सनातन की अच्छाई धारण कर मानवता बचाई जा सकती

—विनय कुमार विनायक
सनातन धर्म के सारे पंथ मत की अच्छाई को धारण करके
मानवता बचाई जा सकती विश्व में सच्चाई लाई जा सकती
हिन्दू धर्म की खासियत है नारी को देवी माता समझी जाती
छोटी कन्याओं का पूजन कर नारी को मातृ रुप मानी जाती
सनातनी होके नारी को बलात्कार हत्या से बचाई जा सकती!

भगवान बुद्ध महावीर की करुणा अहिंसा मार्ग पर चल करके
धरा में शांति लाई जा सकती मानव की भलाई की जा सकती
विश्व को युद्ध की विभीषिका और तबाही से बचाई जा सकती
सिखों के गुरुजनों से प्रेरणा पाकर देशभक्ति जगाई जा सकती
हिन्दू बौद्ध जैन सिख की दया सहिष्णुता अपनाई जा सकती!

जहाँ सनातनी नहीं वहाँ तनातनी है धर्म के नाम लड़ाई है ठनी
जहाँ सनातनी बंधु बहुसंख्यक वहाँ जीवित है अल्पसंख्यक सभी
सनातन धर्म में ब्रह्मा ही सृष्टिकर्ता,ब्रह्मा से अब्राहम का उत्स
ब्रह्मा की भार्या सरस्वती ही अब्राहम की धर्मपत्नी सरा कहलाती
हिन्दू धर्म से यहूदी,यहूदी ईसा से ईसाई,अब्राहम से ही इस्लामी!

ब्रह्मा को चार मुख है जिसमें तीन सनातनी चौथा है अब्राहमिक
एकमात्र पुष्कर में ब्रह्मा की पूजा होती जिसको पूजते यहूदी भी
अजमेर स्थित पुष्कर मंदिर है तीर्थक्षेत्र हिन्दू और यहूदी का ही
ब्रह्मापुत्र स्वायंभुव मनु से सात मनु,मनु ही नूह अब्राहम संतति

जल प्रलय वैवस्वत मनु; नूह के काल की वैश्विक घटना थी!

विवस्वान सूर्य के पुत्र वैवस्वत मनु जिससे सूर्यवंश चला था
वैवस्वत मनु की पुत्री इला के श्वसुर चंद के नाम से चंद्रवंश
चंद के पुत्र बुध की पत्नी इला से पुरुरवा, पुरुरवा के पुत्र थे
आयु, आयु से नहुष, नहुष से ययाति,ययाति की यदु संतति
यदु से यादव यदुवंश निकला, यदुवंशी कहलाती यहूदी जाति!

महाभारत रण के बाद कुछ यदुवंशी अरब सागर के पार गए
मूसा उनके नेता थे जिनकी जीवन गाथा श्रीकृष्ण से मिलती
मूसा भी श्रीकृष्ण की तरह नील नदी में परित्यक्त राजपुत्र थे
जिन्हें मिस्र के फराहो रानी ने पालन किया,मूसा ने फराहो से
विद्रोह किया कृष्ण जैसा मूसा ने यहूदी लोगों को ज्ञान दिया!

आरंभ में दुनिया के तमाम देशों में सनातन हिन्दू धर्म था छाया
जिसमें स्थानीय समस्याओं से समय-समय में परिवर्तन भी आया
अरबदेश में नबी द्वारा इस्लाम लाने के पूर्व भारत की तरह वहाँ
त्रिदेवी पूजी जाती थी जो है हिन्दू देवियाँ सरस्वती लक्ष्मी पार्वती
काबा का पत्थर कुछ और नहीं मकेश्वर शिवलिंग के प्रति भक्ति!

प्राचीन ईरानी भी वैदिक धर्मी था उनका धर्मग्रंथ अवेस्ता ए जिंद
जिसका अर्थ वेदों का छंद है, वे कहलाते बिल्कुल आर्य के मानिंद
जरस्थुस्थवादी पारसी,जरस्थुस्थ व्यास के समकालीन वैदिक ऋषि
पारसी ने अरब आक्रमण से हार धर्म बदले हो गए मुस्लिम शिया

शिया सुन्नी में अंतर यह है कि सुन्नी मानते नहीं नबी के अलावे,
शिया मानते नबी के वंशज हसन हुसैन को,जो नबी के थे नवासे!

ऐसे ही अफगानिस्तान था सुबल पुत्र शकुनि मामा का गांधार देश
दुर्योधन की माँ गांधारी का मायका जहाँ की प्रजा थी वैदिक धर्मी
जो बाद में बौद्ध हो गई, बामियान में बुद्ध की सबसे बड़ी मूर्ति
इस्लामी आक्रांताओं से हार गांधार हो गया मजहबी मुस्लिम सुन्नी
आक्रांता महमूद गजनबी गोरी नादिर अहमद धर्मांतरित सनातनी!

अब समय आ गया है हर व्यक्तिवादी मजहब विकृति सुधार ले
सनातन का मानवतावाद सत्य अहिंसा दया करुणा प्यार दिखावे
किसी मजहबी श्रेष्ठतावादी कट्टरता त्याग कर मानवतावादी बने
काल्पनिक जन्नत हूर का ख्वाब नहीं देखे आतंक व हिंसा छोड़ दे
सभी धर्मों का सार ग्रहण कर अगली पीढ़ी के ज्ञान में विस्तार दे!
—विनय कुमार विनायक

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