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    Homeसाहित्‍यकविताकरते है प्यार कितना,ये बता सकते नहीं हम।

    करते है प्यार कितना,ये बता सकते नहीं हम।

    करते है प्यार कितना,ये बता सकते नहीं हम।
    दिल में जो बसा है,उसे हटा सकते नहीं हम।।

    सांसों में बसे हो तुम,धड़कनों में बसो हो तुम।
    तेरी चाहत को कभी मिटा सकते नहीं हम।।

    प्यासी हूं कब से मै,अब तो आ जाओ सनम।
    मेरी प्यास को कोई बुझा सकता नहीं सनम।।

    न मर सकते है,न जी सकते है अब हम सनम।
    कब दम निकल जाए, ये बता सकते नहीं हम।।

    प्यार किया है मैंने,कोई खता नहीं की मैंने सनम।
    इस खता को तुम,खता बता सकते नहीं सनम।।

    कोई तुलना न प्यार की गहराई किसी से सनम।
    कितना गहरा है मेरा प्यार,बता सकते नहीं हम।।

    आर के रस्तोगी

    आर के रस्तोगी
    आर के रस्तोगी
    जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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