिवार जनो के बारेमे गलत शब्दो का इस्तेमाल नाकरे ।
    याद रखे हमे देश विघातक शक्तियोके साथ एक साथ मिलकर लढना है । किसी राष्ट्रभक्त परिवारके साथ नही ।
    जय हिंद । भारत माता कि जय ।

    दिनेश.

    Reply
  16. VIJAY

    HAM BHUL KAR RAHE HAI AUR THAKRE KE KHILAF BIGUL BAJANEKI BAAT KAR RAHE HAI ! THAKREKA
    VIRODH SIRF PAKISTANI DOGLI NITI KE LIYE THA ! HAM SIRF PAKISTANKE SATH ACHHE RISHE RAKHNA CHAHATE HAI LEKIN PAKISTAN KABHI BHI HAMARA DOST RAHA HAI UAR NA RAHEGA ! HAM THAKRE KI BADNAMI KAR RAHE HAI AUR
    PARSO HI PUNE ME PAKISTANI ATANKWADIYONE BLAST KIYA ! FIR KYO HAM PAKISTANI KHILADIYO KO BHARAT AANE DE
    HAMARI ISI MANSIKTA KI VAJAH SE HAM PAKISTAN ATANKWAD KA ATTYACHAR SAH RAHE HAI ! FIR HAM KYO
    THAKARE KA VIRODH KARE ?

    Reply
  17. नवीन भोजपुरिया

    सबसे पहले मै इस लेख को लिखने वाले श्री शिवानन्द जी को धन्यवाद देना चाहुंगा क्योंकि उन्होने ने यह उचित समझा कि ऐसे लेख को मह्त्व देना चाहिये । जहा तक बात मुद्दे कि है तो जिस प्रकार केन्द्र सरकार इन ठाकरे परिवार के करतुतो को रोकने मे असफल हुई है उसे देख कर यह लगता है केन्द्र सरकार को कोई मतलब नही है कि मुम्बई ( बाम्बे ) मे क्या चल रहा है । ताजा खबर यह है कि कई जगह पे हुए हिंसक घटनावो से इन ठाकरे परिवार के लोगो को साफ बरी कर दिया गया है ।

    जब देश कि अखण्डता , प्रभुता चन्द लोगो के वजह से खतरे मे पड जाय तो उस समय या ऐसी स्थिति मे जनता के पास कोई और रास्ता नही बचता है और जो रास्त दिखाई देता है वो है विरोध का ।

    जय भोजपुरी के तरफ से यह एक अनुठी पहल है सोई हुई केन्द्र सरकार को जगाने के लिये , और एक घण्टी बजाने के लिये कि जाग जावो , अगर अब नही जागे तो जनता मजबुर हो जायेगी कुछ ऐसे कदम उठाने के लिये जो शायद ठाकरे जैसे लोगो को जन्म जन्मानतर तक पैदा नही होने देंगी ।

    यह एक प्रयास है पुरे भारतीय का जो यह मानते है कि भारत कभी भी क्षेत्र , भाषा , जाति और धर्म के नाम पर नही बटा है और नही बटेगा ।

    जय हिन्द जय भोजपुरी

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *